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मध्यप्रदेश

प्रधानमंत्री मोदी और CM डॉ. यादव के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र में प्रदेश कर रहा लगातार प्रगति: मंत्री कंषाना

प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में कृषि के क्षेत्र में प्रदेश लगातार कर रहा प्रगति – कृषि मंत्री कंषाना

मध्यप्रदेश देश के अग्रणी कृषि राज्यों में शामिल

भोपाल 

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल कंषाना सिंह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र दी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्‍व में कृषि के क्षेत्र में लगातार प्रगति कर रहा है। हमारी सरकार विकास और सेवा के दो वर्ष पूर्ण कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का समृद्ध मध्‍यप्रदेश का सपना पूर्ण कर रही है। यह बात मंत्री कंषाना ने जनसंपर्क संचालनालय के सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश आज देश के अग्रणी कृषि राज्यों में शामिल है। सोयाबीन एवं मक्‍का के उत्‍पादन में प्रदेश का देश में प्रथम स्‍थान है तथा गेहूं, उड़द, मसूर, चना, सरसों, कुल तिलहन, कुल दलहन, कुल अनाज और मोटा अनाज में मध्‍य प्रदेश का देश में द्वितीय स्‍थान है। यह हमारे किसानों की मेहनत और सरकार की किसान-हितैषी नीतियों का प्रतिफल है। प्रदेश के अन्‍नदाताओं की कड़ी मेहनत से ही यह उपलब्धियां हासिल करने में हम सफल हुये है।

कृषि मंत्री कंषाना ने कहा कि वर्ष 2002-2003 में सिंचाई का क्षेत्रफल लगभग साढ़े सात लाख हेक्‍टेयर था जो कि 2024-25 में 55 लाख हेक्‍टेयर से अधिक क्षेत्र में सिंचाई की जा रही है। आगामी 3 वर्षों में सिंचाई का रकबा बढ़ाकर65 लाख हेक्‍टेयर करने का लक्ष्‍य है। जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।

 जनजातीय अंचलों में श्रीअन्न को बढ़ावा देने के लिए रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना प्रारंभ की गई है, जिससे कोदो-कुटकी जैसी पारंपरिक फसलों का उत्पादन, विपणन की व्‍यवस्‍था की जा रही है, ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो सके। किसानों की सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत करोड़ों रुपये की सहायता राशि सीधे किसानों तक पहुँची है। प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को राहत राशि का त्वरित वितरण किया गया है।

 कृषि मंत्री कंषाना ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत मध्‍य प्रदेश के 8 जिले अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, सीधी, अलीराजपुर, निमाड़ी, टीकमगढ़ एवं डिण्‍डोरी को शामिल किया गया है। इन आकांक्षी जिलों में कृषि उत्पादन, ग्रामीण समृद्धि और योजनाओं के समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वर्ष 2024-25 में सोयाबीन, चना, मसूर, धान एवं गेहूं की खरीदी के माध्यम से किसानों को हजारों करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।

प्रदेश में प्राकृतिक खेती, तिलहन-दलहन आत्मनिर्भरता मिशन, राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, ई-नाम, कृषि अद्योसंरचना निधि और कृषि निर्यात जैसे क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। हमारा संकल्‍प है कि किसान की आय बढ़े, खेती टिकाऊ बने और मध्‍य प्रदेश कृषि में देश का नेतृत्‍व करें।

कृषि परिदृश्‍य

 देश में मध्‍य प्रदेश मक्‍का एवं सोयाबीन के उत्‍पादन में प्रथम स्‍थान तथा गेहॅू, उड़द, मसूर, चना, सरसों, कुल तिलहन, कुल दलहन, कुल खाद्यान्‍न, कुल मोटा अनाज में द्वितीय स्‍थान पर है।

न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य पर उपार्जन

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्‍व में प्रदेश सरकार द्वारा गत 2 वर्षों में 48 लाख 51 हजार किसानों से 02 करोड़ 41 लाख 31 हजार मीट्रिक टन अनाज खरीदा गया है। जिसके विरूद्ध 81 हजार सात सौ अड़सठ करोड़ रूपये का भुगतान किसानों के खाते में किया गया है।

सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना

प्रदेश सरकार द्वारा किसान भाईयों की मेहनत को प्रतिफल प्रदाय करने के लिये सोयाबीन की फसल के लिये भावांतर भुगतान योजना लागू की गई है। जिसके अंतर्गत 09 लाख 36 हजार कृषकों का पंजीयन हुआ है। अभी तक लगभग छ: लाख कृषकों के द्वारा तेरह लाख नवासी हजार मेट्रिक टन सोयाबीन का विक्रय मंडियों में किया गया है, जिससे दो चरणों में मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव द्वारा दो लाख सरसठ हजार किसानों के खाते में चार सौ बियासी करोड़ रूपये अंतरित किये गये है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

