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उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री का आह्वान, किसान, एमएसएमई, युवा-उद्यमियों और महिलाओं को ऋण उपलब्धता तेज और सरल की जाएं

यूपी का कुल सीडी रेशियो 60.39% के पार, मार्च तक 62% का लक्ष्य

ओडीओपी की तरह अब ओडीओसी को ब्रांड बनाने आगे बढ़ें बैंक, छोटे व्यापारियों और गिग वर्कर्स को होगा बड़ा लाभ: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री का आह्वान, किसान, एमएसएमई, युवा-उद्यमियों और महिलाओं को ऋण उपलब्धता तेज और सरल की जाएं

आवेदन और पात्रता की जांच में अनावश्यक देरी न करें बैंक, लाभार्थीपरक योजनाओं की सफ़लता बैंकों के सहयोग से ही संभव: मुख्यमंत्री

प्रदेश का बैंकिंग व्यवसाय 08 वर्ष में ₹12.80 लाख करोड़ से बढ़कर ₹32.79 लाख करोड़

वित्तीय समावेशन में यूपी देश में नंबर-1, जनधन, जीवन बीमा, दुर्घटना बीमा और अटल पेंशन योजना में शीर्ष प्रदर्शन

ऊर्जा, कृषि, उद्योग और एमएसएमई क्षेत्र में 22,000 करोड़ रुपये से अधिक के बड़े ऋण स्वीकृत

20 फरवरी और 16 मार्च को दो मेगा ऋण वितरण कार्यक्रम; 2.20 लाख करोड़ रुपये से अधिक  वितरण का लक्ष्य

पीएम स्वनिधि, पीएम सूर्य घर और किसान क्रेडिट कार्ड में यूपी की तेज प्रगति, 50.81 लाख किसानों को मिली 1 लाख करोड़ रुपये की सीमा

सीएसआर के माध्यम से उत्तर प्रदेश के विकास में सहभागिता बढ़ाएं बैंक: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी (एसएलबीसी) की विशेष बैठक, कहा जिलों में हर माह हो डीएलबीसी कि बैठक

लखनऊ,
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चालू वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक प्रदेश में कुल क्रेडिट डिपॉजिट (सीडी रेशियो) 62 प्रतिशत से अधिक करने का लक्ष्य रखा है। रविवार को राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी (एसएलबीसी) की विशेष बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी बैंक प्रतिनिधियों से उनके सीडी रेशियो के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए सीडी रेशियो बढ़ाने के लिए ठोस प्रयास करने पर बल दिया। बैठक में बताया गया कि दिसंबर 2025 तक उत्तर प्रदेश का कुल सीडी रेशियो 60.39 प्रतिशत हो गया है, जो पिछले लगभग दस वर्षों का सर्वाधिक स्तर है। जनपद-वार समीक्षा के अनुसार 40 प्रतिशत से कम सीडी रेशियो वाले जनपद घटकर केवल पाँच रह गए हैं, जबकि 40-50, 50-60 और 60-80 प्रतिशत की श्रेणी वाले जनपदों की संख्या में भी निरंतर सुधार हुआ है। मार्च 2018 में 40 प्रतिशत से कम सीडी रेशियो वाले 20 जनपद थे, जो अब घटकर 5 हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मार्च 2026 तक सभी जनपदों के सीडी रेशियो में लक्षित सुधार सुनिश्चित किया जाए।

महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) की सफलता के बाद अब राज्य सरकार एक जिला-एक व्यंजन (ओडीओसी) के माध्यम से छोटे व्यापारियों, पारंपरिक पाक कला से जुड़े कारीगरों और गिग वर्कर्स को नई पहचान देने जा रही है। उन्होंने बैंकों से आह्वान किया कि जैसे ओडीओपी को वित्तीय सहयोग मिला, वैसे ही ओडीओसी को भी प्राथमिकता देते हुए अधिक से अधिक लोगों को ऋण उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रशिक्षण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग में पूरा सहयोग दे रही है, और इस मिशन को गति देने में बैंकों की भूमिका निर्णायक होगी। 

राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी (एसएलबीसी) की विशेष बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान का उदाहरण दिया और कहा कि इन योजनाओं की सफलता के केंद्र में बैंकों की सहयोगी भावना है। उन्होंने साफ कहा कि अनावश्यक दस्तावेज़ों की मांग, बार-बार वेरिफिकेशन और प्रक्रिया में देरी जैसी स्थितियाँ लाभार्थियों को हतोत्साहित करती हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बैंकिंग प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए जिससे आम नागरिक को वास्तविक सहूलियत मिले और पात्र लाभार्थी बिना किसी दिक्कत के योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज आर्थिक गतिविधियों, औद्योगिक निवेश, उद्यमिता, कृषि और महिला-युवा स्वावलंबन के क्षेत्रों में तेज गति से आगे बढ़ रहा है। इस प्रगति में बैंकिंग तंत्र की सक्रिय साझेदारी अनिवार्य है। उन्होंने सभी बैंक प्रतिनिधियों से कहा कि किसान, सूक्ष्म,लघु, मध्यम उद्यम (एमएसएमई), स्टार्टअप, महिला स्वयं सहायता समूहों और नवउद्यमी युवाओं को ऋण उपलब्धता सरल, सम्मानजनक और समयबद्ध हो। मुख्यमंत्री ने उन जनपदों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए जहाँ सीडी रेशियो 40 प्रतिशत से कम है, और कहा कि बैंकों को गाँवों को लक्षित कर मेगा ऋण मेले आयोजित करने चाहिए। मुख्यमंत्री ने हर माह जिला स्तरीय बैकर्स कमेटी की बैठक सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव को निर्देशित किया। उन्होंने बैंकों से सीएसआर के माध्यम से उत्तर प्रदेश के विकास में सहभागी बनने का भी आह्वान किया।

बैठक में बताया गया कि पिछले 08 वर्षों में प्रदेश का बैंकिंग तंत्र अत्यंत मजबूत हुआ है। मार्च 2017 में प्रदेश की कुल जमा राशि 8.92 लाख करोड़ रुपये थी, जो दिसंबर 2025 में बढ़कर 20.44 लाख करोड़ रुपये हो गई है। इसी अवधि में कुल ऋण वितरण 4.05 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 12.34 लाख करोड़ रुपये पर पहुँच गया। मार्च 2017 में प्रदेश का कुल बैंकिंग व्यवसाय 12.80 लाख करोड़ रुपये था, जो दिसंबर 2025 में बढ़कर 32.79 लाख करोड़ रुपये हो गया है। अप्रैल 2022 से दिसंबर 2025 के दौरान अकेले जमा में 6.47 लाख करोड़ रुपये, ऋण में 5.03 लाख करोड़ रुपये और कुल बैंकिंग व्यवसाय में 11.50 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है। कृषि, एमएसएमई और प्राथमिकता क्षेत्रों में ऋण प्रवाह लगातार बेहतर हुआ है। दिसंबर 2024 से दिसंबर 2025 के बीच एमएसएमई क्षेत्र में 23 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।

वित्तीय समावेशन अभियान (जुलाई-अक्टूबर 2025) की उपलब्धियों की जानकारी भी बैठक में प्रस्तुत की गई। इस अवधि में प्रदेश ने देशभर में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और आठ प्रमुख सूचकों में से सात पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रदेश में 57,699 वित्तीय साक्षरता शिविर आयोजित हुए, 22.24 लाख जनधन खाते खोले गए, 17.14 लाख लोगों का जीवन सुरक्षा बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) में और 43.35 लाख नागरिकों का दुर्घटना बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) में नामांकन हुआ। अटल पेंशन योजना (एपीवाई) में 6.90 लाख नए सब्सक्रिप्शन दर्ज किए गए। नामांकन, दावा निपटान, पुनः-केवाईसी और नामांकन अद्यतन जैसे क्षेत्रों में भी प्रदेश का प्रदर्शन राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष रहा।

बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान ऊर्जा, कृषि, बुनियादी ढाँचा, उद्योग, एमएसएमई और एनबीएफसी सह-ऋण मॉडल सहित विभिन्न क्षेत्रों में 22,000 करोड़ रुपये से अधिक के बड़े ऋण स्वीकृत किए गए हैं। यूपीपीसीएफ, यूपीसीयू, पावर ट्रांसमिशन और अन्य औद्योगिक परियोजनाओं को भी महत्वपूर्ण स्वीकृतियाँ मिली हैं। पिछले एक वर्ष में एमएसएमई दिवस, मुख्यमंत्री युवा कॉन्क्लेव, विश्वकर्मा जयंती, इंटरनेशनल ट्रेड शो और उत्तर प्रदेश दिवस जैसे कार्यक्रमों में बड़े पैमाने पर ऋण वितरण किया गया। अकेले विश्वकर्मा जयंती पर 1.32 लाख करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत हुए। 20 फ़रवरी और 16 मार्च 2026 को दो मेगा ऋण वितरण कार्यक्रम प्रस्तावित हैं, जिनमें 2.20 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऋण वितरण का लक्ष्य है।

योजनावार प्रगति प्रस्तुत करते हुए बताया गया कि चालू वित्तीय वर्ष में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में 4.66 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 2.32 लाख को स्वीकृति और 2.07 लाख को ऋण वितरण किया गया। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में कुल 22.85 लाख आवेदनों के सापेक्ष 21.15 लाख को स्वीकृति और 20.72 लाख को ऋण वितरण किया गया है, जिसमें उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। किसान क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत दिसंबर 2025 तक 50.82 लाख किसानों को 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सीमा स्वीकृत की गई। महिला स्व-सहायता समूहों के बैंक-लिंकिंग में 2.16 लाख समूहों को सहायता प्रदत्त की गई।

बैठक में साझा किया गया कि प्रदेश में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार भी उल्लेखनीय है। पिछले दस वर्षों में 3.89 लाख से अधिक बैंकिंग आउटलेट स्थापित किए गए हैं। दिसंबर 2025 तक प्रदेश में कुल 4,30,565 बैंकिंग आउटलेट सक्रिय हैं, जिनमें 20,913 शाखाएँ, 19,191 एटीएम और 4.09 लाख बैंक मित्र तथा बीसी सखी शामिल हैं। प्रधानमंत्री जनधन योजना के अंतर्गत प्रदेश में अब तक 10 करोड़ 21 लाख से अधिक खाते खोले जा चुके हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसे और सशक्त बनाने में बैंकिंग तंत्र की सक्रियता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अपेक्षा की कि सभी बैंक विकासोन्मुख क्षेत्रों में ऋण प्रवाह बढ़ाएँ, नागरिकों को सरल और समयबद्ध सेवा प्रदान करें और वित्तीय समावेशन के लक्ष्य को जनपद-दर-जनपद पूरा करें। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि बैंक और सरकार मिलकर उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति सुनिश्चित करेंगे।

बैठक में बैंक ऑफ बड़ौदा के कार्यकारी निदेशक लाल सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की क्रेडिट गारंटी योजना ने बैंकों के लिए जोखिम कम किया है, जिससे ऋण वितरण की गति और बैंकिंग गतिविधियाँ दोनों बढ़ी हैं। उन्होंने सभी बैंकों से मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, ओडीओपी तथा विश्वकर्मा श्रम सम्मान जैसी योजनाओं में अधिक से अधिक युवाओं और कारीगरों तक लाभ पहुँचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि साइबर धोखाधड़ी की रोकथाम के लिए मुख्यमंत्री द्वारा उठाए गए कदमों में बैंक पूरी तरह सहयोग करेंगे।

भारतीय रिजर्व बैंक, लखनऊ के क्षेत्रीय निदेशक पंकज कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश का लगातार राजस्व अधिशेष में बने रहना बैंकिंग क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस में तेजी से हो रहे सुधारों ने निवेश, उद्योग और ऋण मांग को मजबूत दिशा दी है, और बैंकिंग तंत्र को इस गति का पूरा लाभ उठाना चाहिए।

नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक पंकज कुमार ने किसान क्रेडिट कार्ड वितरण को लेकर और तेजी की अपेक्षा जताई। उन्होंने बैंक शाखाओं के सापेक्ष गांवों की मैपिंग पर भी जोर दिया ताकि सरकारी योजनाओं के संतृप्तिकरण में और बेहतर प्रयास किए जा सकें।

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