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विदेश

अमेरिका में टैरिफ विवाद खत्म! ट्रंप का फैसला, अब नहीं लगेगा अवैध टैक्स, जानें कब से लागू

वाशिंगटन
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के बड़े फैसले के बाद अब अमेरिका अवैध टैरिफ की वसूली रोकने जा रहा है। अमेरिका की कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन एजेंसी इसका ऐलान किया है। कस्टम एजेंसी ने कहा है कि वह इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनोमिक पॉवर्स एक्ट यानी IEEPA के तहत लगाए गए टैरिफ की वसूली मंगलवार रात 12:01 बजे EST (0501 GMT) से बंद कर देगी। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के तीन दिन बाद उठाया गया है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा लगाए गए इन टैरिफ को गैरकानूनी घोषित कर दिया गया था।

एजेंसी ने शिपर्स को अपने कार्गो सिस्टम मैसेजिंग सर्विस (CSMS) के जरिए भेजे गए संदेश में बताया है कि मंगलवार से ट्रंप के पहले के IEEPA से जुड़े सभी टैरिफ कोड निष्क्रिय कर दिए जाएंगे। यानी इन आदेशों से जुड़े किसी भी टैरिफ की वसूली अब नहीं होगी। IEEPA टैरिफ की वसूली रोकने का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा शुक्रवार को रद्द किए गए टैरिफ की जगह दूसरे कानूनी प्रावधान के तहत नया 15 फीसदी ग्लोबल टैरिफ लागू किया है। हालांकि कस्टम्स एजेंसी के संदेश में आयातकों को संभावित रिफंड के बारे में भी कोई जानकारी नहीं दी।

संदेश में साफ किया गया है कि यह रोक ट्रंप द्वारा लगाए गए अन्य टैरिफ पर लागू नहीं होगी। इसमें सेक्शन 232 के तहत राष्ट्रीय सुरक्षा आधार पर लगाए गए टैरिफ और सेक्शन 301 के तहत अनुचित व्यापार व्यवहार से जुड़े टैरिफ शामिल हैं। एजेंसी ने कहा, “CBP जरूरत पड़ने पर CSMS संदेशों के जरिए ट्रेड कम्युनिटी को अतिरिक्त दिशा-निर्देश देगा।” रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद IEEPA टैरिफ से अमेरिकी ट्रेजरी को मिले 175 अरब डॉलर से ज्यादा राजस्व पर संभावित रिफंड का सवाल खड़ा हो गया है।

इससे पहले अमेरिका के उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को अपने फैसले में कहा था कि राष्ट्रपति ट्रंप ने 'अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम' का उपयोग करके टैरिफ लगाकर अपने अधिकारों का उल्लंघन किया है। कोर्ट के अनुसार टैरिफ लगाने की शक्ति मुख्य रूप से कांग्रेस (अमेरिकी संसद) के पास है। सुप्रीम कोर्ट की नौ सदस्यीय पीठ में यह निर्णय 6-3 के बहुमत से दिया गया। फैसला आने के तुरंत बाद ट्रंप ने दुनिया भर के देशों पर दस प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया था।

उच्चतम न्यायालय के झटके के बाद ट्रंप ने एक नए कानून का सहारा लिया। इस धारा 122 कहती है कि राष्ट्रपति 'गंभीर भुगतान संतुलन घाटे' को सुधारने के लिए 15 प्रतिशत तक का आयात शुल्क लगा सकते हैं, लेकिन ये टैरिफ केवल 150 दिनों के लिए प्रभावी रह सकते हैं। इसे आगे बढ़ाने के लिए कांग्रेस की मंजूरी अनिवार्य होगी।

 

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