<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
देश

सियासी संकट गहरा, CM सिद्धारमैया ने राज्यपाल को केंद्र के खिलाफ सुनाई आपत्ति

बेंगलुरु
कर्नाटक की राजनीति में ग्रामीण रोजगार को लेकर हंगामा जारी है। मनरेगा (MGNREGA) को हटाने के आरोप में कांग्रेस सरकार और केंद्र सरकार आमने-सामने हैं। बेंगलुरु में राजभवन चलो आंदोलन के दौरान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार मनरेगा को खत्म करके वीबी-जी राम जी (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण) योजना लागू करना चाहती है, जिससे ग्रामीण गरीबों का रोजगार छिन जाएगा। बाद में कांग्रेस नेताओं ने एक सरकारी बस में सवार होकर लोक भवन (पूर्व में राजभवन) पहुंचे, जहां उन्होंने राज्यपाल थावरचंद गहलोत को ज्ञापन सौंपा।
 
विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ग्रामीण रोजगार गारंटी की व्यवस्था को खत्म कर रही है और पंचायतों के अधिकारों को कमजोर कर रही है। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि वीबी-जी राम जी में 'राम' शब्द का मतलब दशरथ राम या सीता राम नहीं है। इसका अर्थ है 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)'। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के समय लागू महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, जिसे मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने शुरू किया था, आजीविका और रोजगार का अधिकार देता था। उन्होंने मौजूदा सरकार पर इसे नष्ट करने का आरोप लगाया।

सिद्धारमैया ने आगे आरोप लगाया कि एमजीएनआरईजीए जनता का अधिकार था, लेकिन अब नहीं रहा। इसमें दिव्यांगजनों सहित लगभग पांच करोड़ लोगों को ग्रामीण इलाकों में रोजगार मिल रहा था। अब केंद्र सरकार तय करेगी कि कौन सा काम किया जाएगा, जबकि पहले यह पंचायतें तय करती थीं। उन्होंने कहा कि पंचायतों की भूमिका बुरी तरह सीमित कर दी गई है। पहले हर पंचायत को करीब एक करोड़ रुपये मिलते थे, अब उन्हें इससे वंचित कर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि हम तब तक लड़ेंगे जब तक वीबी-जी राम जी योजना रद्द नहीं हो जाती और एमजीएनआरईजीए दोबारा लागू नहीं हो जाता। वीबी-जी राम जी रोजगार की गारंटी नहीं देता, जैसा कि एमजीएनआरईजीए देता था। भाजपा पर ग्रामीण भारत पर हमला करने का आरोप लगाते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि महात्मा गांधी ने कहा था कि जब तक गांवों का विकास नहीं होगा, राष्ट्र का विकास नहीं हो सकता। एमजीएनआरईजीए को खत्म करके भाजपा ने महात्मा गांधी की हत्या दूसरी बार कर दी है। उन्होंने राज्य के हर गांव में लोगों से आंदोलन करने का आह्वान किया।

वहीं, कांग्रेस के कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को खत्म करने पर आमादा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार एमजीएनआरईजीए को समाप्त करना चाहती है। मैं कर्नाटक सरकार से आग्रह करता हूं कि पंचायत केंद्रों का नाम बदलकर महात्मा गांधी केंद्र कर दिया जाए। उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भाजपा को चेतावनी देते हुए कहा कि एमजीएनआरईजीए को रद्द करके भाजपा ने अपने लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर ली है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग वीबी-जी राम जी को स्वीकार नहीं करेंगे और रोजगार गारंटी कानून खत्म करने के लिए भाजपा को कभी माफ नहीं करेंगे।
 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button