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खेल-जगत

आइसलैंड क्रिकेट का तंज— इंग्लैंड को ऑस्ट्रेलिया में जीतने के लिए चाहिए अगली सदी का इंतज़ार!

नई दिल्ली 
अपने चुटीले और व्यंग्यात्मक पोस्ट के लिए मशहूर आइसलैंड क्रिकेट ने एशेज सीरीज के बीच इंग्लैंड की टीम के मजे लिए हैं। ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया पर प्रतिबंध का जिक्र करते हुए मजेदार अंदाज में इंग्लैंड की टीम की चुटकी ली है। उसने लिखा है कि अब इस सदी में ऑस्ट्रेलिया को टेस्ट में हराना मुमकिन नहीं होगा। आइसलैंड क्रिकेट ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा है, 'हमारे पास अंग्रेजों के लिए बुरी खबर है। 16 वर्ष से कम के लोगों के लिए सोशल मीडिया बैन करने के ऑस्ट्रेलिया के फैसले के बाद अब उनके सारे प्रतिभाशाली युवा क्रिकेटर अब अपना सारा समय क्रिकेट को सीखने में समर्पित करने जा रहे हैं। अब इस सदी में ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट जीतना संभव नहीं होगा।'

एशेज के शुरुआती 2 टेस्ट हार चुका है इंग्लैंड
मौजूदा एशेज सीरीज के शुरुआती दोनों टेस्ट में इंग्लैंड को ऑस्ट्रेलिया के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा है। पहला टेस्ट तो 2 दिन में ही खत्म हो गया था। आइसलैंड क्रिकेट ने मौजूदा एशेज में इंग्लैंड के इस खराब प्रदर्शन और ऑस्ट्रेलिया में किशोरों के लिए सोशल मीडिया पर लगे बैन को जोड़ते हुए इंग्लिश की टीम को ट्रोल किया है।

ऑस्ट्रेलिया में बच्चे नहीं कर पाएंगे सोशल मीडिया का यूज
ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंध बुधवार से प्रभावी हो गया और देश के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने दुनिया में इस तरह के पहले सोशल मीडिया प्रतिबंध का स्वागत किया है। हालांकि, अल्बनीज ने आगाह किया है कि इसका कार्यान्वयन कठिन हो सकता है। अल्बनीज ने सार्वजनिक प्रसारक ‘ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन’ (एबीसी) को बुधवार को बताया, ‘आज वो दिन है जब ऑस्ट्रेलिया के परिवार इन बड़ी तकनीकी कंपनियों से अधिकार वापस ले रहे हैं और बच्चों के बच्चे होने के अधिकार और माता-पिता के मानसिक शांति के अधिकार पर जोर दे रहे हैं।’

सोशल मीडिया का बच्चों पर नकारात्मक असर के चलते फैसला
अल्बनीज ने बाद में सिडनी में सुधार समर्थकों की एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘यह सुधार जिंदगियां बदल देगा। ऑस्ट्रेलियाई बच्चों के लिए… उन्हें अपना बचपन जीने का मौका देगा। ऑस्ट्रेलिया के माता-पिता के लिए, उन्हें अधिक मानसिक शांति प्रदान करेगा। लेकिन वैश्विक समुदाय के लिए भी, जो ऑस्ट्रेलिया की ओर देख रहे हैं और कह रहे हैं: अगर ऑस्ट्रेलिया यह कर सकता है, तो हम क्यों नहीं?’
 
सोशल मीडिया कंपनियों पर सख्ती
फेसबुक, इंस्टाग्राम, किक, रेडिट, स्नैपचैट, थ्रेड्स, टिकटॉक, एक्स, यूट्यूब और ट्विच जैसे सोशल मीडिया मंच अगर 16 वर्ष से कम उम्र के ऑस्ट्रेलियाई बच्चों के अकाउंट को हटाने के लिए उचित कदम उठाने में विफल रहते हैं तो उन्हें बुधवार से 4.95 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (3.29 करोड़ अमेरिकी डॉलर) तक के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। अल्बनीज ने कहा कि सोशल मीडिया प्रतिबंध का कार्यान्वयन कठिन होगा। ऑस्ट्रेलिया क्रिसमस तक यह पुष्टि करेगा कि सोशल मीडिया पर प्रतिबंध कारगर साबित हो रहा है या नहीं।

 

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