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मध्यप्रदेश

भारत की ताकत, गांवों-पंचायतों और जनसामान्य की सामूहिक शक्ति में निहित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

खेत तालाबों के निर्माण में श्रेष्ठ कार्य के लिए अनूपपुर और बालाघाट को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिलों के कलेक्टर एवं अधिकारियों को किया गया सम्मानित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आत्मनिर्भर पंचायत-समृद्ध मध्यप्रदेश विषय पर आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का किया शुभारंभ

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय व्यवस्था की मूल आत्मा स्थानीय स्वशासन रही है। हमारे यहां शासन गांव से शुरू होकर राष्ट्र की ओर बढ़ने वाला रहा है। इसी का परिणाम है कि भारतीय चिंतन में गांव को स्वराज और आत्मनिर्भरता की प्रथम इकाई माना गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब आत्मनिर्भर भारत और सुशासन का दृष्टिकोण रखा, तब उन्होंने स्पष्ट कहा था कि भारत की ताकत उसके गांवों, पंचायतों और जनसामान्य की सामूहिक शक्ति में निहित है। आत्मनिर्भर पंचायत-समृद्ध मध्यप्रदेश विषय पर आयोजित यह वर्कशॉप, ग्राम स्वराज, स्थानीय आत्मनिर्भरता और विकसित भारत@2047 के लिए उठाया गया निर्णायक कदम है। गर्व का विषय है कि पंचायतों को प्रशासनिक रूप से दक्ष, वित्तीय रूप से सक्षम और सामुदायिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की ठोस रणनीति तैयार करने की इस यात्रा का नेतृत्व प्रदेश के पंचायत प्रतिनिधि कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पंचायत संस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। जिला पंचायत और जनपद पंचायतों के उपाध्यक्ष अभी शिक्षा समितियों के अध्यक्ष होते हैं, लेकिन निरीक्षण के दौरान उनके सुझावों को शामिल नहीं किया जाता है। लेकिन अब उनके द्वारा किए विद्यालय के निरीक्षण और सुझावों को लिपिबद्ध किया जाएगा और शासन इन्हें अमल में लेकर कार्य करेगा। राज्य सरकार ने सरपंचों को पंचायत की गतिविधियों के लिए 25 लाख रूपए तक की राशि खर्च करने का अधिकार दिया है। यह तो केवल शुरुआत है, इस दिशा में आगे भी और पहल की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पंचायतों को आत्मनिर्भर व समृद्ध बनाने के लिए आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित कार्यशाला का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना वाटर शेड विकास 2.0 के अंतर्गत वॉटर शेड महोत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों, सहयोगी संस्थाओं और नॉलेज पार्टनर संस्थाओं को पुरस्कृत भी किया। पुरस्कृत अधिकारियों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव का समूह चित्र भी हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने स्मृति चिन्ह भेंट किया। कार्यशाला में पंचायत और ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह सहित बड़ी संख्या में जन-प्रतिनिधि, विषय-विशेषज्ञ व प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग कि यह कार्यशाला 26 नवंबर तक चलेगी।

