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छत्तीसगड़

देश में 85 लाख करोड़ रुपये की 3,300 से अधिक परियोजनाओं को मिली गति

रायपुर.

देश में 85 लाख करोड़ रुपये की 3,300 से अधिक परियोजनाओं को मिली गति

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि यशस्वी प्रधानमंत्री   नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश और प्रदेश सुशासन की दिशा में निरंतर प्रगति कर रहा है। आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। प्रधानमंत्री द्वारा निर्धारित विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में प्रगति डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह प्लेटफॉर्म सरकार की कथनी और करनी में समानता का सशक्त प्रमाण है तथा सुशासन की दिशा में एक प्रभावी उदाहरण प्रस्तुत करता है।

मुख्यमंत्री आज राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में प्रगति पोर्टल के संबंध में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रगति पोर्टल केवल देश की बड़ी अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा का माध्यम नहीं है, बल्कि यह नए भारत की नई कार्य संस्कृति का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह प्लेटफॉर्म मिनिमम गवर्नमेंट-मैक्सिमम गवर्नेंस की कार्यशैली को सशक्त रूप से प्रदर्शित करता है। 

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र को विश्वभर में एक आदर्श प्रणाली के रूप में देखा जाता है। इसके पीछे केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल, समन्वय और सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रगति प्लेटफॉर्म केंद्र और राज्य सरकारों के बीच विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए एक प्रभावी सेतु का कार्य कर रहा है। 

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रगति का अर्थ- प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन है, अर्थात् योजनाओं की पूर्व तैयारी कर उनका समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना। यह प्लेटफॉर्म केवल निगरानी तक सीमित नहीं है, बल्कि शासन प्रणाली में जवाबदेही तय करने, पारदर्शिता बढ़ाने और कार्य संस्कृति में सकारात्मक परिवर्तन लाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि पूर्व में अनेक परियोजनाओं का शिलान्यास तो हो जाता था, लेकिन उनके पूर्ण होने की कोई निश्चित समय-सीमा नहीं होती थी। कई निर्माण कार्य वर्षों तक लंबित रहते थे। योजनाओं में विलंब, प्रशासनिक अड़चनें और विभागीय समन्वय की कमी जैसी समस्याओं के समाधान के लिए प्रगति डिजिटल प्लेटफॉर्म को लागू किया गया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रगति पोर्टल के माध्यम से प्रधानमंत्री स्वयं राज्यों के मुख्य सचिवों और केंद्र सरकार के सचिवों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें करते हैं। अब तक 50 से अधिक उच्चस्तरीय प्रगति समीक्षा बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं, जिनके माध्यम से लंबित परियोजनाओं, कमजोर प्रदर्शन वाली योजनाओं और नागरिकों से जुड़ी शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने बताया कि अब तक प्रगति प्लेटफॉर्म के माध्यम से लगभग 85 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली 3,300 से अधिक परियोजनाओं को गति दी गई है। इसके साथ ही एक देश-एक राशन कार्ड, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम स्वनिधि और स्वच्छ भारत मिशन सहित 61 योजनाओं के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय सुधार किया गया है। बैंकिंग, बीमा, रेरा, जनधन योजना और मातृत्व वंदना सहित 36 क्षेत्रों में शिकायत निवारण व्यवस्था को भी प्रगति के माध्यम से सुदृढ़ किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में भी प्रगति डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। वर्तमान में राज्य में 99 राष्ट्रीय अवसंरचना परियोजनाएँ संचालित हैं, जिनमें 6.11 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। इनमें से 50 परियोजनाएँ पूर्ण होकर संचालित हो चुकी हैं, जबकि शेष परियोजनाएँ विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं। उन्होंने बताया कि प्रगति पोर्टल पर छत्तीसगढ़ से संबंधित कुल 200 मुद्दे दर्ज किए गए, जिनमें से 183 का सफल समाधान किया जा चुका है। इस प्रकार राज्य की समाधान दर 91 प्रतिशत से अधिक रही है। पावर, सड़क परिवहन, रेलवे, कोयला और इस्पात जैसे प्रमुख क्षेत्रों में लंबित परियोजनाओं की समस्याओं को प्रभावी ढंग से हल किया गया है। सेक्टर के हिसाब से बात करें तो पावर सेक्टर में 24 प्रोजेक्ट का समाधान किया गया। सड़क परिवहन और राजमार्ग के 23 प्रोजेक्ट, रेलवे के 14 प्रोजेक्ट, कोयला सेक्टर के 07 प्रोजेक्ट, स्टील सेक्टर के 09 प्रोजेक्टों का समाधान किया गया। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि भिलाई स्टील प्लांट के आधुनिकीकरण तथा लारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट जैसी वर्षों से लंबित परियोजनाओं को प्रगति प्लेटफॉर्म के माध्यम से गति मिली है। इससे राज्य के औद्योगिक विकास को बल मिला है और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। इसी तरह रायपुर-कोडेबोड मार्ग के फोरलेन कार्य में भूमि उपयोगिता और सामग्री आपूर्ति संबंधी समस्याएं आ रही थी, जिसे प्रगति प्लेटफॉर्म के जरिए हल किया गया। 

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार विकास कार्यों को समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पूरा करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। हमारी सरकार ने भी छत्तीसगढ़ में सुशासन की दिशा में ऐसे ही कई नवाचार किए हैं। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने भी इस नवाचार की तारीफ की है। इसे विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक प्रभावी तंत्र बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी जब विकसित भारत को लेकर अपने विजन की बात करते है, तो यह सिर्फ शब्द नहीं होते, बल्कि विकसित भारत का पूरा रोडमैप होता है। यह बात प्रगति प्लेटफॉर्म जैसे नवाचार से साबित होता है।

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