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मध्यप्रदेश

स्टार्टअप्स को मिलेगी नई उड़ान: मैपकास्ट में शुरू हुआ AI आधारित उद्यमिता कार्यक्रम

भोपाल.

मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित छह सप्ताह के उद्यमिता विकास कार्यक्रम का शुभारंभ विज्ञान भवन, नेहरू नगर, भोपाल में किया गया। यह प्रशिक्षण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के प्रवर्तन में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में नवाचार, तकनीकी दक्षता एवं उद्यमशील सोच को सशक्त करना है। इसके अंतर्गत प्रतिभागियों को एआई की मौलिक एवं उन्नत अवधारणाओं, आधुनिक टूल्स तथा उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे वे सामाजिक एवं औद्योगिक समस्याओं के समाधान हेतु नवाचारी, स्केलेबल एवं सतत स्टार्ट-अप विकसित कर सकें।

कार्यक्रम में अखिल भारतीय सह–संगठन मंत्री, विज्ञान भारती  प्रवीण रामदास ने कहा कि स्टार्ट-अप एवं स्वरोजगार रोजगार सृजन के प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि स्टार्ट-अप न केवल युवाओं के कैरियर निर्माण में सहायक होते हैं, बल्कि इनके प्रारंभ होने से अन्य युवाओं के लिए भी रोजगार के नए अवसर सृजित होते हैं।अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान उपाध्यक्ष डॉ. राजीव दीक्षित ने कहा कि वर्तमान समय की आवश्यकता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग व्यापार एवं उद्योग, शिक्षा, सुरक्षा, कृषि तथा स्वास्थ्य सेवा सहित सभी क्षेत्रों में किया जाए। जल संरक्षण विशेषज्ञ  सुनील चतुर्वेदी ने प्रशिक्षणार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कार्यक्रम को सामयिक एवं महत्वपूर्ण बताया। महानिदेशक, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद डॉ. अनिल कोठारी ने परिषद द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि युवाओं को तकनीक, विपणन एवं वित्तीय सहायता के माध्यम से स्टार्ट-अप प्रारंभ करने में सहयोग देना परिषद की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। कार्यक्रम में स्टार्ट-अप फाउंडर  प्रदीप कर्मबेलकर भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में उद्यमिता की समझ, एमएसएमई सहायता योजनाएं, वित्तीय संस्थान, परियोजना चयन एवं पूर्व-व्यवहार्यता अध्ययन, बाजार सर्वेक्षण, प्रारंभिक परियोजना रिपोर्ट निर्माण, संचार एवं सॉफ्ट स्किल्स विकास, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, जनरेटिव एआई, उत्पादन योजना, कार्यशील पूंजी प्रबंधन, विपणन, वित्त, मानव संसाधन, कानूनी औपचारिकताएं, कराधान तथा नेतृत्व कौशल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही प्रतिभागियों को इंटरएक्टिव टूल्स, ग्राफिक्स एवं ऑगमेंटेड रियलिटी के माध्यम से तकनीकी प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम में देश के विभिन्न संगठनों एवं संस्थानों से जुड़े अनुभवी विशेषज्ञ, शासकीय विभागों के अधिकारी, सफल उद्यमी, बैंकर्स, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, विपणन एवं प्रेरणात्मक विशेषज्ञ तथा उद्यमिता विकास संस्थानों के प्रतिनिधि अपने अनुभव साझा करेंगे। प्रशिक्षण की कार्य प्रणाली में व्याख्यान, केस स्टडी, समूह अभ्यास, प्रस्तुतिकरण, हैंड्स-ऑन सत्र एवं उद्यमियों के साथ संवाद शामिल रहेगा।

 

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