<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
उत्तर प्रदेश

डबल डॉक्यूमेंट विवाद: दो पासपोर्ट मामले में अब्दुल्ला का फैसला कल, सात साल की सज़ा बना असर का कारण

रामपुर
सपा नेता आजम खान व उनके परिवार पर दो जन्म प्रमाण पत्र और दो पैन कार्ड के बाद अब दो पासपोर्ट के मामले पर लोगों की नजर है। इस मामले में सुनवाई पूरी हो चुकी है और न्यायालय ने फैसला सुरक्षित कर लिया है। शुक्रवार को फैसला सुनाया जाएगा। पासपोर्ट के मामले में अब्दुल्ला अकेले आरोपित हैं। इससे पहले दो जन्म प्रमाण पत्र में आजम खां, उनकी पत्नी और अब्दुल्ला को सजा हुई थी, जबकि दो पैन कार्ड मामले में आजम खां और अब्दुल्ला को सजा हुई थी। दो पैन कार्ड मामले में आजम खां और अब्दुल्ला जेल में बंद हैं।

सपा नेता आजम खान के बेटे अब्दुल्ला का राजनीतिक जीवन शुरू होते ही विवादों में घिर गया। वह दो बार विधायक बने, लेकिन दोनों बार विधायकी चली गई। वर्ष 2017 से राजनीति में कदम रखने के बाद वह ज्यादा दिन सत्ता का सुख हासिल नहीं कर पाए। अब तक तीन मुकदमों में सजा हो चुकी है। दो जन्म प्रमाण पत्र मामले में 17 माह जेल में भी बिताने पड़े।

जमानत पर बाहर आए तो 17 नवंबर को दो पैन कार्ड मामले में सजा हो गई। अब फिर से वह पिता के साथ जेल में बंद हैं। पिता की तरह ही अब्दुल्ला पर भी ताबड़तोड़ मुकदमे दर्ज हुए। सपा सरकार जाने के बाद वर्ष 2019 में जिले में 42 मुकदमे दर्ज हुए। साथ ही पुराने मुकदमों की फाइल भी खुल गई। इनमें एक मुकदमा मुरादाबाद के थाना छजलैट में वर्ष 2008 में दर्ज हुआ था।

इस तरह अब्दुल्ला को 43 मुकदमों का सामना करना पड़ा। वर्तमान में भी उनके खिलाफ 41 मुकदमे न्यायालय में विचाराधीन हैं। इनमें दो पासपोर्ट का मामला भी है, जिसमें शुक्रवार को फैसला आना है। इस फैसले को जानने के लिए सभी उत्सुक हैं।

पासपोर्ट मामले में अकेले अब्दुल्ला के आरोपित होने पर सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संदीप सक्सेना का कहना है कि अब्दुल्ला ने अपने पिता मोहम्मद आजम खां के साथ सुनियोजित षड्यंत्र के अन्तर्गत चुनाव नामांकन में आयु संबंधी अयोग्यता छिपाने के लिए कूटरचित मिथ्या विवरण व दस्तावेज प्रस्तुत कर पैन कार्ड संख्या DWAPK7513R जन्म तिथि 30 सितंबर 1990 का बनवाया और नामांकन पत्र में आयु संबंधी अयोग्यता पूर्ण कर अवैध लाभ प्राप्त करने के लिए प्रयोग में लाया गया। इस कारण पैन कार्ड मामले में आजम खां और अब्दुल्ला दोनों मुलजिम बनाए गए थे, जबकि अलग-अलग जन्मतिथि से बने दोनों पासपोर्ट का प्रयोग अब्दुल्ला ने अकेले किया था। उनके द्वारा विदेश यात्राएं की गईं, जिसके कारण वह अकेले आरोपित बनाए गए।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button