प्राकृतिक आपदाओं से फसल क्षति होने पर किसानों को सहायता के लिये गत 2 वर्षों में राज्य सरकार द्वारा सत्‍तर लाख कृषक आवेदनों पर बारह सौ सेंतीस करोड़ चौवन हजार राशि रूपये का दावा भुगतान किया गया है।

प्रधानमंत्री एवं मुख्‍यमंत्री  किसान सम्‍मान निधि योजना

 प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा किसान सम्‍मान निधि के रूप में किसानों को छ: हजार रूपये दिये जा रहे थे, मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव द्वारा भी किसानों को छ: हजार रूपये की राशि दी जा रही है, इस प्रकार प्रधानमंत्री एवं मुख्‍यमंत्री किसान सम्‍मान निधि योजना अंतर्गत माह अप्रैल, 2025 से अभी तक एक करोड़ अडसठ लाख किसानों को छ: हजार सात सौ छप्‍पन करोड़ की राशि का भुगतान किया जा चुका है।

‘रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना’’

    रानी दुर्गावती अन्‍न प्रोत्‍साहन योजना अंतर्गत प्रदेश में प्रथम बार 16 जिलों – जबलपुर, कटनी, मण्डला, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, शहडोल, अनुपपुर, उमरिया, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर,  बालाघाट, सिवनी, सीधी एवं सिंगरौली में उपार्जन किया जा रहा है।

    कोदो कुटकी उपार्जन के लिये कुल बाईस हजार चार सौ उनचास कृषकों का पंजीयन किया गया, जिसका रकबा इक्‍कीस हजार एक सौ बहत्‍तर हैक्‍टेयर है।

    खरीफ 2025 में लगभग पन्‍द्रह हजार मेट्रिक टन कोदों एवं कुटकी का उपार्जन का लक्ष्‍य निर्धारित किया।

    राज्य सरकार द्वारा राशि रुपए एक हजार प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से प्रदाय की जाएगी।

खाद वितरण

    भारत सरकार द्वारा प्रत्‍येक वर्ष खाद के ऊपर दो लाख करोड़ की सब्सिडी प्रदाय की जाती है।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्‍व में सरकार द्वारा गत दो वर्षों में अभी तक बहत्‍तर लाख मेट्रिक टन यूरिया एवं बयालीस लाख मेट्रिक टन डीएपी + एनपीके वितरण किया गया है।

    विगत वर्ष इसी अवधि में विक्रय मात्रा से यूरिया तीन लाख दस हजार मेट्रिक टन अधिक विक्रय किया जा चुका है एवं वर्तमान में ढाई लाख मेट्रिक टन यूरिया स्‍टॉक में है।

    विगत वर्ष इसी अवधि में विक्रय मात्रा से डीएपी + एनपीके लगभग सत्‍तर हजार मेट्रिक टन अधिक किसानों को विक्रय किया जा चुका है एवं वर्तमान में लगभग चार लाख मेट्रिक टन स्‍टॉक में है।

ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान

    योजना का उद्देश्‍य किसानों को उनकी जमीन के अनुसार उर्वरक प्राप्ति में होने वाली समस्याओं जैसे- लंबी कतारें, अनियमित वितरण को समाप्त करना है।

    प्रदेश में उर्वरक वितरण हेतु ई-विकास पोर्टल के माध्यम से विदिशा, शाजापुर, जबलपुर, नर्मदापुरम, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर एवं गुना को सम्मिलित किया गया है।

    किसान को उसकी जमीन एवं फसल अनुशंसित मात्रानुसार उर्वरक की उपलब्‍धता कराई जा रही है

परंपरागत कृषि विकास योजना

    परंपरागत कृषि विकास योजना प्रमाणित जैविक खेती को प्रोत्‍साहित एवं बढावा देने के     लिए संचालित है।

    वर्ष 2025-26 में तेतालीस हजार तीन सौ पचास हैक्टेयर में 09 सर्विस प्रोवाईडर के माध्‍यम से कृषक समूहों में जैविक प्रमाणीकरण कार्यक्रम क्रियान्वित किये जा रहे है।

