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मध्यप्रदेश

इंदौर में आईईटी में रैगिंग के लिए उकसाने वाले प्रथम वर्ष के चार विद्यार्थी होंगे निष्कासित

इंदौर.

इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) ने रैगिंग को लेकर रिपोर्ट तैयार कर ली है, जिसमें प्रथम वर्ष के चार विद्यार्थियों पर सख्त कार्रवाई की गई है। इन्हें सीनियर को रैगिंग दिए जाने को लेकर सहपाठियों पर दबाव बनाने का दोषी पाया गया है। एंटी रैगिंग कमेटी (एआरसी) ने चार विद्यार्थियों को कोर्स से बाहर करने का फैसला लिया है।

रिपोर्ट में निष्कासन की अनुशंसा की गई है। जबकि 11 विद्यार्थियों को हॉस्टल से बाहर कर दिया गया है। इन पर अर्थदंड भी लगाया गया है। रैगिंग की रिपोर्ट कुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई को भेज दी गई। करीब दो सप्ताह पहले प्रथम वर्ष के कुछ विद्यार्थियों ने रैगिंग की शिकायत दर्ज कराई थी। बताया गया था कि डी हॉस्टल में कुछ छात्र जूनियर्स पर दबाव बनाते हैं। आरोप था कि उन्हें सीनियर्स के पास जाकर जबरन परिचय देने के लिए उकसाया जाता है। इतना ही नहीं, सिगरेट पीने के लिए भी मजबूर किया जाता है।

बैच आउट कर दिया जाता है
इन्कार करने पर विद्यार्थियों को ‘बैच आउट’ कर दिया जाता है। 'बैच आउट' यानी ऐसे विद्यार्थियों को सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों से दूर रखा जाता है। उन्हें सीनियर्स के सामने सिर झुकाकर और हाथ जोड़कर बात करने को कहा जाता है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संस्थान ने तुरंत जांच शुरू कर दी। शिकायत के अलावा एंटी रैगिंग कमेटी ने ऑडियो रिकॉर्डिंग की भी जांच की। इसमें प्रथम वर्ष के कुछ विद्यार्थी अपने सहपाठियों को रैगिंग देने के लिए उकसाते हुए पाए गए। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ द्वितीय वर्ष के विद्यार्थी भी इस पूरे मामले में शामिल थे। करीब दो सप्ताह की जांच के बाद कमेटी ने करीब 15 विद्यार्थियों को दोषी पाया। इनमें से चार प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों पर गंभीर आरोप साबित हुए। कमेटी ने इन्हें बीटेक कोर्स से बाहर करने की सिफारिश की है। रिपोर्ट कुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई को भेज दी गई है। अगले सप्ताह इस मुद्दे पर बैठक बुलाई गई है, जिसमें अंतिम फैसला लिया जाएगा।

जुर्माना भी लगाया
बीटेक के प्रथम व द्वितीय वर्ष के आठ विद्यार्थी ऐसे हैं, जो रैगिंग का समर्थन करते हैं। इन पर भी कमेटी ने सख्त कार्रवाई की है। भले ही इन्हें कोर्स से बाहर नहीं किया गया है, मगर इन विद्यार्थियों को हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया है। साथ ही दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। नोटिस मिलने के सात दिनों के भीतर विद्यार्थियों को अर्थदंड की राशि जमा करना है। समयावधि निकलने के बाद विद्यार्थियों पर अर्थदंड के साथ ही जुर्माना भी लगाया जाएगा। प्रतिदिन 100 रुपये रखा गया है। तीन विद्यार्थियों को पूर्व में भी रैगिंग में शामिल होना पाया गया था। इन पर दस हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया है और कैम्पस प्लेसमेंट की गतिविधियों से बाहर कर दिया गया है।

यूजीसी को भी भेजी रिपोर्ट
आईईटी के निदेशक डॉ. प्रतोष बसंल का कहना है कि रैगिंग को लेकर कमेटी ने रिपोर्ट तैयार की है। चार विद्यार्थियों को कोर्स से बाहर करने की अनुशंसा की है। कुछ विद्यार्थियों को हॉस्टल और प्लेसमेंट से बाहर किया गया है। कुलगुरु और यूजीसी को रिपोर्ट भेज दी गई है। विश्वविद्यालय के अब फैसले के बाद कार्रवाई की जाएगी।

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