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अर्जुनराम मेघवाल का संदेश: भीतर की ऊर्जा को पहचानें और सही दिशा में लगाएं

भीतर की ऊर्जा को पहचानें और सही दिशा में लगाएं- अर्जुनराम मेघवाल 

 लाडनूं के जैविभा विश्वविद्यालय में भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल व अन्य विभिन्न उद्घाटन व लोकार्पण करते हुए।

लाडनूं
 भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्री तथा जैविभा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाएं। हर एक के अंदर ऊर्जा होती है, बस उस ऊर्जा के सही उपयोग की जरूरत है। वे यहां जैन विश्वभारती संस्थान मान्य विश्वविद्यालय में आयोजित उद्घाटन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने विद्यार्थियों से सीखने पर जोर देते हुए विभिन्न आयुवर्ग में सीखने की स्थिति की जानकारी दी। मेघवाल ने बताया कि अपने घर से शुरू करके विश्वविद्यालय तक सीखते हुए ही पहुंचता है। उन्होंने मल्टी डिसीप्लेन विकसित करने और किसी भी खेल को अपना कर शरीर को स्वस्थ रखने, संगीत को अपना कर तनाव को कम करने तथा गणित को अपना कर दिमाग की एक्सराईज किए जाने की आवश्यकताएं बताईं। साथ ही केन्द्रीय मंत्री ने संस्कारों की जरूरत पर भी बल दिया और कहा कि किशोरावस्था की 12 से 17 साल की आयु में जो भी सीखा जाता है, वे सारे अच्छे या बुरे संस्कार उस पर जीवन भर हावी रहेते हैं। अगर अच्छे संस्कार ग्रहण किए गए तो जीवन भी वह अच्छा बना रहेगा और बुराई सीखने पर वह जीवन में बुराई की तरफ ही आकर्षित होता रहेगा।

विश्वविद्यालय परिसर में आचार्य तुलसी की ऊर्जा का अनुभव
केन्द्रीय मंत्री मेघवाल ने जैन विश्वभारती संस्थान की सराहना करते हुए कहा कि यहां नैतिकता का पाठ पढाया जाता है। उन्होंने यहां पढने वाले हर विद्यार्थी को भाग्यशाली बताया ओर कहा कि आचार्य तुलसी की कल्पना शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण थी। इस परिसर में आज भी उनकी ऊर्जा महसूस की जा सकती है। इस अवसर पर उन्होंने विकसित भारत बनाने में युवाओं के योगदान को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि इस दिशा में आप सभी का श्रम ही काम आएगा। उन्होंने 21वीं शताब्दी को एशिया की और विशेष रूप से भारत के नेतृत्व की शताब्दी बताया ओर देश की विशेषताओं को उल्लेखित किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विकसित भारत पर लिखी गई अपनी एक कविता ‘हम हैं भारत के लोग’ का गान भी करके सुनाया।

विभिन्न उद्घाटन व लोकार्पण किए
जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय में कुलाधिपति केन्द्रीय विधि एवं न्याय मंत्री मेघवाल एवं कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ ने विभिन्न नवनिर्मित भवनों, नवीन अवसंरचनाओं एवं डिजीटल एप्लीकेशंस का उद्घाटन किया। विश्वविद्यालय के अन्तर्गत आचार्य महाप्रज्ञ प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र मेंनवनिर्मित डीलक्स ब्लाॅक के प्रथम तल, आवासीय क्वार्टर व व्यायामशाला, आचार्य महाश्रमण काॅलोनी में नवनिर्मित आवासीय क्वार्टर तथा सत्कार अतिथि गृह एवं केंटीन की नवीन अवसंरचना एवं लिफ्ट स्थापना का उद्घाटन किया। साथ ही डिजीटल प्लेटफार्म में मोबाईल कनेक्ट एप्लिकेशन, एल्यूम्नी नेटवर्क  पोर्टल एवं लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम का लोकार्पण भी किया।

इस अवसर पर उप कुलसचिव अभिनव सक्सेना ने केन्द्रीय मंत्री को सभी डिजीटल एप्लीकेशंस की विशेषताएं बताई। इस अवसर पर जैन विश्व भारती के उपखंड अधिकारी मीनू वर्मा, अध्यक्ष अमरचंद लूंकड़, आचार्यश्री महाश्रमण योगक्षेम वर्ष प्रवास व्यवस्था समिति के अध्यक्ष प्रमोद बैद, प्रकाश बैद, टीकमचंद सेठिया, विश्वविद्यालय का समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में कुलसचिव देबाशीष गोस्वामी ने आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. युवराज सिंह खंगारोत ने किया।

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