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देश

राजस्थान BJP ने पंचायत चुनाव में जीत का बनाया फॉर्मूला

जयपुर.

राजस्थान में 'गांव की सरकार' चुनने का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। प्रदेश की 14 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में होने वाले चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी बिसात बिछा दी है। बता दें कि सत्ता और संगठन ने मिलकर एक ऐसी 'सीक्रेट रणनीति' तैयार की है, जिसका मकसद न केवल जीत हासिल करना है, बल्कि विपक्ष के किलों को भी ढहाना है। अब बस इंतजार है तो राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा चुनावी तारीखों के औपचारिक एलान का।

राठौड़, चतुर्वेदी और तिवाड़ी संभालेंगे मोर्चा
बीजेपी ने इस बार पंचायत चुनावों की जिम्मेदारी अपने सबसे अनुभवी और रणनीतिकार नेताओं को सौंपी है। पार्टी ने जिला परिषद और पंचायत चुनाव समितियों के नाम फाइनल कर लिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, इन प्रमुख नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। इन नेताओं ने ही परिसीमन और पुनर्गठन को लेकर पार्टी की सिफारिशें तैयार की हैं। ताकि चुनावों में बीजेपी को अधिकतम भौगोलिक और राजनीतिक लाभ मिल सके।

  • राजेंद्र राठौड़ (पूर्व नेता प्रतिपक्ष): जमीनी राजनीति के माहिर खिलाड़ी।
  • अरुण चतुर्वेदी (अध्यक्ष, राज्य वित्त आयोग): संगठन और सत्ता के बीच समन्वय के विशेषज्ञ।
  • घनश्याम तिवाड़ी (राज्यसभा सांसद): नीतिगत और कानूनी बारीकियों के जानकार।

CM भजनलाल शर्मा का 'संभाग प्लान'
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा खुद इन चुनावों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने सभी संभागों के प्रमुख नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। इन बैठकों का एकमात्र एजेंडा पंचायत चुनाव 2026 था। मुख्यमंत्री का जोर इस बात पर है कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधा मतदान केंद्र तक पहुंचे।

विस्तारकों ने टटोली जनता की नब्ज
रणनीति बनाने से पहले बीजेपी ने हर विधानसभा स्तर पर 'विस्तारक' तैनात किए थे। इन विस्तारकों का काम केवल पार्टी के कार्यक्रम चलाना नहीं था, बल्कि जमीन पर जनता की नाराजगी और उम्मीदों को समझना था। विस्तारकों की ग्राउंड रिपोर्ट के आधार पर ही प्रत्याशियों के चयन और प्रचार के मुद्दों का खाका खींचा गया है।

अगले महीने बज सकता है चुनावी बिगुल
राज्य निर्वाचन आयोग ने फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी है। इस बार 4.02 करोड़ से ज्यादा मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। प्रदेश की 41 जिला परिषदों, 457 पंचायत समितियों और 14,403 ग्राम पंचायतों में अगले महीने चुनाव होने की पूरी संभावना है।

कार्यकाल का गणित: कब-कहां होंगे चुनाव?
वर्तमान में 12 जिला परिषदों और 130 पंचायत समितियों का कार्यकाल अभी बाकी है, जो अलग-अलग चरणों में पूरा होगा। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही चुनाव आयोग कार्यक्रम जारी करेगा, वैसे ही प्रभारी और उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी जाएगी।

  1. 5 सितंबर तक: 6 जिला परिषद और 78 पंचायत समितियों का समय पूरा होगा।
  2. 29 अक्टूबर तक: 2 जिला परिषद और 22 पंचायत समितियों का कार्यकाल खत्म होगा।
  3. 22 दिसंबर तक: 4 जिला परिषद और 30 पंचायत समितियों का कार्यकाल पूरा होगा।

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