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देश

8वें वेतन आयोग में बदलाव, केंद्रीय कर्मचारियों के लिए यह स्कीम हो सकती है नई

नई दिल्ली
 केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार है। वेतन आयोग की सिफारिशें 18 से 20 महीने में लागू होने की उम्मीद है। इससे पहले, वेतन आयोग के सामने डिमांड लिस्ट सौंपने का सिलसिला जारी है। ऐसी ही एक डिमांड केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS) से जुड़ी है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का सबसे बड़ा सहारा मानी जाने वाली इस योजना में बड़े बदलाव की उम्मीद है।
क्या हो सकता है बदलाव?

दरअसल, केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना में स्वास्थ्य सुविधाओं के तहत CGHS से वंचित शहरों में कर्मचारियों को वर्तमान में 1,000 रुपये मासिक भत्ता मिलता है। हालांकि, नेशनल काउंसिल(स्टाफ साइड), NC-JCM की 25 फरवरी 2026 को हुई बैठक में इसमें बदलाव की मांग की गई है। कर्मचारी संगठनों ने इसे बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रति माह करने की मांग की है।
क्यों अहम है CGHS का मुद्दा?

CGHS के तहत सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों को पैनल अस्पतालों में कैशलेस इलाज, ओपीडी परामर्श, दवाइयां और डायग्नोस्टिक सेवाएं मिलती हैं। पिछले कुछ वर्षों में निजी अस्पतालों के पैकेज रेट, महंगी दवाइयों और सुपर-स्पेशलिटी उपचार की लागत तेजी से बढ़ी है। ऐसे में आठवां वेतन आयोग महंगाई और वास्तविक खर्च के अनुरूप वेतन संरचना तय करता है, तो स्वास्थ्य कवर की सीमा और योगदान राशि में बदलाव स्वाभाविक माना जा रहा है।
संभावित बदलाव क्या हो सकते हैं?

वर्तमान में CGHS योगदान वेतन स्तर के अनुसार तय होता है। कर्मचारियों के संगठनों की मांग है कि पैनल अस्पतालों की संख्या बढ़े और पैकेज रेट समय-समय पर संशोधित हों। वहीं, स्वास्थ्य लाभों का दायरा बढ़ाने पर भी विचार हो सकता है।

CGHS कार्ड, ऑनलाइन अपॉइंटमेंट और ई-रिफरल सिस्टम को और सरल बनाने की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है। नई वेतन आयोग की सिफारिशों में प्रशासनिक सुधार और टेक्नोलॉजी अपग्रेड का रोडमैप भी शामिल किया जा सकता है। बुजुर्ग पेंशनरों के लिए क्रॉनिक बीमारियों, होम-केयर और टेलीमेडिसिन सुविधाओं का विस्तार भी एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। इसको लेकर भी कोई मॉडल बनाया जा सकता है।

पिछले साल हुआ गठन

बता दें कि बीते साल सरकार ने आठवें वेतन आयोग गठन का ऐलान किया था। इसके लिए नवंबर महीने में समिति को गठित किया था। वहीं, फरवरी 2026 में वेतन आयोग ने एक वेबसाइट लॉन्च किया है। वेतन आयोग ने हितधारकों से अपनी वेबसाइट पर पोस्ट किए गए 18 प्रश्नों पर प्रतिक्रिया देने का अनुरोध किया है।

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