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देश

सरकारी रिकॉर्ड में पुरानी गलती, आज बनी बड़ी परेशानी: बहुओं के SIR में क्यों अड़ रही 2003 की सूची?

देवास
मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य अंतिम चरण में है। देवास से लेकर प्रदेश के अन्य जिलों में उन बहुओं के एसआइआर की प्रक्रिया राह आसान नहीं रही जिनके नाम शादी से पहले मायके में 2003 की सूची में दर्ज नहीं थे। ससुराल में इनको 2003 की मतदाता सूची के हिसाब से माता-पिता या अन्य की जानकारी दर्ज करने के लिए मशक्कत करना पड़ रही क्योंकि कई बहुओं के माता-पिता के नाम गांव की मतदाता सूची में न होकर तीन से सात किमी दूर तक के दूसरे गांवों में शामिल हैं।
 
कई मायके वालों को भी इसका पता नहीं हैं, ऐसे में संबंधित बीएलओ से मदद मांगना पड़ रही है। हाल यह हैं कि कुछ जगह नए बीएलओ बने हैं तो उनको भी स्पष्ट रूप से इसका पता नहीं रहता, दो से चार दिन बार जवाब दिया जा रहा है।

प्रकरण-एक
    पुलिस लाइन क्षेत्र देवास निवासी आशीष सिंह का विवाह उप्र के रायबरेली जिले में सरेनी विधानसभा क्षेेत्र के गांव पूरे शिवबक्ससिंह में हुआ है।
    देवास में हो रही एसआईआर में पत्नी की माता बीना देवी या पिता रामप्रकाश की 2003 की सूची के हिसाब से विधानसभा क्रमांक, भाग संख्या, मतदाता क्रमांक की जानकारी दर्ज करना है।
    निर्वाचन आयोग के पोर्टल पर उपलब्ध गांव की मतदाता सूची में यह नाम नहीं मिल रहे थे। मायके वालों को भी इसके बारे में पता नहीं था क्योंकि हर चुनाव के दौरान उनके वोट गांव में ही डाले जाते थे।

बाद में क्षेत्र के बीएलओ का नंबर प्राप्त करके संपर्क किया गया तो पता चला कि नाम पूरे शिवबक्शसिंह नहीं बल्कि मथुरपुर की मतदाता सूची में शामिल हैं।
इसके बाद वहां की सूची आनलाइन खोलकर एक हजार से अधिक मतदाताओं में से नाम खोजा गया।
 
प्रकरण-दो
    मधुबन कॉलोनी निवासी संदीप सिंह का विवाह उप्र के फतेहपुर खागा विधानसभा के ऐलई गांव में हुआ है।
    उनकी पत्नी के माता-पिता के नाम जब इस गांव की 2003 की मतदाता सूची में ऑनलाइन सर्च किए गए तो नहीं मिल पाए।
    आसपास के कई गांवों की मतदाता सूची भी देखी गई लेकिन इनमें भी नाम नहीं था।
    इसके बाद रिश्तेदारों से संपर्क किया गया, उन्होंने भी अपने स्तर से नाम तलाश किए लेकिन नहीं मिले।
    पहले बीएलओ भी स्प्ष्ट जानकारी नहीं दे पाए, बाद में हरदो गांव का नाम बताया जो ऐलई से लगभग तीन किमी दूर है। हरदो की सूची चेक करने पर वहां नाम मिला।
 
देवास जिले में एसआईआर कार्य की स्थिति
विधानसभा कार्य पूर्ण शेष मतदाता
    देवास 95.92 11800
    सोनकच्छ 99.50 1200
    हाटपीपल्या 99.71 600
    खातेगांव 99.27 1800
    बागली 97.38 6800

(आंकड़े निर्वाचन शाखा देवास से प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार दोपहर की स्थिति में।)
 
एक नजर में एसआईआर प्रक्रिया
    05 विधानसभा क्षेत्र हैं जिले में।
    1426 है कुल मतदान केंद्रों की संख्या।
    1100 मतदान केंद्रों में पूरी हुई एसआईआर प्रक्रिया।
    98 प्रतिशत से अधिक कार्य हो चुका है जिले में पूर्ण।

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