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फ़िल्म जगत

अभिनेत्री कुब्रासैत ब्रह्मपुत्र में करती आत्मा को रीसेट, 12 दिन की यात्रा शुरू

मुंबई
 अभिनेत्री कुब्रा सैत अपने जीवन के सबसे रोमांचक निजी सफ़र में से एक के लिए तैयार हैं और वो है 1 दिसंबर से शुरू होने वाली शक्तिशाली ब्रह्मपुत्र नदी पर 12 दिन की राफ्टिंग एक्सपीडिशन। अपनी फिल्मों 'देवा', 'सन ऑफ सरदार 2' और 'द ट्रायल सीज़न 2' में अपने प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद, अब कुब्रा स्क्रीन से दूर जंगलों की ओर रुख कर रही हैं, उस सपने की ओर जिसे वह पिछले सात वर्षों से अपने दिल में संजोए हुए थीं। अपने इस अनुभव को वे पागलपन से भरा अनुभव बताते हुए कहती हैं, "यह सपना तब शुरू हुआ जब मैंने पहली बार उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के पास काली नदी में राफ्टिंग की और तब से यह मेरी बकेट लिस्ट में है। मुझे यकीन है पिछली बार की तरह इस बार भी यह एक पागलपन भरा अनुभव होने वाला है।” वैसे पिछले साल उन्होंने तंजानिया में माउंट किलिमंजारो फतह किया था, जिसे वे रोमांचक और रौंगटे खड़े कर देने वाला अनुभव बताती हैं। 

इस नए सफ़र के लिए कुब्रा जल्द ही असम के डिब्रूगढ़ पहुंचनेवाली हैं, जहाँ से वे अपने एक्सपीडिशन ग्रुप के साथ आगे बढ़ेंगी और पैडलिंग, राफ्टिंग और नदी किनारे टेंट में रातें बिताएंगी। उनकी माने तो उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती और इनाम, यही होगा कि वे अपने आराम को पीछे छोड़कर प्रकृति से सीधा सामंजस्य स्थापित करें। वे बताते हैं, “ऐसे अभियानों में असली डर का सामना करने से मेरे करियर की चुनौतियाँ बहुत छोटी लगने लगती हैं।

जब आप प्रकृति की परीक्षा से गुजर चुके होते हैं, तो प्रोजेक्ट के न चलने या उन्हें न स्वीकारे जाने का डर नहीं रह जाता। यह एक हार्ड रीसेट जैसा है, कोई ताम-झाम नहीं, सिर्फ फोकस और ग्राउंडिंग।” गंगा राफ्टिंग के दौरान अपने सीखे दर्शन को वे याद करते हुए कहती हैं, "‘गो विद द फ्लो’ का असली मतलब मैंने गंगा राफ़्टिंग के दौरान ही समझा था, जहां नदी किसी के लिए नहीं रुकती। जब आपके पास फोन नहीं होता और आप प्रकृति के बीच होते हैं, तो सन्नाटा भी अनुभव का हिस्सा बन जाता है। लंबे अभियानों में न नेटवर्क होता है, न कोई ध्यान भटकाने वाली चीज़, बस आपका प्रकृति से रिश्ता गहरा होता चला जाता है।”

अपने गुज़रे समय को पीछे मुड़कर वे मुस्कुराते हुए देखती हैं और कहती हैं, "यह साल कई ‘पहलों’ से भरा रहा और इसकी शुरुआत मेरी गर्ल गैंग के साथ महाकुंभ यात्रा से हुई थी।" फिलहाल कुब्रा के प्रोफेशनल मोर्चे की बात करें तो वे अपनी अगली रोमांचक रिलीज़ के लिए तैयार हैं, जिनमें डेविड धवन की 'है जवानी तो इश्क होना है' और प्रकाश झा की 'लाल बत्ती' फ़िल्में शामिल हैं।

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