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राजनीति

INDIA ब्लॉक में नेतृत्व बदलाव की मांग तेज, राहुल गांधी हटें—ममता बनर्जी को आगे लाने की पैरवी

नई दिल्ली
भारतीय राजनीति में इस समय पर सत्ताधारी पार्टी भाजपा के पास एक चेहरा प्रधानमंत्री मोदी के रूप में मौजूद है। लेकिन सामने की तरफ बिखरा हुआ विपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है। हालांकि, समय- समय पर इस पद को लेकर सवाल उठते रहे हैं। अब पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सलाहकार ने विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक के नेतृत्व को लेकर ममता बनर्जी का नाम आगे बढ़ाया है। उन्होंने लिखा कि वर्तमान समय में ममता बनर्जी ही एक ऐसी नेता है जो एक राजनीतिक दल और सरकार दोनों का नेतृत्व कर रही हैं। वह राष्ट्रीय और क्षेत्रीय नेताओं के बीच में एक अलग पहचान रखती हैं।

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार रहे संजय बारू ने टेलीग्राफ में लिखे अपने लेख में ममता को एक कद्दावर नेत्री करार दिया। उन्होंने कहा कि वह पूरी तरह से अपनी ताकत से उभरी हैं, और पहली पीढ़ी की नेता है, जो कि उन्हें और भी ज्यादा लोकप्रिय बनाता है। इतना ही नहीं बारू ने कांग्रेस नेतृत्व के ऊपर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी-मनमोहन सिंह मॉडल को राहुल और खरगे के साथ दोहराने का कोई खास लाभ भी पार्टी और इंडिया ब्लॉक को नहीं हुआ है। ऐसे में अब ममता को नेतृत्व संभालना चाहिए।

एक महिला प्रधानमंत्री का समय
बारू ने लिखा कि काफी समय हो गया है कि अब देश को एक महिला प्रधानमंत्री मिलना चाहिए। उन्होंने लिखा, "यह देखते हुए कि सत्ताधारी भाजपा एक पुरुष प्रधान पार्टी है, अगर विपक्षी गठबंधन का नेतृत्व किसी महिला नेत्री के हाथ में हो तो यह महिला सशक्तिकरण का एक मजबूत आधार होगा। इससे भाजपा के महिला मतदाताओं में सेंध लग सकती है। वैसे भी काफी समय हो गया है, जब हमारे पास महिला प्रधानमंत्री रही हो।" गौरतलब है कि आजाद भारत के इतिहास में केवल इंदिरा गांधी ही भारत की महिला प्रधानमंत्री रही हैं। बारू के इस लेख को तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने भी शेयर किया। उन्होंने लिखा,"एक विचार ऐसा भी जिसका समय आ गया है।'

भारत की राजनीति में कांग्रेस भले ही अभी कमजोर स्थिति में हो लेकिन उसके सामने कोई भी नेता अभी इतनी मजबूत स्थिति में नहीं आया है। ममता बनर्जी का पश्चिम बंगाल में एक मजबूत आधार है, लेकिन दूसरे राज्यों में उनकी खास पहचान नहीं है। इसके अलावा विरोधी प्रचार की वजह से आम जनमानस के मन ममता की छवि एक तुष्टिकरण की राजनीति करने वाली महिला नेता के तौर पर बनी हुई है, जबकि राहुल गांधी अभी भी एक मजबूत राष्ट्रीय नेता के तौर पर उभर रहे हैं। कई राज्यों में कांग्रेस का एक मजबूत आधार है। ऐसे में भले ही ममता का नाम आगे बढ़ाया जा रहा हो, लेकिन इसका कोई मजबूत आधार नजर नहीं आता।

 

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