<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
छत्तीसगड़

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आह्वान—कौशल उन्नयन से ही युवा बनेंगे आत्मनिर्भर

रायपुर.

कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग की समीक्षा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियो को निर्देश दिए हैं कि वे युवाओं को अधिक से अधिक कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाएं। साय ने कहा कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में नए-नए उद्योग स्थापित होने वाले हैं, इन उद्योगों में युवाओं को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने आज महानदी भवन मंत्रालय में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं प्रशिक्षण विभाग की समीक्षा बैठक ली। मुख्यमंत्री ने विभाग के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि समय-समय पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में रोजगार मेले का आयोजन करें। बैठक में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं प्रशिक्षण विभाग के मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, मुख्य सचिव विकासशील सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। 

बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवाओं को रोजगारोन्मुखी बनाने और तकनीकी संस्थानों के आधुनिकीकरण के लिए विशेष रूप से जोर दिया। उन्होंने कहा कि आईटीआई के आधुनिकीकरण से युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षण मिलेगा और राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने सीएसएसडीए एवं राज्य परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज सोसायटी के एकीकरण के प्रस्ताव पर सहमति दी और शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश दिए। जिलों में सहायक निदेशक एवं सहायक परियोजना अधिकारियों की युक्तियुक्त पदस्थापना सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्रशिक्षण केंद्रों में आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली (एईबीएएस) के प्रभावी क्रियान्वयन तथा प्रशिक्षित युवाओं से फीडबैक हेतु विकसित ज्तंपदमम थ्ममकइंबा मॉड्यूल को और सशक्त करने के निर्देश दिए।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत वर्ष 2013 से अब तक 4 लाख 90 हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 2 लाख 71 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। वर्तमान में राज्य में 356 प्रशिक्षण प्रदाता संस्थाएं (वीटीपी) एवं 207 पंजीकृत कोर्स संचालित हैं। केन्द्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री सेतु योजना के अंतर्गत राज्य में हब-एंड-स्पोक मॉडल पर 6 क्लस्टर का चयन किया गया है, जिसके माध्यम से आईटीआई के उन्नयन एवं आधुनिकीकरण हेतु लगभग 60 हजार करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी लगभग 50 प्रतिशत, राज्य सरकार की हिस्सेदारी 33 प्रतिशत तथा उद्योगों की हिस्सेदारी न्यूनतम 17 प्रतिशत निर्धारित की गई है।

अधिकारियों ने बताया कि विशेष पिछड़ी जनजाति समूहों के लिए पीएम जनमन योजना अंतर्गत 9 जिलों में लगभग 1,700 युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किए जाने की जानकारी दी गई। वहीं आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास हेतु बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बस्तर सहित जिलों में 600 से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा गया है। इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में सत्र 2025-26 में गत वर्ष की तुलना में 31 प्रतिशत तथा डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में 36 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव, सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, विभागीय सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, उद्योग सचिव रजत कुमार, श्रम सचिव हिमशिखर गुप्ता, संचालक तकनीकी शिक्षा रोजगार एवं प्रशिक्षण विजय दयाराम के., स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अरूण अरोरा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button