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छत्तीसगड़

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सान्निध्य में 6,412 जोड़ों का विवाह

रायपुर.

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना छत्तीसगढ़ में सामाजिक समरसता, अंत्योदय और संवेदनशील शासन की भावना को साकार करने वाली ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि एक समय गरीब परिवारों के लिए बेटी का विवाह बड़ी चिंता का विषय होता था, जिसे इस योजना ने सम्मान और भरोसे में बदल दिया है। मुख्यमंत्री  साय राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक विवाह कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : सामाजिक समरसता का विश्व रिकॉर्ड

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की उपस्थिति में रायपुर सहित पूरे प्रदेश में कुल 6,412 जोड़े विभिन्न धार्मिक परंपराओं एवं रीति-रिवाजों के अनुसार वैवाहिक जीवन में बंधे। साइंस कॉलेज मैदान में 1,316 नवविवाहित जोड़ों को मुख्यमंत्री ने प्रत्यक्ष रूप से आशीर्वाद प्रदान किया, जबकि अन्य जिलों के जोड़े वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। योजना के अंतर्गत प्रत्येक नवविवाहित दंपति को 35 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। उल्लेखनीय है कि इस अभूतपूर्व आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : सामाजिक समरसता का विश्व रिकॉर्ड

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह आयोजन केवल विवाह समारोह नहीं, बल्कि सर्वधर्म समभाव और सामाजिक एकता का उत्सव है। इस वृहद आयोजन में हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध तथा विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के जोड़े अपने-अपने रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह सूत्र में बंधे, जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक समरसता को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सरगुजा एवं बस्तर संभाग के आठ जिलों में इस अभियान की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ और सुपोषित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए शासन के साथ-साथ समाज की सहभागिता आवश्यक है तथा अभियान की सफलता के बाद इसे पूरे प्रदेश में विस्तारित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेशवासियों के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने दो वर्षों में  ही मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा किया है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता दी जा रही है। उन्होंने तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में मानक बोरा मूल्य में वृद्धि, चरण पादुका योजना का पुनः प्रारंभ, रामलला दर्शन योजना तथा भूमिहीन मजदूरों को आर्थिक सहायता जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख भी किया।

महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में की गई थी, जिसे मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सतत प्रयासरत है और कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य में जनसहभागिता आवश्यक है।

कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने इसे ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि एक ही दिन में हजारों जोड़ों का विवाह मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और सर्वसमावेशी सोच का प्रमाण है।

कार्यक्रम में विधायक  सुनील सोनी,  पुरंदर मिश्रा,  अनुज शर्मा,  मोतीलाल साहू,  संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ बीज निगम के अध्यक्ष  चंद्रहास चंद्राकर तथा बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव मती शम्मी आबिदी, संचालक डॉ. रेणुका वास्तव अनेक जनप्रतिधि और अधिकारी कर्मचारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

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