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देश

सबका सशक्तिकरण, समग्र विकास: केंद्रीय बजट 2026 पर डॉ. किरोड़ी लाल मीणा का दृष्टिकोण

जयपुर,

 प्रदेश के कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने सोमवार को सवाई माधोपुर जिला कलक्ट्रेट सभागार में केंद्रीय बजट 2026 के संबंध में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी, मध्यम वर्ग और उद्यमी के लिए स्पष्ट दिशा एवं मजबूत आधार प्रस्तुत करता है।

कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार का यह बजट रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के सिद्धांत पर आधारित है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल सामाजिक न्याय तक सीमित नहीं है, बल्कि आर्थिक भागीदारी, तकनीकी नेतृत्व और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत की भूमिका को मजबूत करने वाला बजट है।
डॉ. मीणा ने विशेष रूप से महिला सशक्तिकरण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिलाएं अब केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि भारत की ‘ग्रोथ इंजन’ हैं। महिला शिक्षा और सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाते हुए राज्य के सभी 41 जिलों में महिला छात्रावास की स्थापना की जाएगी।
बजट में महिलाओं की भूमिका को सामाजिक योजनाओं से आगे बढ़ाकर आर्थिक निर्णय, उद्यमिता, तकनीकी क्षेत्र और वैश्विक प्रतिस्पर्धा तक विस्तारित किया गया है।

कृषि मंत्री ने कहा कि बजट में भारत स्किल इंडिया, डिजिटल स्किल्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स एवं ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षित करने पर विशेष जोर दिया गया है। पर्यटन क्षेत्र में आई.आई.एम. के सहयोग से 10 हजार गाइडों के कौशल उन्नयन और खेलो इंडिया मिशन के माध्यम से अगले दशक में खेल क्षेत्र में बदलाव लाने की योजना से युवाओं को नई दिशा मिलेगी। इससे देश का युवा वर्ग भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार होगा और भारत वैश्विक तकनीकी नेतृत्व की ओर अग्रसर होगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र पर चर्चा करते हुए डॉ. मीणा ने बताया कि आमजन पर चिकित्सा व्यय का बोझ कम करने के उद्देश्य से दवाओं पर लगने वाले शुल्क में कटौती की गई। वहीं कैंसर की 17 जीवन रक्षक दवाओं पर सीमा शुल्क शून्य किया गया है। मध्यम वर्ग के परिवारों को गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराने के लिए जिला स्तर पर बायोफार्मा एवं आयुष केन्द्रों की स्थापना हेतु 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित होंगी।

उन्होंने कहा कि बजट में मध्यम वर्ग के हितों का विशेष ध्यान रखा गया है। एलआरएस के अंतर्गत अब इस वर्ग के परिवारों के बच्चों की विदेश शिक्षा सुलभ बनाने हेतु विदेश यात्रा के टूर पैकेज पर टीसीएस की दर को 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे अभिभावकों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम होगा।
डॉ. मीणा ने कहा कि बजट में कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र में प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण, सूक्ष्म सिंचाई, भंडारण एवं मूल्य संवर्धन को बढ़ावा दिया गया है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी। किसानों की आय में वृद्धि हेतु भारत-विस्तार नाम बहुभाषीय ए.आई. टूल के माध्यम से कृषि प्रणालियों की तकनीकी जानकारी क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध करवाई जाएगी।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट से राजस्थान के टेक्सटाइल तथा हथकरघा क्षेत्र को विशेष लाभ मिलेगा, जिसके तहत भीलवाड़ा के टेक्सटाइल हब, जयपुर हैंडलूम तथा बाड़मेर-जोधपुर में रोजगार और निर्यात बढ़ेगा। महात्मा गांधी स्वरोजगार योजना के तहत खादी-हथकरघा को प्रशिक्षण, मार्केट लिंकेज तथा ब्रांडिंग के माध्यम से सशक्त किया जाएगा, जिससे बुनकरों एवं कारीगरों को सीधा लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट में 10 हजार करोड़ रुपये के समर्पित एमएसएमई विकास कोष से जयपुर, अलवर, भीलवाड़ा, कोटा तथा उदयपुर जैसे शहरों के छोटे उद्योगों को बड़ा बूस्ट मिलेगा। वहीं इंफ्रास्ट्रक्चर तथा कनेक्टिविटी के तहत 5 लाख से अधिक आबादी वाले टियर-2 एवं टियर-3 शहरों और तीर्थ-पर्यटन स्थलों का विकास होगा। साथ ही 11 फरवरी को राज्य बजट में सवाई माधोपुर के पर्यटन को गति देने हेतु रणथम्भौर के विकास, 150 करोड़ से अधिक की अमरूद प्रसंस्करण इकाई, हवाई अड्डा विकास, लघु उद्योग, आपदा प्रबंधन परियोजनाएं, लटिया नाला सौंदर्यीकरण तथा धार्मिक-पर्यटन सर्किट की संभावनाएं शामिल होंगी।

कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026 “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के संकल्प को साकार करने वाला बजट है और इसके सकारात्मक प्रभाव शीघ्र ही प्रदेश एवं जिले के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था बनकर वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है।

 

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