<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
स्वस्थ-जगत

पेट की फैट और किडनी स्वास्थ्य का कनेक्शन: स्टडी में बताया गया सही कमर माप

मुंबई 

 मोटापा की स्थिति तब मानी जाती है, जब शरीर में फैट इस सीमा तक बढ़ जाता है कि वह स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने लगता है और उसके कारण आप अपनी डेली लाइफस्टाइल के काम नहीं कर पाएं. एक्सपर्ट के मुताबिक, बॉडी मास इंडेक्स (BMI) अगर 30 या इससे अधिक है, तो इसे मोटापा माना जाता है. वैसे तो मोटापे के कारण कई बीमारियां हो सकती हैं लेकिन हाल ही में BMC Nephrology जर्नल में पब्लिश स्टडी में दावा किया गया है कि सिर्फ वजन बढ़ना या मोटापे तक सीमित नहीं है बल्कि आपके कमर की चर्बी आपकी किडनी को भी नुकसान पहुंचा सकती है.

क्या कहती है स्टडी?

स्टडी में वैज्ञानिकों ने इस बात को जानने की कोशिश की कि कमर और ऊंचाई का अनुपात (Waist-to-Height Ratio, WHtR), किडनी की कार्यक्षमता में तेजी से गिरावट (Rapid Kidney Function Decline, RKFD) और गुर्दे की दीर्घकालीन बीमारी (Chronic Kidney Disease, CKD) के बीच क्या संबंध है.

इस स्टडी में 4374 लोगों को शामिल किया गया था जिनकी किडनी की स्थिति स्टडी से पहले नॉर्मल थी. फिर हर इंसान की कमर और ऊंचाई का अनुपात निकाला गया और उन्हें लगभग चार साल तक फॉलो किया गया. स्टडी के दौरान देखा गया कि किन लोगों की किडनी की प्रोडक्टिविटी में गिरावट (RKFD) आई है और किन लोगों को क्रोनिक किडनी डिसीज (CKD) की समस्या हुई है.

रिसर्च के रिजल्ट में सामने आया कि जिन लोगों का कमर और ऊंचाई का अनुपात अधिक था, उनमें किडनी फंक्शन गिरने का खतरा 30% तक बढ़ गया और CKD का खतरा लगभग 50% अधिक था.

वहीं जिन लोगों की कमर का अनुपात सबसे अधिक था, उनमें CKD का रिस्क कमर के सबसे कम कमर वाले ग्रुप के मुकाबले करीब 4 गुना अधिक पाया गया था. रिसर्चर्स ने यह भी बताया कि कमर और ऊंचाई का अनुपात, किसी व्यक्ति में किडनी डिजीज का खतरा जानने के लिए बीएमआई से कहीं ज्यादा सटीक है.

क्या पाया वैज्ञानिकों ने

वैज्ञानिकों को पता चला कि पेट की चर्बी सिर्फ मोटापे का नहीं बल्कि किडनी डिजीज का भी बड़ा कारण बन सकती है. चीन में की गई इस रिसर्च के नतीजे बताते हैं कि अगर आपकी कमर आपकी ऊंचाई के मुकाबले ज्यादा है तो आपकी किडनी की प्रोडक्टिविटी धीरे-धीरे घट सकती है और आगे चलकर CKD जैसी गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ सकता है.

बीएमआई नहीं है सटीक पैमाना

वैज्ञानिकों के मुताबिक, आम तौर पर लोग अपने स्वास्थ्य का आकलन BMI से करते हैं लेकिन बीएमआई केवल वजन और लंबाई के हिसाब से मोटापा बताता है, वह यह नहीं बताता कि शरीर में फैट कहां जमा है.

अब ऐसे में यदि किसी के पेट के चारों ओर अधिक चर्बी जमा है तो वह सबसे नुकसान पहुंचाती है क्योंकि इसके कारण हाई ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर को बढ़ाने की क्षमता होती है और यह मेटाबॉलिक सिस्टम को बिगाड़ देती है.

कितना होना चाहिए कमर का साइज?

स्टडी में यह भी देखा गया कमर और ऊंचाई का अनुपात और किडनी की प्रोडक्टिविटी में कमी के बीच सीधा-सीधा संबंध है. यानी जैसे-जैसे पेट की चर्बी बढ़ेगी, वैसे-वैसे किडनी की सेहत गिरती जाएगी. वैज्ञानिकों ने सुझाव दिया कि अगर किसी व्यक्ति का कमर और ऊंचाई का अनुपात 0.50 से ज्यादा है यानी आपकी कमर आपकी ऊंचाई के आधे से अधिक तो उसे अपनी लाइफस्टाइल और डाइट पर तुरंत ध्यान देना चाहिए.

उदाहरण के लिए यदि आपकी ऊंचाई 170 सेमी है तो आपकी कमर 85 सेमी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. यह छोटा-सा पैमाना आपकी किडनी की उम्र बढ़ा सकता है.

हालांकि यह रिसर्च केवल चीन की आबादी पर आधारित थी और इसकी अवधि करीब चार साल की थी इसलिए इसे पूरी दुनिया की जनसंख्या पर लागू नहीं किया जा सकता. इसके बावजूद, यह एक मजबूत सबूत देता है कि पेट की चर्बी से शरीर के अंदर की हेल्थ पर भी लागू होती है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button