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देश

ममता vs ED सुनवाई में हाई वोल्टेज ड्रामा: कपिल सिब्बल की दलील पर मीलॉर्ड का सख्त रुख

नई दिल्ली
कोलकाता में पिछले दिनों पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC से जुड़े ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) के छापे मामले में आज (गुरुवार, 15 जनवरी को) सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है। यह केस ED बनाम ममता बनर्जी का मामला बन गया है। इस बीच, ईडी ने एक नई याचिका दायर कर पश्चिम बंगाल पुलिस के तीन बड़े अधिकारियों, जिनमें डीजीपी राजीव कुमार भी शामिल हैं, को निलंबित किए जाने की मांग की है। ED का आरोप है कि इन अधिकारियों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ मिलकर जांच में बाधा डाली और सबूतों की कथित तौर पर चोरी में मदद की। अर्जी में यह भी उल्लेख किया गया है कि डीजीपी राजीव कुमार पूर्व में कोलकाता पुलिस कमिश्नर के पद पर रहते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ धरने पर बैठे थे।
 
ईडी की तरफ से सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) एसवी राजू और ईडी के स्पेशल वकील जोहेब हुसैन पेश हुए तो पश्चिम बंगाल और ममता बनर्जी की तरफ से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी पेश हुए। सुनवाई के दौरान SG मेहता ने आरोप लगाया कि I-PAC के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जांच में बाधा डाली और फाइलें/डिवाइस ले गईं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में कल कलकत्ता हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान हंगामा हुआ। उन्होंने राज्य में भीड़तंत्र हावी होने का भी आरोप लगाया और कहा कि राज्य में लोकतंत्र नहीं बचा है।

भीड़तंत्र लोकतंत्र पर हावी
SG मेहता ने शीर्ष अदालत से कहा कि हमने हाई कोर्ट में संपर्क किया था लेकिन वहां अव्यवस्था उत्पन्न हो गई। उन्होंने कहा, "अब देखिए क्या होता है जब भीड़तंत्र लोकतंत्र पर हावी हो जाता है। देखिए HC जज ऑर्डर में क्या कहते हैं। इसमें कहा गया है कि बड़ी संख्या में वकील इकट्ठा हुए और हंगामा किया। उन्होंने टॉप कोर्ट से कहा कि हाई कोर्ट में माहौल सुनवाई के लिए ठीक नहीं है। इस पर जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ ने कहा कि वह नोटिस जारी कर मामले की समीक्षा करना चाहती है।

यह बहुत गंभीर मामला है
शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि ईडी की छापेमारी संबंधी मामले की सुनवाई के दौरान कलकत्ता हाई कोर्ट में हुए हंगामे से वह अत्यंत व्यथित है। इसी बीच, ASG राजू ने कहा, "मैं वहां था। मैं बता सकता हूं कि वहां क्या हुआ था?" इसी बीच, TMC चीफ ममता बनर्जी का पक्ष रख रहे कपिल सिब्बल ने कहा, "मैं भी वहीं था।" इस पर जस्टिस मिश्रा ने झिड़की देते हुए कहा, "यहां हंगामा मत कीजिए।" इसके बाद पीठ ने मौखिक टिप्पणी की, ‘‘यह बहुत गंभीर मामला है; हम नोटिस जारी करेंगे। हमें इसकी समीक्षा करनी होगी।’’

ASG राजू का माइक बार-बार बंद किया गया
SG तुषार मेहता ने आरोप लगाया कि हाई कोर्ट में कल की सुनवाई के दौरान ASG राजू का माइक बार-बार बंद किया गया। उन्होंने कहा कि वह इससे ज्यादा नहीं कहना चाहते। उनका इशारा हाई कोर्ट में सुनवाई नहीं कराने का था। उन्होंने कहा कि वो इस अदालत में मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए आए हैं। इसी बीच, कपिल सिब्बल ने कहा, "मुझे भी अपनी बात रखने दीजिए। वे जानते हैं। मैं तृणमूल कांग्रेस के चेयरमैन की तरफ से पेश हो रहा हूं।" इस पर जस्टिस मिश्रा ने कहा, “हमें सुनने दीजिए। जिस तरह से हाई कोर्ट में हुआ है, उससे हम बहुत परेशान हैं….”

आप मेरे मुंह में अपने शब्द नहीं डाल सकते
सिब्बल ने आगे कहा, "सुनवाई कल हुई थी। इस कोर्ट को यह मानना ​​होगा कि HC न्याय नहीं दे सकता है।" इस पर शीर्ष अदालत सिब्बल पर भड़क उठा। SC जज ने कहा, "आप मेरे मुंह में अपने शब्द नहीं डाल सकते। हम तय करेंगे कि क्या मानना ​​है और क्या नहीं।" इस पर सिब्बल ने फिर कहा, "HC को केस सुनना होता है, फैसला देना होता है और फिर हम अपील में जाते हैं लेकिन इन लोगों (ED) ने अब समानांतर कार्यवाही शुरू कर दी है।" सिब्बल ने आरोप लगाया कि वहां चुनावों में गड़बड़ी करने की कोशिश हो रही है… चुनाव डेटा चुराने की कोशिश हुई है। उन्होंने यह भी कहा, "CM सिर्फ पार्टी से संबंधित दस्तावेज और निजी लैपटॉप लेकर गई थीं। सारा चुनावी डेटा गोपनीय होता है, अगर यह किसी के हाथ लग जाए, हम चुनाव कैसे लड़ेंगे?”

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