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टाटानगर–एर्नाकुलम एक्सप्रेस के दो डिब्बों में भीषण आग, AC बोगियों में मची अफरा-तफरी

 एलामंचिली

टाटा-एर्नाकुलम एक्‍सप्रेस ट्रेन में आग लग गई. इस हादसे में एक यात्री की मौत हो गई. आंध्र प्रदेश के एलामंचिली के पास रविवार को आधी रात के बाद टाटा–एर्नाकुलम एक्सप्रेस में भीषण आग लग गई. यह ट्रेन हादसा रात करीब 1:30 बजे हुआ, जब ट्रेन एलामंचिली के नजदीक से गुजर रही थी. ट्रेन के पैंट्री कार से सटे B-1 और M-2 AC कोच में अचानक आग की लपटें उठने लगीं. रेलवे सूत्रों के अनुसार, ट्रेन के लोको पायलटों ने धुआं और आग देखकर तुरंत ट्रेन को रोक दिया. हालांकि, दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचतीं, उससे पहले ही दोनों AC कोच पूरी तरह जलकर खाक हो गए. आग के कारण कोचों में घना धुआं भर गया, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई. कई यात्री अपनी जान बचाने के लिए घबराकर ट्रेन से नीचे उतर आए. इस हादसे में एक पैसेंजर की जिंदा जलने से मौत हो गई.

दमकल विभाग की टीमें पास के फायर स्टेशनों से मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. रेलवे अधिकारियों ने स्थिति की समीक्षा की और एहतियात के तौर पर एंबुलेंस भी बुलाई गईं. हादसे के बाद करीब 2,000 यात्री स्टेशन पर फंस गए, जिन्हें ठंड में लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा. इस दर्दनाक हादसे में विजयवाड़ा के 70 वर्षीय चंद्रशेखर सुंदर की मौत हो गई. वे B-1 AC कोच में यात्रा कर रहे थे और आग की चपेट में आकर जिंदा जल गए. इसके अलावा आग से प्रभावित दोनों कोचों में यात्रियों का सारा सामान जलकर नष्ट हो गया.

कोहरे ने बढ़ाई आफत

आग की लपटें बढ़ते ही धुआं बोगियों में फैल गया था, जिसके चलते यात्री घबरा गए और प्लेटफॉर्म पर उतर गए। कई यात्री समझ ही नहीं सके कि आखिर क्या हुआ था। चश्मदीदों का कहना है कि घने कोहरे के कारण कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था, जिसके चलते कन्फ्यूजन और डर बढ़ गया था। इस हादसे में जान गंवाने वाले शख्स की उम्र 70 वर्ष थी।
क्या थी वजह

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ट्रेन तय समय से 4 घंटे देरी से अनकपल्ली पहुंची। रिपोर्ट में रेलवे सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि अनकपल्ली से ट्रेन के रवाना होने के बाद नरसिंहबल्ली चिंगारियां और लपटें देखी गई थीं। माना जा रहा है कि इसकी वजह बी1 एसी कोच के ब्रेक के गर्म होना और आग पकड़ना थी।

मौके पर आग बुझाने पहुंची अनकपल्ली, एलमान्चिली और नक्कापल्ली की टीमों को घंटों मशक्कत करनी पड़ी। उनकी तमाम कोशिशों के बाद भी दो कोच पूरी तरह से जल चुके थे और वहां मौजूद यात्रियों का सामान भी तबाह हो गया था।

ट्रेन सेवाओं पर असर

घटना का असर विशाखापत्तनम–विजयवाड़ा रेल मार्ग पर भी पड़ा. इस रूट पर चलने वाली कई ट्रेनों को रोकना पड़ा या देरी से चलाया गया. बाद में यात्रियों को अन्य कोचों में शिफ्ट किया गया और जले हुए कोच हटाने के बाद ट्रेन को आगे के सफर के लिए रवाना किया गया. रेलवे प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है. यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे ने आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है.

बिहार में भी हादसा

बिहार के जमुई जिले में शनिवार देर रात बड़ा रेल हादसा हो गया था. मालगाड़ी की 19 बोगियां बेपटरी हो गई थीं, जिनमें से 10 पुल के नीचे गिर गई थीं. इस वजह से नई दिल्‍ली-पटना-किउल-झाझा-हावड़ा रेलखंड पर ट्रेन सर्विस बुरी तरह से प्रभावित हुई है. दर्जनों ट्रेनों को डावर्ट करना पड़ा. इससे हजारों की तादाद में यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है. सोमवार 29 दिसंबर 2025 तक भी इस रेलखंड पर सेवाएं सामान्‍य नहीं हो पाईं. रेलवे के शीर्ष अधिकारियों का कहना है कि इस मार्ग पर ट्रेन ऑपरेशन को जल्‍द ही बहाल कर दिया जाएगा.

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