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विदेश

लातविया में बढ़ी मर्दों की कमी, महिलाएं अब ले रही हैं ‘हज़बैंड फॉर एन ऑवर’ – क्या है इसका असर?

रीगा

दुनिया में ज्यादातर देशों में पुरुषों की संख्या महिलाओं से अधिक होती है, लेकिन यूरोप का छोटा-सा देश लातविया बिल्कुल अलग तस्वीर पेश करता है.यहां महिलाओं की आबादी पुरुषों से इतनी ज्यादा है कि कई महिलाएं घर का काम संभालने के लिए 'भाड़े के पति' तक रखने लगी हैं.ये पुरुष अस्थायी तौर पर बुलाए जाते हैं और घरेलू काम जैसे पाइपलाइन ठीक करना, पर्दे लगाना, बढ़ईगिरी या टीवी माउंट करना सब कुछ कर देते हैं.

द सन की रिपोर्ट कहती है कि लातविया में कई कंपनियां ऐसे पुरुष उपलब्ध कराती हैं, जो तकनीकी और घरेलू मरम्मत से जुड़े काम संभालते हैं. महिलाएं फोन या ऑनलाइन बुकिंग करके 'हस्बैंड फॉर एन ऑवर' को अपने घर बुला सकती हैं और विशेषज्ञ सिर्फ 60 मिनट में पहुंचकर पाइपलाइन, पेंटिंग, बढ़ईगिरी या अन्य काम निपटा देते हैं.

लातविया की एक फेस्टिवल वर्कर दनिया ने द सन से कहा कि इसमें कुछ गलत नहीं… लेकिन थोड़ा बैलेंस बनाए रखने के लिए देश में कुछ और पुरुष होने चाहिए. बात करने, फ्लर्ट करने सब में मजा आता है.उनकी दोस्त जाने ने भी कहा-इसी कमी के चलते मेरी ज्यादातर सहेलियां विदेश जाकर बॉयफ्रेंड बना रही हैं.

किराए पर पतियों को क्यों बुलाती हैं महिलाएं

द न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, लातविया में पुरुषों की कमी इतनी बढ़ गई है कि महिलाओं को घर के मुश्किल कामों के लिए किराए पर “घंटे भर के पति” बुलाने पड़ रहे हैं। यहां महिलाओं की संख्या पुरुषों से करीब 15% अधिक है, जिसके कारण जेंडर इम्बैलेंस पैदा हो गया है। इसी वजह से घर के वे काम, जिनमें पुरुषों की जरूरत होती है, उन्हें पूरा कराने के लिए महिलाएं कुछ समय के लिए पुरुष हेल्पर्स की सेवाएं लेती हैं।

क्यों है ये चिंता करने वाली बात

दुनिया के कई देशों में युवाओं की तुलना में बुजुर्गों की संख्या अधिक होती है, और यह स्थिति सामान्य मानी जाती है क्योंकि इसमें जेंडर असंतुलन जैसी समस्या कम होती है। लेकिन वर्ल्ड एटलस की एक रिपोर्ट के अनुसार, लातविया में 65 साल से अधिक उम्र के लोगों में महिलाओं की संख्या पुरुषों की तुलना में लगभग दोगुनी है। इस गंभीर जेंडर इम्बैलेंस का असर ये है कि महिलाओं के लिए सही जीवनसाथी ढूंढना मुश्किल होता जा रहा है, जिससे रिश्तों को लेकर चुनौतियां बढ़ रही हैं।

पुरुषों की कमी से क्या असर पड़ता है

द पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, लातविया में महिलाएं मानती हैं कि जेंडर असमानता के कारण रोजमर्रा की जिंदगी और काम वाली जगहों पर पुरुषों की कमी साफ दिखाई देती है। एक महिला ने बताया कि उसके ऑफिस में सभी सहकर्मी महिलाएं ही हैं। हालांकि माहौल अच्छा रहता है, लेकिन पुरुषों के होने से काम और भी रोचक बन जाता। इसी कमी के चलते कई महिलाएं सही पार्टनर की तलाश में विदेशों का रुख करती हैं, ताकि उन्हें बैलेंस और परफेक्ट जीवनसाथी मिल सके।

कैसे सामने आया ये ट्रेंड?

