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मध्यप्रदेश

सरकारी जमीन में धांधली, ग्वालियर नायब तहसीलदार पर कार्रवाई

ग्वालियर
 कांग्रेस के शासनकाल में जो 600 बीघा जमीन पर 101 पट्टे बांटे गए और बाद में कलेक्टर ने सभी पट्टे निरस्त कर दिए थे, उन्हीं पट्टों की जमीन को दोबारा निजी कराने का बड़ा कारनामा पकड़ा गया है। हैरानी की बात है कि जिस जमीन पर 101 पट्टे बंटे, कलेक्टर से लेकर सेशन कोर्ट, हाई कोर्ट सिंगल बेंच, हाई कोर्ट डबल बेंच से लेकर राजस्व मंडल तक से खारिज मामले को दोबारा अफसर अमल में लाने की तैयारी कर रहे थे। 

 सभी जगह से मामला खारिज होने के बाद पट्टाधारकों ने ग्वालियर के डबरा व्यवहार कोर्ट में मामला लगा दिया, जहां से खारिज किया गया, लेकिन जिला न्यायाधीश के यहां अपील में कोर्ट ने डिक्री करने के आदेश जारी कर दिए। इस आदेश के खिलाफ अपील करने के बजाए नायब तहसीलदार ने अमल करने के आदेश जारी कर दिए।

इस तरह मामला पकड़ में आया
इसी बीच नायब तहसीलदार का दूसरे वृत्त में तबादला हो गया और इसके बाद यह मामला पकड़ में आया। नायब तहसीलदार लोकमणि शाक्य ने यह आदेश जारी किए। इसके बाद पूरे राजस्व महकमे में हलचल मच गई है। कलेक्टर रुचिका चौहान की ओर से नायब तहसीलदार को निलंबित करने के लिए संभाग के आयुक्त मनोज खत्री को प्रस्ताव भेजा गया, जिसके बाद मंगलवार को आदेश जारी हो गए।

तहसीलदार को करनी थी अपील, किया अमल का आदेश
तत्कालीन पीठासीन अधिकारी नायब तहसीलदार लोकमनि शाक्य द्वारा शासकीय दर्ज भूमि को निजी दर्ज किये जाने के आदेश दिए गए थे, जबकि पीठासीन अधिकारी को शासकीय से निजी भूमि दर्ज न करते हुए न्यायालय चतुर्थ जिला न्यायाधीश डबरा जिला ग्वालियर में 2025 के आदेश के विरुद्ध उच्च न्यायालय खंडपीठ ग्वालियर में द्वितीय अपील प्रस्तुत कराए जाने के प्रस्ताव दिए जाने चाहिए थे।

लेकिन तत्कालीन पीठासीन अधिकारी द्वारा हाई कोर्ट में द्वितीय अपील के प्रस्ताव न भेजते हुए शासकीय भूमि को निजी भूमि में दर्ज किये जाने के आदेश जारी कर दिए गए। अब हाई कोर्ट में इसकी अपील की गई है। यहां वर्तमान में नायब तहसीलदार संजय अगरैया हैं।

नायब तहसीलदार के साथ दो पटवारी भी फंसे, नोटिस जारी
तत्कालीन और वर्तमान दोनों पटवारियों की चूक सामने आई है। तत्कालीन पटवारी सुरेश कुशवाह ने पट्टे निरस्त के आदेश को खसरे में कॉलम नंबर 12 में अमल किया, लेकिन कॉलम नंबर तीन में पट्टेधारियों के नाम नहीं हटाए गए। इधर वर्तमान पटवारी शैतान सिंह ने शासकीय भूमि का निजी में अमल करने के लिए तहसीलदार की आइडी पर रिक्वेस्ट भेज दी जो कि नहीं किया जाना था। दोनों पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए गए हैं। 

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