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छत्तीसगड़

पारदर्शिता से बदली धान खरीदी की तस्वीर, किसान पिंकू कुजूर बोले– अब प्रक्रिया आसान और भरोसेमंद

अंबिकापुर,

जिले में संचालित धान उपार्जन केन्द्रों की पारदर्शी एवं किसान-हितैषी व्यवस्था का लाभ अब किसानों को मिल रहा है। टोकन प्रणाली, समयबद्ध खरीदी, त्वरित नमी परीक्षण तथा मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता के चलते धान विक्रय की प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक सरल और सहज हो गई है। किसानों को अब धान बेचने के लिए अनावश्यक प्रतीक्षा या परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।

अम्बिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत श्रीगढ़ निवासी किसान पिंकू केरकेट्टा ने बताया कि इस वर्ष उनकी धान की फसल अच्छी हुई है। उन्होंने कुल 59.60 क्विंटल धान का रकबा है, जिसे उन्होंने खैरबार धान उपार्जन केन्द्र में विक्रय किया है। किसान श्री केरकेट्टा ने बताया कि टोकन कटाने की प्रक्रिया पूरी तरह से व्यवस्थित रही और इसमें किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हुई।

उन्होंने बताया कि खैरबार उपार्जन केन्द्र पहुंचते ही गेट पास जारी किया गया, इसके बाद धान की नमी परीक्षण कर तत्काल बारदाना उपलब्ध कराया गया। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और तेज रही, जिससे कम समय में धान की तौल और खरीदी पूरी हो गई। उन्होंने कहा कि उन्हें धान विक्रय के दौरान किसी भी स्तर पर दिक्कत नहीं हुई।

किसान केरकेट्टा ने बताया कि उपार्जन केन्द्र में किसानों के लिए बैठने एवं पीने के स्वच्छ पानी की पर्याप्त व्यवस्था है, उन्होंने कहा कि पहले धान बेचने में पूरा दिन लग जाता था, लेकिन अब सीमित समय में कार्य पूर्ण हो जाता है, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार द्वारा धान का सर्वाधिक मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा है, जिससे किसानों को फसल का उचित दाम मिला है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है।

फसल विक्रय से प्राप्त राशि का उपयोग किसान केरकेट्टा रबी सीजन में गेहूं, सरसों एवं विभिन्न सब्जी फसलों की खेती में कर रहे हैं। इससे बहुफसली खेती को बढ़ावा मिल रहा है और किसानों की आय के स्रोत भी बढ़ रहा हैं। उन्होंने कहा कि समय पर भुगतान और बेहतर व्यवस्था के कारण किसान अब अपनी आगे की खेती की योजना आसानी से बना पा रहे हैं।

किसान  केरकेट्टा ने धान खरीदी व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान व्यवस्था किसानों के हित में है उन्होंने किसानों के लिए की गई धान खरीदी
व्यवस्थाओं हेतु मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

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