<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
उत्तर प्रदेश

लखनऊ खादी प्रदर्शनी-2025 का उद्घाटन 18 दिसंबर को

खादी एवं ग्रामोद्योग को मिलेगा नया आयाम, मंडल स्तरीय खादी प्रदर्शनी-2025 का आयोजन

मंडल स्तरीय खादी प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना

लखनऊ मंडल के खादी एवं ग्रामोद्योग के उत्पाद को मिलेगा प्रदर्शन और बिक्री का मंच 

लखनऊ
उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, लखनऊ खादी प्रदर्शनी-2025 का उद्घाटन 18 दिसंबर को होगा। मंडल स्तरीय खादी प्रदर्शनी का उद्घाटन दोपहर 2:00 बजे प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप ये प्रदर्शनी प्रदेश में खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों की विविधता को प्रदर्शित करेगी, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कार्यक्रम का आयोजन केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के लखनऊ परिसर, गोमती नगर में होगा।  

यूपी का खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड दस दिवसीय मंडल स्तरीय, खादी प्रदर्शनी-2025 का आयोजन होगा। ये प्रदर्शनी 18 दिसंबर से लेकर 28 दिसंबर तक केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के लखनऊ परिसर, गोमती नगर में होगा। खादी प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य मंडल स्तर के खादी एवं ग्रामोद्योग के कारीगरों और उनके उत्पादों को मंच प्रदान करना है। जहां पर खादी वस्त्र, हस्तशिल्प, चमड़े के सामान, मिट्टी के बर्तन, बांस की कलाकृतियां और जैविक उत्पादों को एक छत के नीचे प्रदर्शनी एवं बिक्री का स्थल उपलब्ध कराएगा। लगभग 50 स्टॉलों पर स्थापित इन उत्पादों से उपभोक्ता स्थानीय कारीगरों को सीधे उनके उत्पाद खरीद सकेंगे, जो कारीगरों के आर्थिक स्वावलंबन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

प्रदर्शनी का उद्देश्य न केवल उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देना है, बल्कि युवाओं को ग्रामोद्योग की ओर आकर्षित करना भी है। उत्तर प्रदेश में खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र से लाखों परिवार जुड़े हैं, और यह प्रदर्शनी 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के अनुरूप सिद्ध होगी। ऐसी पहल ग्रामीण प्रवास को रोकने और सतत विकास को प्रोत्साहित करेंगी। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रदर्शन और कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी, जहां कारीगर अपनी कला के रहस्य साझा करेंगे। खादी बोर्ड की यह पहल प्रदेश सरकार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। खादी बोर्ड की ओर से पूरे प्रदेश में मंडल स्तर पर इस प्रकार की प्रदर्शनियों का आयोजन किया जा रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button