पंचायतें निवेश और निवास की बेहतर व्यवस्था के लिए बनाएं मास्टर प्लान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान में पुरस्कार प्राप्त करने वाले अधिकारी-कर्मचारी और संगठनों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पंचायतों को पीने के पानी का प्रबंध करने का अधिकार दिया है। पंचायतें विकास का संकल्प लेकर आगे बढ़ें। निवेश और निवास की बेहतर व्यवस्था के लिए मास्टर प्लान बनाएं। इसकी शुरुआत विदिशा जिले से की जा रही है। राज्य सरकार किसानों को सोलर पंप योजना के माध्यम से लाभ पहुंचा रही है। अगर कोई किसान तीन हॉर्स पावर से 5 हॉर्स पावर तक का सोलर पंप लेता है तो उसे 90 प्रतिशत का अनुदान मिलेगा। पंचायतें इस योजना को भी आगे बढ़ाएं। राज्य सरकार किसानों को बिजली के लिए आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। प्रदेश सरकार ने पंचायतों के माध्यम से एक बगिया मां के नाम की शुरुआत की है। इस दिशा में भी ग्राम स्तर पर कार्य करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय कार्यक्रम में पधारे जिला पंचायत प्रतिनिधियों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में जिला, जनपद और ग्राम पंचायतों को बनाया जा रहा है सशक्त
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश के गठन के बाद से इस कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में विभानसभा सत्र आयोजित होते थे, हमारी इच्छा है कि आप सभी (पंचायत प्रतिनिधि) नई विधानसभा तक पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा है कि आत्मनिर्भर भारत के लिए हमारी पंचायतें भी आत्मनिर्भर बने। उनके मार्गदर्शन में जिला पंचायत, जनपद पंचायत और ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाया जा रहा है। गत वर्ष के समान दूसरे सम्मेलन का आयोजन कर पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार ने आपको आमंत्रित किया है। राज्य सरकार पंचायतों के समग्र विकास के लिए हर कदम पर साथ खड़ी है।

जिला, जनपद और पंचायत प्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक : मंत्री पटेल
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि यह राज्य स्तरीय कार्यशाला त्रि-स्तरीय पंचायत व्यवस्था बेहतर क्रियान्वयन के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। विकास और जनकल्याण गतिविधियों के बेहतर संचालन के लिए पंचायत प्रतिनिधियों और जिला जनपद अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। भारत में परम्परागत रूप से ग्राम विकास की व्यवस्था समाज और सरकार की संयुक्त भागीदारी पर आधारित थी। वर्तमान में भी गतिविधियों के बेहतर संचालन के लिए सामुदायिक सहभागिता आवश्यक है। मंत्री पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की हर पंचायत में दिसम्बर 2026 तक शमशान घाट और उसके लिए सभी बुनियादी सुविधाएं जुटाने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पांचवें वित्त की राशि 6 हजार करोड़ की गई है, जो वर्तमान में पंचायतों के विकास का आधार बनी है। प्रदेश के दूरदराज के गांव पीएम जनमन योजना से पक्की सड़क से जुड़ रहे हैं। हमारा प्रदेश पीएम जनमन और पीएम आवास में देश में अग्रणी है। मंत्री पटेल ने कहा कि पंचायतों को आत्मनिर्भरता को केवल आर्थिक सम्पन्नता और स्वतंत्रता के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। गांवों में बीमारियां न हों, स्वच्छता के हरसंभव उपाय हों, गांव नशामुक्त हों, गांव में आपसी विवाद न हों और सामाजिक बुराइयों को रोकने में ग्राम पंचायतें सामूहिक इच्छा शक्ति के साथ कार्य करें, यह भी आदर्श आत्मनिर्भर पंचायत के लिए आवश्यक है।

जल गंगा संवर्धन अभियान में श्रेष्ठ कार्य करने वालों का हुआ सम्मान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत श्रेष्ठ कार्य करने वाले जिलों और सहयोगी संगठनों के अधिकारियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समग्र रूप से श्रेष्ठ कार्य करने वाले जिलों, खेत तालाबों के निर्माण में श्रेष्ठ कार्य करने वाले जिलों और जनपदों तथा सहयोगी संगठनों के अधिकारियों को सम्मान-पत्र सौंपे। समग्र रूप से श्रेष्ठ कार्य करने वाले जिलों की श्रेणी में खण्डवा जिले ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। रायसेन द्वितीय और बालाघाट ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। खेत तालाबों के निर्माण में श्रेष्ठ कार्य करने वाले जिलों की श्रेणी में अनूपपुर और बालाघाट को सम्मानित किया गया। अनूपपुर जिले के जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ ने भी खेत-तालाबों के निर्माण में जनपदों के श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त किया। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत सहयोग प्रदान करने वाले अन्य सहयोगियों संगठनों को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद, राजीव गांधी जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन मिशन, मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड तथा नॉलेज पार्टनर संस्थाओं क्रमश: प्रदान और टीआरआई के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया।

 

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