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छत्तीसगड़

बिजली व्यवस्था होगी और मजबूत, उपकेंद्र अपग्रेड से उपभोक्ताओं को राहत

रायपुर

ओवरलोड से राहत, अब 63 एमवीए का दूसरा ट्रांसफार्मर शुरू

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश के परिपालन में महासमुंद जिले के बागबाहरा क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को और अधिक स्थिर व भरोसेमंद बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड ने 132/33 केवी उपकेंद्र बागबाहरा में 40 एमवीए क्षमता वाले पुराने पावर ट्रांसफार्मर की जगह 63 एमवीए का नया पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर उसका ऊर्जीकरण कर दिया है। खास बात यह है कि यह इस उपकेंद्र का दूसरा 63 एमवीए ट्रांसफार्मर है। 

पहले यहां 63 एमवीए और 40 एमवीए के ट्रांसफार्मर लगे थे, जिससे कुल क्षमता 103 एमवीए थी। अब 40 एमवीए ट्रांसफार्मर को हटाकर 63 एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाए जाने से उपकेंद्र की कुल स्थापित क्षमता बढ़कर 126 एमवीए हो गई है। पिछले साल पीक लोड सीजन में यहां करीब 90 एमवीए तक लोड दर्ज किया गया था, जिससे ओवरलोड की स्थिति बनने लगी थी। नई क्षमता जुड़ने के बाद अब ओवरलोड की समस्या से राहत मिलेगी और बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर रहेगी।

बागबाहरा उपकेंद्र को 132 केवी परसवानी और 132 केवी झलप से विद्युत आपूर्ति होती है। यहां से 33 केवी के नौ फीडरों क्रमशः बागबाहरा (महासमुंद), टेमरी, सुनसुनिया, गोयनबहरा, टाउन, तेंदुकोना, मुंगसेर और खलारी के माध्यम से 150 से अधिक गांवों में बिजली पहुंचाई जाती है। क्षेत्र में उन्नत खेती, कृषि आधारित उद्योगों और अन्य औद्योगिक इकाइयों की संख्या बढ़ रही है, ऐसे में क्षमता वृद्धि से इन सभी को सीधा लाभ मिलेगा।

कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने नए ट्रांसफार्मर का ऊर्जीकरण कर आपूर्ति प्रारंभ की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कंपनी अध्यक्ष सुबोध कुमार सिंह के मार्गदर्शन में प्रदेश के पारेषण नेटवर्क को मजबूत करने के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं। खासकर आदिवासी, वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। क्षमता बढ़ने से अब क्षेत्र के किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं और उद्योगों को बेहतर व गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति मिल सकेगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

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