<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
छत्तीसगड़

बस्तर के दुर्गम इलाकों में सालों से अधूरी 41 महत्वपूर्ण सड़कें अब हुई पूर्ण

रायपुर.

ग्राम सचिवालय को पुनः प्रांरभ कर पंचायतों को किया जाएगा सशक्त

उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा है कि ग्रामीण अंचल की समस्याओं की तेजी से निराकरण के लिए पुनः ग्रामीण सचिवालय प्रारंभ किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि देश में सबसे तेज गति से पीएम आवास बनाने के मामले में छत्तीसगढ़ पहले नंबर पर है। यहां प्रतिदिन सर्वाधिक पीएम आवास बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के ग्रामीण अंचलों में पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रथम केबिनेट में ही 18 लाख पीएम आवास स्वीकृत किए गए थे। इन आवासों को तेजी से पूर्ण कराया जा रहा है। उक्त बातें उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  विजय शर्मा ने आज संवाद भवन, नवा रायपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताई। इस अवसर पर उन्होंने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बीते दो वर्षों में किए गए नवाचारों, उपलब्धियों तथा भावी कार्ययोजनाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।

उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि मोर आवास मोर अधिकार को लेकर पहले हमने संघर्ष किया था, अब परिणाम का समय है। चुनाव के बाद शासन ने 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी, जिसमें वर्षों से अधूरे, प्रतिक्षा सूची में शेष, आवास प्लस में शामिल एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के आवासों को स्वीकृति प्रदान की थी। उन्होंने बताया कि न सिर्फ आवासहीनों बल्कि 3 हजार से अधिक आत्मसमर्पित एवं नक्सल पीड़ित परिवारों को आवास प्रदान किये गये हैं। विशेष पिछड़ी जनजातियों के 33 हजार से अधिक लोगों को पीएम जनमन तथा नियद नेल्ला नार के तहत नक्सल प्रभावित संवेदनशील क्षेत्रों में 9 हजार से अधिक लोगों के आवास निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसमें 2 हजार से अधिक आवास पूर्ण भी हो चुके हैं। राज्य में आवास निर्माण को गति देने में स्वसहायता समूह की दीदीयों ने भी अहम भूमिका  निभाई है, आवास निर्माण के लिए गांव-गांव तक बिल्डिंग मटेरियल सप्लाई के लिए कहीं डीलर दीदी बनीं तो कहीं सेंट्रिंग प्लेट निर्माण कर गांव में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की। आवास हितग्राहियों को सेंटरिंग प्लेट एवं अन्य निर्माण सामाग्री की आपूर्ति के लिए 8000 से अधिक डीलर दीदी एवं घर बनाने के लिए आरसेटी द्वारा एवं प्रोजेक्ट उन्नति के माध्यम से 5000 से अधिक राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध कराया गया है। 

उन्होंने कहा कि हमने चुनाव के समय गांव-गांव मंे वित्तीय लेनदेन की व्यवस्था सुनिश्चित करने का वादा किया था, आज प्रदेश में दो चरणों में 6,195 अटल डिजिटल सुविधा केंद्र के माध्यम से लगभग 919 करोड़ रूपये से अधिक राशि का ट्रांजेक्शन किया जा चुका है। अब लोगों को अपना पैसा निकालने और बैंकिंग कार्यों के लिए गांव से बाहर जाने की जरूरत नहीं है। 

इस अवसर पर उन्होंने बताया कि राज्य में समर्थ पंचायत पोर्टल के द्वारा पंचायत करों का संग्रहण ऑनलाईन के माध्यम से भी प्रारंभ कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले का सांकरा देश का पहला ग्राम पंचायत है जहां पर टैक्स का संग्रहण यूपीआई द्वारा किया गया। इस संबंध में विगत दिनों केन्द्रीय पंचायत मंत्रालय के सचिव के द्वारा भी इसकी सराहना करते हुए महराष्ट्र की पंचायतों को भी इससे प्रेरणा लेने की बात कही थी। अब बम्बई भी रायपुर से सीखेगा किस प्रकार प्रदेश के गांव-गांव में डिजिटल क्रांति को अपनाया जा रहा है।      

प्रदेश में परिसंपत्तियों का भी ऑनलाईन अभिलेखीकरण ग्राम सम्पदा मोबाईल एप द्वारा किया जा रहा है ताकि गांव में निर्मित अधोसंरचना की जानकारी ऑनलाईन प्राप्त हो एवं ग्राम विकास के लिए बेहतर योजना बनाई जा सके। माननीय सर्वाेच्च न्यायालय के निर्णय के परिपालन में नवीन आरक्षण प्रावधान को लागू कर त्रिस्तरीय पंचायतों का चुनाव समय पर कराने में छत्तीसगढ़ अग्रणी राज्य रहा है, जबकि महाराष्ट्र एवं तेलंगाना जैसे बड़े राज्यों में अब तक यह संभव नहीं हो पाया है। 

