<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
छत्तीसगड़

बीजापुर में पुलिस से बरदस्त मुठभेड़ में 2 नक्सली ढेर

बीजापुर.

नेशनल पार्क के जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ चल रही है। मुठभेड़ में 2 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। इलाके में नक्सली लीडर पापाराव के साथ बड़ी संख्या में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

जानकारी के मुताबिक, मौके से AK 47 बरामद भी किए गए है। शनिवार सुबह से ही संयुक्त टीम और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग जारी है। डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) के जवान नेशनल पार्क क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान चला रहे थे। इसी दौरान उनका नक्सलियों की एक बड़ी टुकड़ी से सामना हो गया। मुठभेड़ अभी भी जारी है और सुरक्षाबलों द्वारा इलाके की घेराबंदी कर दी गई है। मारे गए नक्सलियों के शवों को बरामद करने और अन्य नक्सलियों की तलाश के लिए अभियान तेज कर दिया गया है।

बीजापुर पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर कहा है कि अभियान अभी भी जारी है, इसलिए मुठभेड़ के स्थान, ऑपरेशन में शामिल सुरक्षाबलों की संख्या तथा अन्य संवेदनशील जानकारी इस समय साझा नहीं की जा सकती, ताकि ऑपरेशन में लगे जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

शनल पार्क क्षेत्र में नक्सलियों की बड़ी संख्या

डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) के जवान नेशनल पार्क क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान चला रहे थे। इसी दौरान उनका सामना नक्सलियों की बड़ी टुकड़ी से हुआ। मुठभेड़ अब भी जारी है। सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है और मारे गए नक्सलियों के शवों को बरामद करने और अन्य नक्सलियों की तलाश के लिए अभियान तेज कर दिया गया है।

बीजापुर पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि अभियान अब भी जारी है। इसलिए मुठभेड़ का स्थान, ऑपरेशन में शामिल सुरक्षाबलों की संख्या और अन्य संवेदनशील जानकारी फिलहाल साझा नहीं की जा सकती, ताकि जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

डेढ़ साल में 23 बड़े नक्सली मारे

डेढ़ साल में कुल 23 बड़े नक्सली मारे गए हैं। इनमें सबसे खूंखार नक्सली माड़वी हिड़मा, नक्सल संगठन सचिव बसवाराजू, गणेश उइके सहित 16 बड़े नक्सली शामिल हैं। भूपति, रूपेश और रामधेर जैसे बड़े नक्सलियों ने अपने सैकड़ों साथियों के साथ हथियार डाल दिए हैं।

अब केवल पोलित ब्यूरो मेंबर देवजी, मिशिर बेसरा और गणपति तीन शीर्ष नक्सली बचे हैं, जो संगठन चला रहे हैं। बस्तर में पापाराव और देवा अपनी जान बचाने के लिए अब भी जंगल में घूम रहे हैं। पुलिस इनकी तलाश कर रही है।

इन टॉप नक्सलियों की तलाश में पुलिस

1 – थिप्परी तिरुपति उर्फ देवजी (61)-

देवजी तेलंगाना का रहने वाला है। बसवाराजू के एनकाउंटर के बाद नक्सल संगठन ने थिप्परी तिरुपति को नक्सल संगठन का महासचिव बनाया है। ये नक्सल संगठन में पोलित ब्यूरो मेंबर भी है।

वर्तमान में नक्सल संगठन का सबसे टॉप लीडर यही है। छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों की पुलिस इसकी तलाश में जुटी हुई है। इसपर सिर्फ छत्तीसगढ़ में ही 1 करोड़ रुपए का इनाम घोषित है।

2. मुपल्ला लक्ष्मण राव उर्फ गणपति (74)-

गणपति भी तेलंगाना का रहने वाला है। बसवाराजू से पहले ये ही नक्सल संगठन का महासचिव था। हालांकि, बीमारी और बढ़ती उम्र के चलते इसने करीब 4-5 साल पहले ही संगठन के इस सबसे बड़े पद को छोड़ दिया था। जिसके बाद बसवाराजू को इसकी जिम्मेदारी दी गई थी। इसपर भी 1 करोड़ रुपए से ज्यादा का इनाम घोषित है।

3. मिशिर बेसरा उर्फ भास्कर (62)-

भास्कर झारखंड का रहने वाला है। वर्तमान में नक्सलियों का पोलित ब्यूरो मेंबर है। साथ ही ERB का इंचार्ज है। इसपर भी 1 करोड़ रुपए से ज्यादा का इनाम घोषित है।

4. पापा राव उर्फ मंगू (56)-

पापाराव छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले का रहने वाला है। वर्तमान में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZCM) मेंबर है। साथ ही पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी का इंचार्ज और दक्षिण सब जोनल ब्यूरो का सदस्य है।

पापाराव अपने पास AK-47 राइफल रखता है। बस्तर के जल-जंगल जमीन से वाकिफ है, इसलिए कई बार पुलिस की गोलियों से बचकर निकला है। इसी इसने सरेंडर कर दिया या फिर एनकाउंटर में मारा गया तो नक्सलियों की पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी खत्म हो जाएगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button