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उत्तर प्रदेश

यमुना एक्सप्रेस-वे के सेक्टर-11 में ‘फिनटेक पार्क’ और इससे जुड़ा इकोसिस्टम होगा विकसित

डिजिटल फाइनेंस, साइबर सिक्योरिटी और बैंकिंग सेक्टर में युवाओं के लिए पैदा होंगे रोजगार के हजारों नए अवसर

प्रोजेक्ट के लिए इंटरनेशनल कंसल्टेंट तैयार करेंगे निवेश का रोडमैप, डीपीआर प्रक्रिया शुरू

लखनऊ,

 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार उत्तर प्रदेश को नई पीढ़ी की डिजिटल अर्थव्यवस्था का केंद्र बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके तहत यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र के सेक्टर-11 में 250 एकड़ भूमि पर “फिनटेक पार्क” विकसित किया जाएगा। इस परियोजना को केवल आईटी पार्क के रूप में नहीं, वरन एक संपूर्ण फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम के रूप में आकार दिया जा रहा है। सरकार का मानना है कि यह परियोजना उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख फिनटेक हब के रूप में स्थापित करेगी। यह 'फिनटेक पार्क’ बैंकिंग से ब्लॉकचेन तक का विशाल हब होगा।

योजना के अनुसार, सेक्टर-11 का फिनटेक पार्क बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट, इंश्योटेक, इन्वेस्टटेक, Fintech SaaS (फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी सॉफ्टवेयर ऐज ए सर्विस) और इंटरनेशनल मनी ट्रांसफर से जुड़ी कंपनियों के लिए एक साझा मंच प्रदान करेगा। यहां वित्तीय सेवाओं से जुड़ी सभी आधुनिक तकनीकों को एक ही परिसर में विकसित और स्थापित किया जाएगा, जिससे कि स्टार्टअप से लेकर बड़ी वैश्विक कंपनियां तक, यहां निवेश के लिए आकर्षित हो सकें। फिनटेक पार्क की सबसे बड़ी शक्ति इसकी लोकेशन है। यह क्षेत्र यमुना एक्सप्रेस-वे से सीधे जुड़ा है और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अत्यंत निकट स्थित है। सरकार का आकलन है कि एयरपोर्ट की शुरुआत के बाद यह इलाका अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए सबसे पसंदीदा गंतव्य बनेगा। दिल्ली-एनसीआर से बेहतर कनेक्टिविटी के चलते यहां आने वाली कंपनियों को राष्ट्रीय और वैश्विक दोनों स्तर पर परिचालन में सुविधा प्राप्त होगी।

इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंसल्टेंसी एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। डीपीआर में फिनटेक पार्क के इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश मॉडल, रोजगार क्षमता और चरणबद्ध विकास की रूपरेखा तैयार की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार डीपीआर पूरी होते ही निवेशकों के लिए प्लॉट आवंटन और अन्य प्रक्रियाओं का रोडमैप सार्वजनिक किया जाएगा।

योगी सरकार इस परियोजना को रोजगार सृजन से भी जोड़कर देख रही है। फिनटेक पार्क के माध्यम से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे। बैंकिंग टेक्नोलॉजी, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल पेमेंट सिस्टम और फाइनेंशियल सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट जैसे सेक्टरों में युवाओं को अवसर मिलेंगे। सरकार का फोकस इस बात पर है कि उत्तर प्रदेश की प्रतिभाएं अब दूसरे राज्यों में पलायन करने के बजाय प्रदेश में ही वैश्विक स्तर का काम करें।

योगी सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि उत्तर प्रदेश को केवल परंपरागत उद्योगों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और अब फिनटेक जैसे हाई एंड (उच्च मूल्य) सेक्टर में प्रदेश को अग्रणी बनाया जाएगा। सेक्टर-11 का फिनटेक पार्क इसी नीति का हिस्सा है, जहां नीति और नीयत दोनों स्पष्ट दिखाई देती हैं। औद्योगिक क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि यह परियोजना न केवल निवेश बढ़ाएगी, बल्कि उत्तर प्रदेश को देश के डिजिटल फाइनेंस मैप पर मजबूत स्थान दिलाने में सक्षम होगी।

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