    कृषकों को राशि रूपये पांच हजार प्रति हैक्टेयर प्रति वर्ष अनुदान दिया जाता है।

नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग

    नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग प्राकृतिक खेती को प्रोत्‍साहित एवं बढावा देने के लिये योजना संचालित है। `

    प्रदेश में पन्‍द्रह सौ तेरह क्लस्टर में एक लाख नवासी हजार एक सौ पच्‍चीस एकड़ में एक लाख नवासी हजार एक सौ पच्‍चीस किसानों के साथ क्रियान्वित की जा रही है।

    प्रत्येक कृषक को राशि रूपये चार हजार प्रति एकड़ प्रति वर्ष अनुदान दिया जा रहा है।

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना

    माननीय प्रधानमंत्री मोदी द्वारा "प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना कृषि उत्पादकता और ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुभारंभ किया गया है।

    योजना में मध्‍यप्रदेश के 8 जिले यथा-अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, सीधी, अलीराजपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़ एवं डिण्डोरी को शामिल किया गया है।

    प्रधानमंत्री धन – धान्य कृषि योजनाभारत सरकार की एक नई पहल है, जो कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की प्रचलित योजनाओं जिसमें कृषि विभाग की 19 तथा मछली पालन / पशुपालन / दुग्ध / सहकारिता / जल संसाधन / खाद्य प्रस्करण / ग्रामीण विकास  / कौशल विभाग / लघु एवं सुक्ष्म उद्योग विभागों की 17 प्रचलित  योजनाओं का अभिसरण (कवरेज) कर क्रिन्यावित किया जायेगा।

दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन"

    दलहनों में आत्‍मनिर्भरता मिशन भारत सरकार द्वारा 11अक्‍टूबर  2025 को प्रारंभ की गई।

     योजना का उद्देश्‍य दलहन में तुअर, उड़द एवं मसूर पर विशेष ध्‍यान देते हुए दलहन उत्‍पादन एवं क्षेत्रफल विस्‍तार करना है।

    वर्तमान में दलहन उत्‍पादन में मध्‍यप्रदेश प्रथम स्‍थान पर है।

    वर्ष 2024-25 में दलहन का कुल क्षेत्रफल चवालीस लाख बानवे हजार हैक्‍टेयर है, जिसे आगामी 03 वर्षो में लगभग पचपन लाख हैक्‍टेयर किये जाने का लक्ष्‍य है।

आगामी कार्ययोजना

    ई-विकास प्रणाली अंतर्गत किसानो को उर्वरक की होम डिलीवरी सेवा।

    प्रदेश में मौसम आधारित बीमा योजना शीघ्र ही प्रारंभ की जाएगी।

    भावांतर योजनांतर्गत कृषकों को मूंगफली एवं सरसों का लाभ दिया जायेगा।

    नमो ड्रोन दीदी योजनांतर्गत आगामी वर्ष में एक हजार छियासठ किसान ड्रोन, महिला  स्‍व-सहायता समूह को प्रदान कर उन्‍हे स्‍वावलंबन बनाया जायेगा।

    नरवाई प्रबंधन अंतर्गत सीबीजी प्‍लांट के साथ पराली को वैकल्पिक ऊर्जा स्‍त्रोत के रूप में व्‍यवसायिक मॉडल विकसित किया जा रहा है।

वर्ष 2026 को कृषि वर्ष मनाये जाने का निर्णय

    समन्वित रूप से कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में कृषकों की आय में वृद्धि करना।

    कृषि को प्राकृतिक खेती के माध्‍यम से जलवायु अनुकूल बनाना।

    किसानों की उपज के लिए उचित मूल्‍य सुनिश्चित करना।

    तकनीकी सुधार एवं यंत्रीकरण करना।

    डिजीटल एग्री के माध्‍यम से क्षेत्र का आधुनिकीकरण करना एवं कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में विविधीकरणको बढावा देना।

    मूल्‍य संवर्धन के माध्‍यम से नये रोजगार सृजन करना है।

पराली प्रबंधन

मध्‍यप्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2026 कृषि वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। हमारा लक्ष्‍य वर्ष 2026 में पराली जलाने की समस्‍या को चालीस प्रतिशत कम किये जाने का है। उन्‍नत तकनीकी का उपयोग कर सरकार द्वारा पराली प्रबंधन का कार्य किया जायेगा।

मंडी बोर्ड

मध्‍यप्रदेश सरकार द्वारा दो सौ उनसठ मंडियों में ई-मण्‍डी योजना लागू है। हम आगामी तीन सालों में समस्‍त मंडियों को आधुनिक बनाने की ओर अग्रसर है।

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