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उत्तर प्रदेश

नेशनल मेडिकोस ऑर्गेनाइजेशन ने स्वास्थ्य यात्रा के तहत नेपाल सीमा से लगे सात जिलों में लगाए निशुल्क स्वास्थ्य शिविर

लोकमंगल को समर्पित है  गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा – सीएम योगी आदित्यनाथ

नेशनल मेडिकोस ऑर्गेनाइजेशन ने स्वास्थ्य यात्रा के तहत नेपाल सीमा से लगे सात जिलों में लगाए निशुल्क स्वास्थ्य शिविर

मुख्यमंत्री ने दी बधाई, कहा- महायोगी गुरु गोरखनाथ जी के संदेशों का प्रसार कर रही यह यात्रा

 गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा के माध्यम से 1000 चिकित्सक देंगे 3 लाख लोगों को चिकित्सकीय परामर्श

लखनऊ, 
 नेशनल मेडिकोस ऑर्गेनाइजेशन (एनएमओ) के अवध व गोरक्ष प्रांत की तरफ से  गुरु गोरखनाथ सेवा न्यास और अन्य संस्थाओं के सहयोग से 8 फरवरी तक चलने वाली तीन दिवसीय गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा के तहत नेपाल सीमा से लगे सात जिलों के दूरदराज के थारू बाहुल्य गांवों में शुक्रवार को निशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया। यह शिविर सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर, पीलीभीत में लगाए गए हैं। पहले दिन 70,000 से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सेवा प्रदान की गई। वर्ष 2019 से जारी इस सेवा प्रकल्प का यह छठवां पड़ाव है। इस वर्ष की स्वास्थ्य सेवा यात्रा में तीन दिन तक 1,000 से अधिक चिकित्सक प्रदेश के सीमावर्ती ग्रामीण अंचलों में 3 लाख से अधिक मरीजों का उपचार करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एनमओ और यात्रा से जुड़े सभी स्वयंसेवकों को बधाई दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो संदेश जारी कर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा लोक मंगल और जन सेवा के प्रति समर्पित है और भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य, सेवा और सामाजिक चेतना का दीप प्रज्वलित कर रही है। 

महायोगी गोरखनाथ का संदेश, सबका कल्याण, सबका उत्थान – मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा में योगदान देने वाले सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों का अभिनंदन करते हुए कहा कि महायोगी गुरु गोरखनाथ जी ने समाज को योग, तप और करुणा का मार्ग दिखाया, जिनका स्पष्ट संदेश था, सबका कल्याण, सबका उत्थान। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 से शुरू हुई इस स्वास्थ्य सेवा यात्रा के माध्यम से अब तक लाखों नागरिकों को नि:शुल्क परामर्श, दवाइयों, जांच और स्वास्थ्य जागरूकता का लाभ मिल चुका है। पिछले साल फरवरी में आयोजित यात्रा में 2 लाख 18 हजार से अधिक नागरिकों को सेवा पहुंचाई गई थी। 

सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा को सरकार ने दी सर्वोच्च प्राथमिकता

सीएम योगी ने कहा कि सरकार ने सीमावर्ती एवं वंचित क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता और सेवा को प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश की 'डबल इंजन सरकार' स्वास्थ्य को केवल इलाज तक सीमित न रखते हुए बीमारियों की रोकथाम, जागरूकता और आधारभूत संरचना विकास पर भी जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि ये स्वास्थ्य सेवा यात्रा उसी भाव को आत्मसात करते हुए भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में थारू जनजाति और वनटांगिया समुदाय के बीच स्वास्थ्य, सेवा और सामाजिक चेतना का दीप प्रज्वलित कर रही है। सीमावर्ती एवं वंचित क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता और सेवा का यह प्रयास नए भारत की सेवा संस्कृति का एक उत्कृष्ट और प्रेरक उदाहरण होने के साथ ही सेवा ही साधना और स्वास्थ्य सेवा को राष्ट्र सेवा के रूप में स्थापित करते हुए एक भारत श्रेष्ठ भारत के संकल्प को और अधिक सुदृढ़ कर रहा है। 

जनजातीय समाज का सर्वांगीण विकास प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद हमारी सरकार ने वनटांगिया गांव को राजस्व गांव का दर्जा देकर उन्हें पहचान, सम्मान और शासन की सभी बुनियादी सुविधाओं के साथ विकास की मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष रूप से इंसेफ्लाइटिस जैसी बीमारियों को समयबद्ध रणनीति, टीकाकरण और जन भागीदारी के माध्यम से नियंत्रित किया गया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार और जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास को सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सीएम योगी ने सभी चिकित्सकों, स्वयंसेवकों और आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि गुरु गोरखनाथ की प्रेरणा से समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने का यह प्रयास निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस स्वास्थ्य सेवा अभियान के माध्यम से एक स्वस्थ, समर्थ जनजातीय समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण के संकल्प को साकार किया जाएगा।

स्वास्थ्य सेवा यात्रा ने 7 जिलों में 70,000 से अधिक लोगों को प्रदान की स्वास्थ्य सेवा

एनएमओ अवध प्रांत के महामंत्री डॉ शिवम् मिश्र ने बताया कि  गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा की शुरूआत आज भारत नेपाल सीमा सीमा पर स्थित थारू जनजातीय बहुल सात जिलों में एक साथ हुई।  स्वास्थ्य सेवा यात्रा के तहत आज पीलीभीत में 10 कैम्प, लखीमपुर में 30 कैम्प, बलरामपुर में 40 कैम्प और श्रावस्ती में लगभग 25 कैम्प आयोजित किए गये। वहीं बहराइच में 30 कैम्प, सिद्धार्थनगर में 10 कैम्प और महाराजगंज में भी लगभग 10 कैम्प आयोजित किए गये। इन शिविरों में स्थानीय और बाहरी चिकित्सकों को मिलाकर लगभग 1000 चिकित्सक सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। सेवा यात्रा के माध्यम से चिकित्सकों ने पहले ही दिन लगभग 70,000 से अधिक लोगों लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया, निःशुल्क दवाइयां दीं, और गांव में विभिन्न विषयों संतुलित भोजन, माहवारी स्वच्छता इत्यादि पर लोगों को जागरूक किया। स्वास्थ्य सेवा यात्रा 7 और 8 फरवरी को भी इसी प्रकार संचालित की जाएगी, जिसके माध्यम से लगभग 3 लाख लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएंगी। इस क्रम में 8 फ़रवरी को प्रत्येक जिले में विशाल स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया जाएगा। स्वास्थ्य सेवा यात्रा में एनएमओ के साथ एकल अभियान, सीमा जागरण मंच, वनवासी कल्याण आश्रम, विश्व हिंदू परिषद, सेवा भारती आदि अन्य सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भी पूरा सहयोग प्रदान किया।

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