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विदेश

IRIS Dena पर सस्पेंस: भारत से जुड़ाव की चर्चा के बीच अमेरिका की कार्रवाई से मचा हड़कंप

वाशिंगटन
अमेरिकी हमले का शिकार हुई ईरानी IRIS Dena को ईरान ने भारत का मेहमान बताया था। हालांकि, भारतीय नौसेना के साथ अभ्यास करने और विदा होने की तारीख अलग इशारा कर रही हैं। ईरान ने आरोप लगाए हैं कि अमेरिका ने भारत के मेहमान पर बगैर चेतावनी हमला कर दिया था। हाल ही में अमेरिकी स्ट्राइक में IRIS Dena डूब गई थी, जिसमें करीब 80 लोगों की मौत हो गई थी।

कब आया भारत और कब निकला
सूत्रों ने बताया है कि 28 फरवरी को युद्ध छिड़ने के बाद जहाज ने भारत से मदद नहीं मांगी थी। IRIS Dena 16 फरवरी से 25 फरवरी तक चले वाइजैग में IFR यानी इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू का हिस्सा बनी थी। खास बात है कि अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की शुरुात 28 फरवरी को की थी।

भारतीय मेहमान थी या नहीं
इस लिहाज से ईरानी जहाज 25 फरवरी के बाद भारतीय क्षेत्र के बाहर था और विदा होने के बाद अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में था। अखबार को सूत्रों ने बताया कि जहाज और उसमें शामिल लोग 16 फरवरी से 25 फरवरी के बीच भारतीय मेहमान थे। इसके बाद जहाज ने भारत किसी भी तरह की कोई मदद की मांग नहीं की थी।

खास बात है कि अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ भी पोत पर हमले की पुष्टि कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह किसी दुश्मन युद्धपोत को टॉरपीडो से डुबोने की पहली घटना है।

ईरान ने बताया था भारतीय मेहमान
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा, 'लगभग 130 नाविकों को ले जा रहे और भारत की नौसेना के अतिथि पोत 'फ्रिगेट देना' पर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में बिना किसी चेतावनी के हमला किया गया। मेरी बात याद रखना- अमेरिका ने जो उदाहरण पेश किया है, उसे उस पर अत्यधिक पछतावा होगा।'

ईरान के सबसे नए युद्धपोतों में से एक, आईरिस देना, मौदगे श्रेणी का एक फ्रिगेट है जो ईरानी नौसेना के लिए समुद्र में गश्त करता है। यह भारी तोपों, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों, पोत-रोधी मिसाइलों और टॉरपीडो से लैस था। पोत पर एक हेलीकॉप्टर भी था।

श्रीलंका ने बचाया
बुधवार को विदेश मंत्री विजिथा हेराथ ने संसद को बताया कि श्रीलंका की नौसेना को सूचना मिली थी कि 180 लोगों को ले जा रहा पोत 'इरिस देना' संकट में है, जिसके बाद श्रीलंका ने बचाव अभियान के लिए अपने पोतों और वायुसेना के विमानों को भेजा।

 

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