<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
मध्यप्रदेश

पीएमश्री योजना में प्रदेश के 799 विद्यालयों का किया है चयन

विद्यालय बनेंगे गुणवत्तापूर्ण एवं भविष्यगामी शिक्षा के केंद्र

भोपाल
विद्यार्थियों को बेहतर,आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार की महत्त्वाकांक्षी पीएमश्री (प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया) योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश के 799 शासकीय विद्यालयों का चयन किया गया है। स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा अब इन विद्यालयों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 के अनुरूप आदर्श, आधुनिक एवं समावेशी शैक्षणिक संस्थानों के रूप में विकसित किया जा रहा है। इ‍ससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित, सुविधायुक्त एवं प्रेरणादायी अध्ययन वातावरण प्राप्त हो सके। पीएमश्री योजना से मध्यप्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता, नवाचार और समावेशन का एक सशक्त मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। ये विद्यालय विद्यार्थियों को न केवल वर्तमान की चुनौतियों के लिए तैयार कर रहा है, बल्कि उन्हें भविष्य के सक्षम नागरिक के रूप में विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

योजना के अंतर्गत प्रत्येक शैक्षणिक सत्र में विद्यालयों के ढांचागत उन्नयन के लि‍ए व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों एवं अन्य शैक्षणिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण से विद्यालयों का शैक्षणिक परिवेश निरंतर बेहतर हो रहा है। हरित विद्यालय संकल्पना के अंतर्गत सोलर पैनल की स्थापना, स्वच्छ पेयजल एवं स्वच्छता संबंधी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इससे पर्यावरण संरक्षण के प्रति विद्यार्थियों में जागरूकता भी बढ़ रही है।

आईसीटी लैब, डिजिटल पुस्तकालय एवं नवाचार को दिया जा रहा है बढ़ावा
स्टेम (एसटीईएम) शिक्षा एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने की दिशा में सभी उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक पीएमश्री विद्यालयों में आईसीटी लैब, इंटरैक्टिव पैनल तथा डिजिटल पुस्तकालय विकसित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 458 अटल टिंकरिंग लैब की स्थापना की जा रही है, जिससे विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार एवं तकनीकी दक्षता को बढ़ावा मिल रहा है।

विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता देते हुए पीएमश्री विद्यालयों में आउटडोर एवं इनडोर खेल सामग्री उपलब्ध कराई गई है। योग, खेल एवं संगीत के लिए प्रशिक्षित विशेषज्ञों की नियुक्ति की गई है। साथ ही गणित एवं विज्ञान सर्किल गतिविधियां, कैरियर मार्गदर्शन, मानसिक स्वास्थ्य परामर्श, समर कैंप तथा बालिकाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं।

पीएमश्री विद्यालयों में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का हो रहा संचालन
राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 के प्रावधानों के अनुरूप विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा को प्रभावी रूप से लागू किया गया है। प्रदेश के 663 में से 650 उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक पीएमश्री विद्यालयों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इससे विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी कौशल प्राप्त हो रहे हैं और उनका भविष्य अधिक सुदृढ़ बन रहा है।

सुरक्षा व्यवस्था के लिए सीसीटीवी से निगरानी
विद्यालय प्रशासन एवं नेतृत्व को सशक्त बनाने के उद्देश्य से पीएमश्री विद्यालयों के प्राचार्यों को आईआईएम इंदौर, आईआईएम रायपुर एवं टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज़, मुंबई जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इसके साथ ही विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में सीसीटीवी निगरानी प्रणाली एवं अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। बोर्ड कक्षाओं के विद्यार्थियों की बेहतर तैयारी के लिए अतिरिक्त कक्षाओं का भी संचालन किया जा रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button