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छत्तीसगड़

सुरक्षा में लापरवाही, भिलाई इस्पात संयंत्र ने दो महाप्रबंधकों को किया निलंबित, अन्य अफसरों को दी चेतावनी

दुर्ग

भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के शीर्ष प्रबंधन ने बीते कुछ समय में कार्यस्थल पर हुए कर्मचारियों की मृत्यु और घायल होने की घटना को गंभीरता से लेते हुए कड़ा रुख अपनाया है. सिंटर प्लांट-3 के महाप्रबंधक शंकर मोरी और उर्जा प्रबंधन विभाग के महाप्रबंधक सुब्रमणि रमणी को निलंबित कर दिया है. इसके अलावा उर्जा प्रबंधन विभाग के दो कार्यपालकों को चेतावनी पत्र जारी किया है. वहीं दो महाप्रबंधकों को एडवाइजरी पत्र प्रदान किए गए हैं.

जीरो टॉलरेंस की नीति
प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि असुरक्षित कार्य और असुरक्षित कार्यप्रणाली के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पहले की तरह आगे भी कड़ाई से लागू रहेगी.  सुरक्षा संस्कृति को मजबूत बनाना प्रत्येक स्तर पर सामूहिक उत्तरदायित्व है, और किसी भी प्रकार की लापरवाही या असुरक्षित व्यवहार को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा. इसी संदर्भ में दुर्घटना-जनित परिस्थितियों और सुरक्षा संबंधी चूक की गंभीरता को देखते हुए कठोर प्रशासनिक कदम उठाए गए हैं.

सभी घटनाओं का मूल कारण विश्लेषण किया गया है, ताकि प्रत्येक पहलू का तथ्यपरक मूल्यांकन हो सके. साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए आवश्यक सुधारात्मक और निवारक उपायों की रूपरेखा तैयार कर संबंधित विभागों को कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं.

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