लातविया में पुरुषों की कमी बढ़ने के साथ ही घर के कामकाज संभालने की जिम्मेदारी अकेली महिलाओं पर आ गई. जैसे-जैसे विवाह दर गिरती गई और पुरुषों की संख्या कम होती गई, महिलाओं ने घरेलू जरूरतों के लिए पेशेवर मदद लेना शुरू किया. इसी से जन्म हुआ 'हस्बैंड फॉर एन ऑवर' जैसे सेवाओं का, जहाँ प्रशिक्षित पुरुष पैसे लेकर वही काम करते हैं जो आमतौर पर परिवार का पुरुष सदस्य करता है. जैसे मरम्मत, फिक्सिंग, इंस्टॉलेशन और रोज़मर्रा के छोटे-मोटे काम.

कैसे बदली जनसंख्या की तस्वीर?

लातविया के केंद्रीय सांख्यिकी ब्यूरो के  जारी ताज़ा आंकड़े चौंकाते हैं. रिपोर्ट के अनुसार 18 साल से ऊपर की आबादी में सिर्फ 44.6 फीसदी लोग विवाहित हैं.15.6 फीसदी लोग तलाकशुदा हैं और 29.6 फीसदी लोग अविवाहित हैं.

इसका मायने ये है कि देश में बड़ी संख्या में महिलाएं अकेली रह रही हैं और घर के दैनिक कामों में सहायता के लिए अस्थायी पति रखना, यानी पेड पार्टनर, एक उभरता ट्रेंड बन गया है.

रिपोर्ट कहती है कि 100 आत्महत्याओं में 80 फीसदी से ज्यादा पुरुष होते हैं. यहां की महिलाएं पुरुषों की तुलना में औसतन 11 साल अधिक जीती हैं. देश की औसत आयु भी करीब 44.1 वर्ष है.

यहां की महिलाएं इस एप्स से बुलाती हैं

इस देश की महिलाओं का मानना है कि पुरुषों की कमी उन्हें हर जगह महसूस होती है। चाहे रोजमर्रा के घरेलू काम हों या इमोशनल सपोर्ट की जरूरत, हर स्थिति में पुरुषों की अनुपस्थिति खटकती है। इसी वजह से यहां Komaanda 24 जैसे प्लेटफॉर्म “Men with Golden Hands” के नाम से सेवाएं उपलब्ध कराते हैं, जिनमें प्लंबिंग, कारपेंट्री, रिपेयर या टीवी इंस्टॉलेशन जैसे कामों के लिए पुरुषों को बुलाया जाता है। इसके अलावा Remontdarbi.lv नाम की वेबसाइट पर महिलाएं फोन पर बात करने या घर के कामों के लिए “घंटे भर के पति” हायर करती हैं, जो पेंटिंग, घरेलू मरम्मत और मेंटेनेंस जैसे काम संभालते हैं।

ये ट्रेंड लातविया तक सीमित नहीं है पहले भी देखा गया

यह कॉन्सेप्ट सिर्फ लातविया तक सीमित नहीं है। 2022 में यूके की लौरा यंग तब वायरल हो गईं जब उन्होंने अपने पति जेम्स को घर-घर जाकर छोटे-मोटे काम करने के लिए किराए पर भेजना शुरू किया, ताकि घर में थोड़ी इनकम आ सके। उनके बिजनेस का नाम है “Rent My Handy Husband”, जिसमें घर के आम काम जैसे पेंटिंग, डेकोरेशन, टाइल लगाना, कारपेट बिछाना और दूसरे DIY काम शामिल हैं। 42 साल के जेम्स एक घंटे का लगभग 44 डॉलर और पूरे दिन का 280 डॉलर चार्ज करते हैं। यह सर्विस इतनी मशहूर हो गई कि कई कामों को मना भी करना पड़ा।

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