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मध्यप्रदेश

सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई, विजय शाह केस में कर्नल सोफिया कुरैशी से जुड़े गंभीर आरोपों पर होगी चर्चा

भोपाल 

सुप्रीम कोर्ट में आज मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह की FIR रद्द करने की याचिका पर सुनवाई होगी। यह याचिका उनके उस विवादित बयान से संबंधित है, जो उन्होंने कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ दिया था। मंत्री विजय शाह ने सुप्रीम कोर्ट में यह अपील की है कि मामले में दर्ज FIR को रद्द किया जाए।

शाह की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता के. परमेश्वर ने तर्क दिया था कि मंत्री ने सार्वजनिक रूप से माफीनामा जारी किया है, जिसे ऑनलाइन साझा किया गया था और इसे अदालत के रिकॉर्ड में रखा जाएगा। शीर्ष अदालत ने तब कहा था, ऑनलाइन माफी क्या होती है? हमें उनकी मंशा और ईमानदारी पर संदेह होने लगा है। आप माफी को रिकॉर्ड पर रखें। हमें इसे देखना होगा। उसने मंत्री के बयानों की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) को 13 अगस्त 2025 तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा था। पीठ ने कहा था कि शाह के बयानों के बजाय उन लोगों के बयान दर्ज किए जाने चाहिए थे जिनकी भावनाएं आहत हुई थीं। उच्च न्यायालय ने कर्नल कुरैशी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने और अभद्र भाषा का प्रयोग करने के लिए शाह को फटकार लगाई और पुलिस को उनके खिलाफ शत्रुता व नफरत को बढ़ावा देने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था।

छह महीने बाद होगी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में विजय शाह के बयान मामले पर पिछले साल 28 जुलाई को सुनवाई हुई थी। इसके छह महीने बाद आज सुप्रीम कोर्ट में इस केस की सुनवाई होगी। जुलाई में हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मंत्री विजय शाह की ऑनलाइन माफी पर फटकार लगाई थी

महू में पिछले साल 11 मई को दिया था बयान 11 मई को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में आयोजित हलमा कार्यक्रम को मंत्री विजय शाह संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कहा था- 'उन्होंने कपड़े उतार-उतार कर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा।'

शाह ने आगे कहा- 'अब मोदी जी कपड़े तो उतार नहीं सकते। इसलिए उनकी समाज की बहन को भेजा कि तुमने हमारी बहनों को विधवा किया है, तो तुम्हारे समाज की बहन आकर तुम्हें नंगा करके छोड़ेगी। देश का मान-सम्मान और हमारी बहनों के सुहाग का बदला तुम्हारी जाति, समाज की बहनों को पाकिस्तान भेजकर ले सकते हैं।'

मंत्री शाह ने एफआईआर को सुप्रीम कोर्ट में दी थी चुनौती बता दें कि मंत्री विजय शाह ने 11 मई को महू के रायकुंडा गांव में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कर्नल सोफिया कुरैशी को आतंकवादियों की बहन बताया था। इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर मंत्री के खिलाफ 14 मई को महू के मानपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। जिसके खिलाफ विजय शाह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे।

सोमवार 19 मई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान विजय शाह के वकील ने कहा कि उनके क्लाइंट ने माफी मांग ली है। इस पर कोर्ट ने उन्हें फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि आप लोगों के सामने पूरी तरह बेनकाब हो चुके हैं। आप पब्लिक फिगर हैं। आपको बोलते समय अपने शब्दों पर विचार करना चाहिए।

जुलाई में सुनवाई पर कोर्ट ने माफी पर जताई थी नाराजगी पिछले साल 28 जुलाई को ऑपरेशन सिंदूर की ब्रीफिंग करने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी पर टिप्पणी को लेकर भाजपा मंत्री विजय शाह की ऑनलाइन माफी पर सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस सूर्यकांत और जॉयमाल्या बागची की बेंच ने शाह के मामले में सुनवाई की थी।

कोर्ट ने शाह द्वारा सार्वजनिक रूप से मांगी गई माफी को निष्ठाहीन बताते हुए खारिज कर दिया था। यह देखते हुए कि अपने माफीनामे वाले वीडियो में शाह ने जनभावनाओं को ठेस पहुंचाने की बात स्वीकार नहीं की। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा– वह आत्मचिंतन करें कि अपनी सजा कैसे चुकाएं। आपकी वह सार्वजनिक माफी कहां है? हमारे धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं।

बैंक खाते फ्रीज करने के नियमों पर आज सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने साइबर अपराध की जांच के दौरान बैंक खातों को फ्रीज और डी-फ्रीज करने की प्रक्रिया से जुड़ी एक अहम याचिका को चीफ जस्टिस सूर्यकांत के समक्ष रखने का निर्देश दिया है। यह याचिका केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) से इस विषय पर एक समान मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाने की मांग करती है।

बिक्रम सिंह मजीठिया की जमानत याचिका पर सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट में आज शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की याचिका पर सुनवाई होगी। मजीठिया ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें असमान संपत्ति मामले में जमानत नहीं दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में हाईकोर्ट के फैसले की समीक्षा करेगा और तय करेगा कि क्या उन्हें जमानत मिलनी चाहिए। इस सुनवाई पर राजनीतिक और कानूनी नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि यह मामला नेताओं की संपत्ति और जवाबदेही के संबंध में अहम माना जाता है।

बीएस येदियुरप्पा POCSO केस और चुनावी रजिस्टर सुधार पर भी सुनवाई
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा पर POCSO अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। बीएस येदियुरप्पा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है और आज कोर्ट इस याचिका पर सुनवाई करेगा।वहीं चुनाव आयोग से जुड़ा है। कुछ याचिकाकर्ताओं ने चुनाव आयोग के सारांश संशोधन प्रक्रिया को चुनौती दी है, जिसके तहत निर्वाचन रजिस्टर में सुधार किया जाता है। सुप्रीम कोर्ट आज इस याचिका पर भी विचार करेगा। 

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