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छत्तीसगड़

बीजापुर में सुरक्षा बलों ने 2 नक्सलियों को ढेर किया, अन्वेष और उसके 12 साथियों ने किया सरेंडर

जगदलपुर/बीजापुर

ओडिशा में माओवादी नेता ने अपने एक साथी को सरेंडर करने से रोकने के लिए उसकी हत्या कर दी और उसके शव को कंधमाल जिले के एक जंगल में दफना दिया। पुलिस ने बताया कि इस घटना का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित की लाश दारिंगबाड़ी पुलिस स्टेशन की सीमा के तहत अरबाडू जंगल में मिली। छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य ओडिशा के कंधमाल जिले में एक नक्सली को उसके ही साथियों ने गोली मारकर दफना दिया। अन्वेष 22 लाख का इनामी था। वह अपने 12 साथियों के साथ जल्द ही आत्मसमर्पण करने वाला था। उससे पहले ही उसकी हत्या कर दी गई।

जांगला थाना क्षेत्र के इंद्रावती नदी के जैगुर-डोडुम के जंगलों में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम सर्चिंग के लिए निकली थी। जवानों को देखते ही नक्सलियों ने फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने भी गोलियां दागी। ढेर हुए नक्सलियों में एक महिला नक्सली भी शामिल है।

सरेंडर करना चाहता था रेणु
पुलिस ने बताया कि रेणु की हत्या कथित तौर पर 29 जनवरी को सुकरू ने की थी, जो अभी केकेबीएन डिवीजन का हेड है। उन्होंने बताया कि रेणु के सरेंडर करने का इरादा जताने के बाद सुकरू ने उसकी हत्या कर दी थी। रेणु की बॉडी को जंगल में गहरे दफना दिया गया था। यह मामला तब सामने आया जब सरेंडर करने वाले एक माओवादी ने पूछताछ के दौरान कथित हत्या के बारे में बताया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि हमने दरिंगबाड़ी पुलिस स्टेशन में सुकरू के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है और जांच शुरू की है। उन्होंने बताया कि बॉडी को पोस्ट-मॉर्टम के लिए बरहामपुर के एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल भेज दिया गया है।

जानिए कैसे सरेंडर करने से रोकते थे माओवादी
पुलिस ने बताया कि इस हत्या से पता चलता है कि कैसे बड़े माओवादी नेता सिस्टमैटिक तरीके से कैडर को सरेंडर करने से रोकते थे और हथियार डालने की कोशिश करने वालों को मार भी देते थे। उन्होंने बताया कि कई क्राइम सिंडिकेट में ये आम बात है। पुलिस ने रविवार को रायकिया पुलिस स्टेशन के तहत नंदबली रिजर्व फॉरेस्ट में एक ऑपरेशन चलाया था। इस ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने दो माओवादियों को मार गिराया था। इस पूरी कार्रवाई के तीन दिन बाद पुलिस ने शव की बरामदगी की थी। पुलिस को मौके से हथियारों, गोला-बारूद और माओवादी सामान का एक जखीरा भी मिला था।

पुलिस ने परिवार को सौंपा शव
बुधवार को पुलिस ने कानूनी फॉर्मैलिटी पूरी करने के बाद दोनों माओवादियों की बॉडी उनके परिवारों को सौंप दीं। बॉडी लेने के लिए रिश्तेदार छत्तीसगढ़ से फूलबनी आए थे। एक पुलिस ऑफिसर ने बताया कि हमने परिवारों को बॉडी उनके घर ले जाने में मदद करने के लिए एक एम्बुलेंस और पैसे की मदद दी। पुलिस ने बताया कि केंद्र द्वारा निर्धारित 31 मार्च की डेडलाइन को पूरा करने के लिए वे पूरी लगने से काम कर रहे हैं। 

इंसास राइफल, बोर बंदूके जब्त

एसपी डॉ. जितेंद्र यादव ने बताया कि मुठभेड़ के बाद चलाए गए सर्च अभियान में दो वर्दीधारी माओवादियों के शव बरामद हुए। मौके से एक SLR, एक इंसास राइफल, एक 12 बोर राइफल, विस्फोटक सामग्री और दैनिक उपयोग के सामान भी जब्त किए गए हैं।

पड़ोसी राज्य में नक्सली की हत्या

26 फरवरी को ओडिशा के कंधमाल जिले में नक्सली को उसके ही साथियों ने मार डाला। पुलिस के मुताबिक, अन्वेष दरिंगबाड़ी थाना क्षेत्र के पाकरी रिजर्व फॉरेस्ट में केकेबीएन ग्रुप के एरिया पार्टी कमांडर था। अन्वेष समर्पण की तैयारी में था। इसी शक में उसे मारकर जंगल में दफना दिया गया।

मोस्ट वांटेड नक्सली सुकुरु और अन्य साथियों ने वारदात को अंजाम दिया है। हत्या से पहले दोनों पक्षों में विवाद भी हुआ था। कंधमाल एसपी हरीशा बीसी ने घटना को संगठन की अंदरूनी कलह बताया है। उन्होंने कहा कि, जो लोग अभी भी संगठन में हैं, वे सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर सामान्य जीवन में लौटें।

कांकेर में डीवीसीएम मासे ने डाले हथियार

कांकेर के छिंदपदर गांव से माओवादी डीवीसीएम मासे बारसा ने एके 47 के साथ पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। मासे साल 2003 से दण्डकारणय, अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर में माओवाद संगठन में सक्रिय थी। 26 फरवरी को उसने जंगल के रास्ते हाथों में AK-47 लेकर कांकेर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

6 फरवरी को 7 नक्सली मारे गए थे

इससे पहले 6 फरवरी को छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर पुलिस और नक्सलियों के बीच हुए मुठभेड़ में 7 नक्सली ढेर हुए थे। इनमें 3 महिला नक्सली शामिल थे। वहीं महाराष्ट्र का एक जवान शहीद हो गया था, 1 अन्य जवान घायल था।

नक्सलियों की ओर से फायरिंग में गोली कॉन्स्टेबल दीपक चिन्ना मदावी (38 साल) को जा लगी। उन्हें तुरंत एयरलिफ्ट कर भामरागड़ के अस्पताल लाया गया था। जहां ऑपरेशन के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया था।

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