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मध्यप्रदेश

दो साल में श्रमिकों के हित में बड़े कदम, मध्यप्रदेश सरकार की अहम उपलब्धियाँ

श्रमिकों के कल्याण के लिये मध्यप्रदेश में दो वर्षों में हुए उल्लेखनीय कार्य

भोपाल 

विकास के मार्ग पर तेजी से बढ़ रहे मध्यप्रदेश में डॉ मोहन यादव सरकार की श्रम और श्रमिकों से संबंधित नीतियों के कारण श्रमिकों के हित में अनेक निर्णय लिए गए है। वहीं तुलनात्मक रूप से राज्य में श्रम उपलब्धता की बेहतर स्थिति के कारण राज्य के औद्योगिक विकास में भी मदद मिल रही है। इस कार्य में मध्यप्रदेश श्रम कल्याण मंडल ने भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। किसी भी राज्य में बेहतर औद्योगिक विकास के पीछे श्रमिकों की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण घटक है। इसी को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश में श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखकर कदम उठाए जा रहे हैं।

म.प्र. श्रम कल्याण मंडल की विगत दो वर्ष की उपलब्धियों

मंडल द्वारा म.प्र. श्रम कल्याण निधि अधिनियम, 1982 के प्रावधानों के अंतर्गत मंडल को श्रमिकों एवं नियोजकों से प्राप्त होने वाले अभिदाय को ऑनलाइन प्राप्त करने के लिये एम पी ऑनलाइन के माध्यम से मंडल का पोर्टल विकसित किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से 97 प्रतिशत से अधिक अभिदाय राशि मंडल को ऑनलाइन प्राप्त हो रही है। पोर्टल में मंडल द्वारा संचालित श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी एवं आवेदन पत्रों का प्रारूप दिया गया है। सभी नियोजकों के लिये पोर्टल उपयोगी है।

मंडल को विगत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 13 हजार 238 संस्थान स्थापनाओं में कार्यरत लगभग 8 लाख 93 हजार 193 श्रमिकों का अभिदाय 12 करोड़ 35 लाख 50 हजार रूपये प्राप्त हुआ है। यह विगत वित्तीय वर्ष की तुलना में 1 करोड़ 30 लाख रूपये अधिक है।

मंडल द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 में 11 हजार 359 हितग्राहियों को 6 करोड़ 29 लाख रूपये से अधिक हितलाभ राशि वितरित की गई थी। वहीं वित्तीय वर्ष 2024-25 में 15 हजार 405 हितग्राहियों को 8 करोड़ 24 लाख रूपये से अधिक की हितलाभ राशि वितरित की गई। यह विगत वित्तीय वर्ष की तुलना में 1 करोड़ 95 लाख रूपये अधिक है।

मंडल की 60वीं बैठक में लिये गये निर्णय एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा श्रम विभाग की समीक्षा बैठक में श्रम मंत्री एवं मुख्य सचिव महोदय के समक्ष प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में नवीन सर्व सुविधा युक्त आदर्श श्रम कल्याण केन्द्र स्थापित किये जाने के निर्देश दिये गये थे। इसके परिपालन में भोपाल, ग्वालियर, रीवा, सतना, पीथमपुर जबलपुर एवं उज्जैन में आदर्श श्रम कल्याण केन्द्र विकसित करने के लिये शासकीय भूमि आवंटन के लिये सर्व संबंधित औद्योगिक केन्द्र विकास निगम के कार्यकारी संचालकों को पत्र प्रेषित किये गये हैं।

मंडल की 61वीं बोर्ड बैठक में अंतिम संस्कार सहायता योजना एवं अनुग्रह सहायता योजना का विस्तार करते हुए पात्र श्रमिक के परिवार में पति, पली, पुत्र, पुत्री तथा पात्र श्रमिक के माता पिता के अंतिम संस्कार के लिये एवं अनुग्रह सहायता का लाभ प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। मंडल की 61वीं बोर्ड बैठक में पात्र दिव्यांग श्रमिकों को इलेक्ट्रिक ट्रायसायकल एवं उपकरण प्रदान योजना प्रारम्भ करने का निर्णय लिया गया था। उक्त योजना लोक सेवा गारंटी स्कीम के अंतर्गत अधिसूचित की गई है। योजना लागू करने के संबंध में कार्यवाही निरंतरित है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र दिव्यांग श्रमिकों को 50 हजार रूपये राशि तक इलेक्ट्रिक ट्रायसायकल अथवा उपकरण प्रदान किये जायेंगे।

श्रम मंत्री द्वारा सभी संभागों में श्रमिक खेलकूद प्रतियोगिताए आयोजित करने के निर्देशों के परिपालन में इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम, रीवा, उज्जैन, जबलपुर, शहडोल, ग्वालियर चंबल तथा सागर संभाग में श्रमिक खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा चुका है। इनमें प्रदेश के सभी संभागों में समूह खेलों में विजेता, उपविजेता तथा एथेलेटिक्स में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले 1005 श्रमिक खिलाडियों ने पुरस्कार प्राप्त किये।

मंडल द्वारा प्रदेश में संचालित 27 श्रम कल्याण केन्द्रों को कम्प्यूटर सेट एवं आवश्यक सामग्री प्रदान की गई है। प्रदेश के 17 सिलाई केन्द्रों में विगत तीन वर्षों में सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली श्रमिक परिवार की 418 महिलाओं को म.प्र. राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड भोपाल के माध्यम से दक्षता मूल्यांकन कर प्रमाण पत्र प्रदान किये गये है।

म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा प्रदेश के सभी 17 नगर निगमों में 100 बिस्तर क्षमता के श्रमिक विश्राम गृह निर्माण का निर्णय लिया गया है। उज्जैन, सागर, सिंगरौली, बालाघाट एवं शहडोल जिलों में एक एक नवीन श्रमोदय आवासीय विद्यालय का निर्माण किए जाने का निर्णय लिया गया है। नरसिंहपुर जिले में श्रमोदय आदर्श आईटीआई के निर्माण का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ है।

केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं का क्रियान्वयन भी विभाग की ओर से किया जा रहा है। आयुष्मान भारत निरामयम योजना के तहत 13 लाख 85 हजार 963 निर्माण श्रमिकों एवं 38 लाख 52 हजार 307 परिवार सदस्यों का आयुष्मान कार्ड जारी किया गया है। इस योजना के तहत अब तक 3 लाख से अधिक निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवारों के सदस्यों को 847 करोड़ 33 लाख की चिकित्सा सहायता दी गयी।

· डॉ. आर.आर. पटेल

 

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