<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
उत्तर प्रदेश

धारा पॉक्सो के तहत शंकराचार्य अविमुक्तेश्वानंद के खिलाफ पुलिस ने की कानूनी कार्रवाई

प्रयागराज
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर पुलिस फास्ट हो गई है। शंकराचार्य के खिलाफ कोर्ट के आदेश देने के कुछ घंटे बाद ही पॉक्सो एक्ट में झूंसी थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। एफआईआर में अविमुक्तेश्वरानंद को नामजद करते हुए नाबालिग बच्चों के साथ यौन शोषण और धमकाने का आरोप लगाया गया है। अविमुक्तेश्वरानंद के साथ ही उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी और तीन अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। न्यायालय ने आशुतोष ब्रह्मचारी के प्रार्थना पत्र शनिवार को अविमुक्तेश्वरानंद व अन्य पर केस दर्ज करने का आदेश दिया था। इसके बाद शनिवार की ही देर रात झूंसी थाने में केस रजिस्टर्ड कर लिया गया।

जगदगुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी ने शंकराचार्य के खिलाफ नाबालिगों का शोषण करने का आरोप लगाया था। उन्होंने न्यायालय में दो नाबालिग लड़कों का बयान भी दर्ज करवाया था। बकायदे कैमरे के सामने दोनों लड़कों ने बयान दिए थे। आशुतोष ब्रह्मचारी की तहरीर के मुताबिक, माघ मेला में उनके शिविर में आयोजित अनुष्ठान के दौरान दो नाबालिग लड़के आए। आरोप है कि दोनों लड़कों ने खुद को अविमुक्तेश्वरानंद का शिष्य बताते हुए उनके साथ यौन शोषण होने की जानकारी दी। दोनों लड़कों के साथ महाकुंभ 2025 और माघ मेला 2026 में कई बार जबरन यौन शोषण किया गया। विरोध करने पर दोनों लड़कों को डराया धमकाया जाता रहा।

आशुतोष ब्रह्मचारी का आरोप है कि 24 जनवरी को इसे लेकर झूंसी थाने में तहरीर दी गई। इसके अलावा 25 जनवरी को पुलिस आयुक्त और 27 जनवरी को पुलिस अधीक्षक माघ मेला को प्रार्थना पत्र दिया गया। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। शनिवार को विशेष कोर्ट ने शंकराचार्य के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया। झूंसी थाना प्रभारी महेश मिश्रा ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर अविमुक्तेश्वरानंद और मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ नामजद व तीन अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना की जा रही है।

क्या है कोर्ट का आदेश
प्रयागराज के विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट विनोद कुमार चौरसिया ने आशुतोष ब्रह्मचारी के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद शनिवार को शंकराचार्य के खिलाफ केस का आदेश दिया था। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आशुतोष ब्रह्मचारी के प्रार्थना पत्र, पीड़ित ए व पीड़ित बी के बयान, स्वतंत्र गवाहों के बयान और प्रयागराज के एडिशनल पुलिस कमिश्नर की जांच रिपोर्ट को ध्यान से और पूरी तरह से देखने पर यह पता चलता है कि आरोपियों पर पीड़ित ए व पीड़ित बी के साथ ही दूसरों से यौन शोषण के गंभीर आरोप हैं।

अदालत ने कहा कि यह बताया गया है कि आरोप पॉक्सो एक्ट 2012 और भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत सज़ा वाले संज्ञेय अपराधों से जुड़े हैं। यह भी पता चला है कि पीड़ितों और दूसरे गवाहों के बयान रिकॉर्ड करने के साथ सबूत इकट्ठा करने और उन्हें रिकवर करने की ज़रूरत पड़ सकती है। इसके साथ ही यह भी लगता है कि इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और दूसरे फोरेंसिक सबूत अगर कोई हों तो उन्हें इकट्ठा करने और उनकी जांच करने की ज़रूरत पड़ सकती है, और ऐसे सबूतों के असली होने का वेरिफिकेशन कानून के मुताबिक फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी से कराना पड़ सकता है।

प्रार्थना पत्र में उल्लिखित लोगों के अलावा दो से तीन अनजान लोग भी इस घटना में शामिल बताए गए हैं और उनकी पहचान व भूमिका की जांच की ज़रूरत बताई गई है। इसके अलावा झूंसी थाना प्रभारी व प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर को दी गई अर्जी से यह भी पता चलता है कि उसमें गंभीर संज्ञेय अपराधों का खुलासा होने का आरोप था।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button