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सरकार का इंडिगो पर सख्त कदम, 7 दिसंबर तक रिफंड लौटाने का आदेश, CEO पर गिरी गाज

  • इंडिगो को मंत्रालय का अल्टीमेटम: 7 दिसंबर तक यात्रियों को लौटाएं रिफंड
  • सरकार का इंडिगो पर सख्त कदम, 7 दिसंबर तक रिफंड लौटाने का आदेश, CEO पर गिरी गाज

 नई दिल्ली
नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने इंडिगो को सख्त निर्देश दिया है कि वह यात्रियों के सभी लंबित रिफंड बिना किसी देरी के तुरंत लौटा दे. मंत्रालय ने तय समयसीमा के साथ आदेश दिया है कि कैंसिल या बाधित हुई उड़ानों से जुड़े सभी रिफंड 7 दिसंबर, रविवार रात 8 बजे तक पूरी तरह निपटा दिए जाएं.

मंत्रालय ने एयरलाइंस को स्पष्ट निर्देश दिया है कि जिन यात्रियों की यात्रा फ्लाइट रद्द होने से प्रभावित हुई है, उनसे किसी भी प्रकार का री-शेड्यूलिंग शुल्क न लिया जाए. आदेश का पालन न करने पर तत्काल नियामकीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है.

स्पेशल पैसेंजर सपोर्ट एंड रिफंड सेल

उड़ानों में आई गड़बड़ियों के बाद यात्रियों की शिकायतों का तेज समाधान सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय ने इंडिगो को स्पेशल पैसेंजर सपोर्ट एंड रिफंड सेल बनाने को कहा है. ये सेल प्रभावित यात्रियों से खुद संपर्क करेंगे, ताकि रिफंड और वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था बिना बार-बार फॉलो-अप किए ही पूरी हो सके. जब तक संचालन पूरी तरह सामान्य नहीं होता, ऑटोमेटिक रिफंड सिस्टम जारी रहेगा.

सीईओ को हटाए जाने की तैयारी, एयरलाइंस पर पेनल्टी भी लगाई जाएगी

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो पिछले 3 दिनों से कड़ी आलोचना के घेरे में है जबरदस्त कैंसिलेशन, घंटों की देरी और देशभर के एयरपोर्ट्स पर अफरा तफरी ने एविएशन सिस्टम हिला दिया है. अब सरकार इस पूरे संकट को बेहद गंभीर मान रही है और पहले से ही नाराज यात्रियों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है.

सरकारी सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार इंडिगो सीईओ पीटर एल्बर्स (Peter Elbers) को हटाने की सिफारिश करने पर गंभीरता से विचार कर रही है. ऊपर से एयरलाइन पर भारी पेनल्टी की तैयारी है जिसे इंडस्ट्री में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा सकता है.

फ्लाइट कटौती पर भी बड़ा फैसला

सूत्रों के अनुसार सरकार एयरलाइन के ऑपरेशंस में सीधी कटौती करने जा रही है. इंडिगो की कई रूट्स पर फ्लाइट अलॉटमेंट कम कर दिए जाएंगे. एयरलाइन को केवल उतनी ही उड़ानें चलाने की अनुमति दी जाएगी जिनमें वह पूरा क्रू उपलब्ध करा सके. इस बीच आरोप यह भी है कि इंडिगो पिछले कई महीनों से जरूरत से ज्यादा भरा हुआ शेड्यूल चला रही थी. सरकार का मानना है कि ओवरस्ट्रेस्ड ऑपरेशंस ने ही इस बड़े ऑपरेशनल मेल्टडाउन को जन्म दिया जिसके कारण हजारों यात्रियों को तकलीफ उठानी पड़ी.
इंडिगो अधिकारियों को फिर बुलाया गया

हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि एयरलाइन के टॉप अधिकारी आज फिर से नागरिक उड्डयन मंत्रालय में तलब किए गए हैं. शाम 6 बजे एक और जरूरी मीटिंग होगी जिसमें मंत्रालय यह जानना चाहता है कि एयरलाइन ने हालात काबू में लाने के लिए अब तक क्या कदम उठाए हैं. अधिकारियों ने साफ संकेत दिया है कि अगर इंडिगो तुरंत सुधार नहीं दिखाती तो आगे की कार्रवाई और कड़ी होगी.
PMO को भी भेजी जाएगी विस्तृत रिपोर्ट

सूत्रों का कहना है कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय इस पूरे संकट पर प्रधानमंत्री कार्यालय को अलग से ब्रीफ करने की तैयारी कर चुका है. संकेत साफ हैं कि केंद्र सरकार इस बार मामले को हल्के में नहीं लेने वाली है. यात्रियों की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं और डीजीसीए पर कड़ा दबाव है कि वह तुरंत कार्रवाई करे. ऐसे में माना जा रहा है कि एयरलाइन के खिलाफ और भी कड़े कदम जल्द देखने को मिल सकते हैं.

बैगेज लौटाने के लिए 48 घंटे की समयसीमा

मंत्रालय ने इंडिगो को यह भी निर्देश दिया है कि कैंसिलेशन या देरी की वजह से यात्रियों से अलग हुए सभी बैगेज का पता लगाकर उसे 48 घंटे के भीतर यात्रियों के घर या दिए गए पते पर पहुंचाया जाए. इसके साथ ही एयरलाइंस को यात्रियों को बैगेज की स्थिति, उसकी ट्रैकिंग और डिलीवरी टाइमलाइन के बारे में स्पष्ट सूचना देने को कहा गया है. जरूरत पड़ने पर नियमों के अनुसार मुआवजा भी देना होगा.

मंत्रालय ने कहा है कि यात्रियों को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए निगरानी और व्यवस्था और मजबूत की गई है. वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग यात्रियों, छात्रों, मरीजों और जरूरी यात्रा कर रहे यात्रियों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है. मंत्रालय ने भरोसा दिया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जल्द से जल्द पूरी तरह सामान्य संचालन बहाल किया जाएगा.

 

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