    राज्य में ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के साथ उनके आत्मविश्वास में वृद्धि के लिए राज्य में 368 महतारी सदन का निर्माण किया जा रहा है जिसमें से 137 महतारी सदन पूर्ण हो चुके है। सरकार ने घोषणा पत्र में किये गये वादे को पूरा करते हुए पंचायत सचिवों की नवीन वेतनमान के अंतर की एरियर्स राशि लगभग 49.30 करोड़ रूपए प्रदान किया है।

पीएम जनमन सडकों के निर्माण में स्वच्छताग्रही दीदियों से प्राप्त वेस्ट प्लास्टिक का प्रयोग कर महासमुंद जिले में अमेटी से कमारडेरा, डूमरपाली से कमारडेरा, मामा भांचा से कमारडेरा, जोरातराई से कमारडेरा सड़के बनाई गई है। उन्होंने बताया कि बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों 41 ऐसी सड़कें थी, जो कई वर्षों से नहीं बन पायी थी आज उनका निर्माण पूर्ण हो गया है। आठ साल से लंबित सुकमा जिले की ताड़मेटला के तुमड़ीपारा सड़क, दंतेवाड़ा की 20 सालों से अधूरी कटेकल्याण कापानार रोड़ से नडेनार को पूर्ण किया  गया है।   

उन्होंने बताया कि आजादी के बाद पहली बार विशेष पिछड़ी जनजाति की बसाहटों को जोड़ने के लिए पीएम जनमन द्वारा 807 सड़कें बनाई जा रहीे है। जशपुर के मनोरा विकासखंड स्थित दुर्गम पहाड़ी में बसे बंधकोना बी के पहाड़ी कोरवा एवं कवर्धा के शंभुपीपर में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय की बसाहटों तक सड़कों का निर्माण किया गया है। पीएमजीएसवाय के चौथें चरण में लगभग 2500 कि.मी. से अधिक लंबाई की सड़कें राज्य में बनाई जाएगी। इन सड़कों के निर्माण की मॉनिटरिंग इसरो एवं जियो इमेजिंग के माध्यम से कराने हेतु योजना का निर्माण किया गया है जिससे मुख्यालय से ही राज्य में कहीं भी बन रही सड़कों की मॉनिटरिंग किसी भी समय की जा सकेगी। 

उन्होंने बताया कि राज्य की स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा राज्य के महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘दीदी के गोठ‘ का संचालन प्रत्येक माह के दूसरे गुरुवार को किया जा रहा हैै। स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों का मानकीकरण कर उनकी मार्केटिंग एवं ब्रांडिंग के लिए ‘छत्तीसकला‘ ब्रांड बनाया गया है। बस्तर की महिलाएं गांव में होने वाले वनोपजों का प्रसंस्करण एवं मार्केटिंग का कार्य भी स्वयं कर रही है। आने वाले समय में दिल्ली, मुम्बई जैसे बड़े शहरों में भी ये महिलाएं अपने उत्पाद बेचती नजर आएंगी। 

स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अतंर्गत राज्य में 1.86 लाख परिवारों के लिए शौचालय निर्माण पूर्ण करने के साथ 2000 स्कूल – आंगनवाड़ी एवं 1000 पर्यटन स्थल, धार्मिक स्थल, हाट बाजार, बस स्टैंड में सामुदायिक शौचालय का निर्माण किया गया है। 

मनरेगा में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के साथ क्यूआर कोड लगाए गए हैं। जिसे मोबाईल से स्कैन कर कोई भी व्यक्ति ग्राम पंचायतों में चल रहे सभी कार्यों की संपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते है। क्यूआर कोड स्कैन कर अब तक 4.50 लाख से अधिक लोगों ने योजना की जानकारी प्राप्त की है। इसके लिए राज्य शासन को सम्मानित भी किया गया है। 

जल संरक्षण की दिशा में एक अभिनव पहल करते हुए ‘मोर गांव मोर पानी‘ महाभियान के अंतर्गत सामुहिक श्रमदान एवं जनभागीदारी के माध्यम से 2.32 लाख से अधिक जल संरक्षण के कार्य संपादित किए गए हैं, राज्य में 10 हजार से अधिक आजीविका डबरियों का निर्माण किया जा रहा है। विगत दो वर्षों में नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में 86 कैम्प स्थापित कर 494 गांवों में विभिन्न सुविधाओं को उपलब्ध कराया जा रहा है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव  निहारिका बारिक, सचिव  भीम सिंह, आयुक्त  तारण प्रकाश सिन्हा, संचालक  अश्विनी देवांगन, संचालक पंचायत   प्रियंका महोबिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। 

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button