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उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे ‘मिशन कर्मयोगी’ की प्रगति की समीक्षा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे 'मिशन कर्मयोगी' की प्रगति की  समीक्षा

कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन द्वारा प्रदेश में जारी प्रयासों का पेश किया जाएगा खाका

फील्ड स्तर के कर्मियों के प्रशिक्षण को लेकर हो रहे कार्यों पर रहेगा विशेष फोकस

कई विभागों के प्रमुख सचिव समीक्षा बैठक में रहेंगे मौजूद

लखनऊ

उत्तर प्रदेश में मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत अब तक हुई प्रगति और भविष्य में क्रियान्वित की जाने वाली योजनाओं की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समीक्षा करेंगे। मंगलवार को कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की चेयरपर्सन एस राधा चौहान अपनी टीम के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगी और राज्य में मिशन के क्रियान्वयन की स्थिति को लेकर एक विस्तृत खाका पेश करेंगी । बैठक में विभिन्न विभागों और प्रशासनिक स्तरों पर कार्यरत लोक सेवकों की क्षमता बढ़ाने को लेकर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इस बैठक में मुख्यमंत्री सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए प्रशिक्षण की दिशा और प्राथमिकताओं पर आवश्यक दिशा-निर्देश दे सकते हैं। इस समीक्षा बैठक में कई विभागों के प्रमुख सचिव भी उपस्थित रहेंगे, जो अपने-अपने विभागों में क्षमता निर्माण से जुड़ी प्रगति और चुनौतियों से मुख्यमंत्री योगी को अवगत कराएंगे। उल्लेखनीय है कि सोमवार को कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की चेयरपर्सन एस  राधा चौहान ने मुख्य सचिव एसपी गोयल से भी मुलाकात कर प्रदेश में मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत जारी कार्यों को लेकर चर्चा की।

प्रधानमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में समीक्षा
हाल ही में आयोजित मुख्य सचिवों के सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राज्यों को कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन के मार्गदर्शन में क्षमता निर्माण योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। इन्हीं निर्देशों के अनुपालन में मुख्यमंत्री योगी द्वारा यह समीक्षा बैठक की जा रही है, जिसमें अब तक की प्रगति का आकलन किया जाएगा और आगे की कार्ययोजना पर दिशा-निर्देश दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि राज्यों में क्षमता निर्माण के प्रयासों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन ने उत्तर प्रदेश सहित 28 राज्यों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं।

फील्ड कार्मिकों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान
मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत एएनएम, आशा कार्यकर्ता, पुलिस कांस्टेबल, पंचायती राज संस्थाओं तथा स्थानीय नगरीय निकायों (ULB) के फील्ड स्तर के कर्मियों के लिए व्यवहारिक और कार्यात्मक प्रशिक्षण पर विशेष फोकस रहेगा। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से जमीनी स्तर पर सेवा वितरण की क्षमता को मजबूत करने का लक्ष्य है।

UPAAM है नोडल की भूमिका में, iGoT पर उपलब्ध होंगे पाठ्यक्रम
राज्य सरकार ने विभागों को क्षमता निर्माण योजनाएं तैयार करने में सहयोग के लिए UPAAM को नोडल संस्था नामित किया है। इसके तहत तैयार किए जाने वाले प्रशिक्षण पैकेज iGoT पोर्टल पर कर्मयोगी भारत के माध्यम से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल है, जहां अब तक 18.8 लाख से अधिक उपयोगकर्ता ऑनबोर्ड किए जा चुके हैं। राज्य के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले विभागों में स्कूल शिक्षा और पुलिस विभाग प्रमुख हैं। इनके बाद चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, होम गार्ड्स, कृषि, पावर कॉरपोरेशन तथा पंचायती राज विभाग उल्लेखनीय रूप से आगे हैं। कर्मयोगी भारत (iGOT) प्लेटफॉर्म पर वर्तमान में हिंदी भाषा में 840 से अधिक पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं।

इंजीनियरों के लिए विशेष प्रशिक्षण पैकेज तैयार
मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर सड़क, सिंचाई, भवन, पुल और संचार सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत इंजीनियरों के लिए विशेष प्रशिक्षण पैकेज भी तैयार किए गए हैं। इनका उद्देश्य तकनीकी दक्षता के साथ-साथ प्रशासनिक और प्रबंधन क्षमताओं को सुदृढ़ करना है। इस बैठक को राज्य में मिशन कर्मयोगी के प्रभावी क्रियान्वयन और एक सक्षम, आधुनिक व उत्तरदायी प्रशासनिक तंत्र के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। इस बैठक का उद्देश्य हिंदी में राज्य-विशेष पाठ्यक्रमों के विकास के लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार करना भी है।

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