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विदेश

युद्धपोत डूबने का बदला? ईरान ने साधा अमेरिकी टैंकर पर निशाना, इलाके में बढ़ा तनाव

तेहरान
युद्धपोत को डुबोए जाने का ईरान ने बदला ले लिया है।  ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने सरकारी टेलीविजन पर दिए गए एक बयान में कहा कि अमेरिकी जहाज फारस की खाड़ी के उत्तर में एक मिसाइल से टकराया और अभी उसमें आग लगी हुई है। श्रीलंकाई तट के पास युद्धपोत डुबोए जाने से ईरान अमेरिका पर भड़का हुआ है। भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत को अमेरिका ने बुधवार को हमला करके हिंद महासागर में डुबो दिया था। इस हमले में कई ईरानी नागरिकों की मौत हो गई। इससे भड़के ईरान ने गुरुवार को बड़ा बदला लिया है। ईरान के सरकारी टीवी ने दावा किया है कि ईरान ने खाड़ी में एक अमेरिकी तेल टैंकर पर मिसाइल से बड़ा हमला किया है। यह इस इलाके में एनर्जी इंडस्ट्री पर ईरान का सबसे नया हमला है। इस हमले के बाद तेल टैंकर पर आग लग गई।

खबर के अनुसार, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने सरकारी टेलीविजन पर दिए गए एक बयान में कहा कि जहाज फारस की खाड़ी के उत्तर में एक मिसाइल से टकराया था और अभी उसमें आग लगी हुई है। हालांकि, इस घटना की अभी अमेरिका की ओर से पुष्टि नहीं हुई है। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पूरी तरह से कब्जा किया हुआ है और चीनी जहाज के अलावा किसी को भी वहां से गुजरने की अनुमति नहीं दी हुई है। इससे पहले भी ईरान ने कई अन्य तेल टैंकरों पर भी हमला किया था।

इससे पहले, ईरान ने गुरुवार सुबह इजरायली और अमेरिकी बेस पर हमलों की एक नई लहर शुरू की और धमकी दी कि अमेरिका को हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत पर टॉरपीडो से हमला करने का बहुत पछतावा होगा। एक धार्मिक नेता ने ट्रंप का खून मांगा, जबकि इजरायल ने कहा कि उसने तेहरान पर बड़े पैमाने पर हमला शुरू कर दिया है। इजरायल ने कई आने वाले मिसाइल हमलों की घोषणा की और तेल अवीव और यरुशलम में हवाई सायरन बजाए गए। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने कहा कि और हमलों में अमेरिकी बेस को भी निशाना बनाया गया। इजरायली सेना ने कहा कि उसने लेबनान में ईरान के समर्थन वाले हिज्बुल्लाह मिलिटेंट ग्रुप पर टारगेटेड हमले किए, जो ईरान की राजधानी में इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों की एक बड़ी लहर है, लेकिन उसने ज्यादा जानकारी नहीं दी। थोड़ी देर बाद तेहरान में कई जगहों पर धमाके सुने गए।

बता दें कि अमेरिकी नेवी ने मंगलवार रात हिंद महासागर में ईरानी फ्रिगेट IRIS डेना को डुबो दिया, जिसमें कम से कम 87 ईरानी नाविक मारे गए, जिसे ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने गुरुवार को समुद्र में ज़ुल्म बताया। अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को युद्ध शुरू किया है, जिसमें ईरान की लीडरशिप को टारगेट किया गया और ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को मार डाला गया। अधिकारियों के अनुसार, इस युद्ध में अब तक ईरान में 1,000 से ज्यादा लोग, लेबनान में 70 से ज्यादा और इजरायल में लगभग एक दर्जन लोग मारे गए हैं। इसने दुनिया के तेल और गैस की सप्लाई में रुकावट डाली है, इंटरनेशनल शिपिंग में रुकावट डाली है और मिडिल ईस्ट में लाखों यात्री फंस गए हैं।

 

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