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देश

भारतीय सेना ने खरीदा BvS10 सिंधु ऑल-टेरेन व्हीकल, L&T–BAE के साथ हुआ समझौता

 नई दिल्ली

भारतीय सेना ने लंबे इंतजार के बाद एक बड़ा कदम उठाया है. सेना ने लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (L&T) और BAE सिस्टम्स के साथ BvS10 सिंधु नाम के ऑल-टेरेन व्हीकल (AATV) की खरीद के लिए समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. यह अनुबंध 19 नवंबर 2025 को हुआ है. L&T कंपनी BAE सिस्टम्स के साथ मिलकर इनका निर्माण करेगी.

यह वाहन विशेष रूप से भारत की जरूरतों के लिए तैयार किया गया है. इसे हिमालय जैसे ऊंचे इलाकों, रेगिस्तान, दलदली जमीन और पानी में चलाने के लिए डिजाइन किया गया है. BvS10 सिंधु BAE सिस्टम्स के मूल BvS10 प्लेटफॉर्म का अपग्रेडेड वर्जन है, जिसे भारत के लिए अनुकूलित किया गया है.

अनुबंध की मुख्य बातें

L&T कंपनी गुजरात के हजीरा में स्थित अपने आर्मर्ड सिस्टम्स कॉम्प्लेक्स में इन वाहनों का निर्माण करेगी. BAE सिस्टम्स हैग्लुंड्स (स्वीडन) कंपनी तकनीकी और डिजाइन सहायता देगी, जो मूल BvS10 की निर्माता है. यह एशिया में BvS10 का पहला बड़ा ऑर्डर है. अनुबंध में कितने वाहनों की संख्या और कीमत का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन यह भारतीय सेना की क्षमता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है.

BvS10 सिंधु वाहन की विशेषताएं

BvS10 सिंधु एक आर्टिकुलेटेड (दो हिस्सों वाला) ऑल-टेरेन बख्तरबंद वाहन है, जो जमीन, पानी और बर्फ पर चल सकता है. यहां इसकी मुख्य स्पेसिफिकेशन हैं…

    इंजन: 5.9 लीटर इन-लाइन सिक्स-सिलेंडर टर्बो डीजल इंजन (कमिंस कंपनी का), जो 250-285 हॉर्सपावर पैदा करता है.
    स्पीड: जमीन पर 65 किमी/घंटा तक, पानी में 5 किमी/घंटा.
    वजन: करीब 10,500 किलोग्राम (लड़ाई के लिए तैयार).
    पेलोड क्षमता: 5-8 टन तक सामान या हथियार ले जा सकता है.
    क्षमता: 14 सैनिकों तक बैठा सकता है.
    आकार: लंबाई 8 मीटर, चौड़ाई 2.2 मीटर, ऊंचाई 2.5 मीटर.
    क्षमताएं: 45 डिग्री की चढ़ाई चढ़ सकता है. 2 मीटर की खाई पार कर सकता है. बर्फ और दलदल में आसानी से चलता है. यह एम्फीबियस है यानी पानी में तैर सकता है.

यह वाहन ठंडे मौसम और कठिन इलाकों के लिए बनाया गया है, जो लद्दाख और हिमालय जैसे क्षेत्रों में भारतीय सेना के लिए बहुत उपयोगी होगा.

क्यों जरूरी है यह अनुबंध?

भारतीय सेना को ऊंचे पहाड़ी इलाकों में सैनिकों और सामान को ले जाने के लिए मजबूत वाहनों की जरूरत है. BvS10 सिंधु जैसे वाहन दुश्मन के हमलों से बचाते हैं. तेजी से मूवमेंट करने में मदद करते हैं. यह मेक इन इंडिया कार्यक्रम का हिस्सा है, क्योंकि वाहन भारत में ही बनेंगे. इससे रोजगार बढ़ेगा और देश की रक्षा क्षमता मजबूत होगी.

L&T पहले भी K9 वज्र-टी जैसे हथियार बना चुकी है, जो हजीरा में ही बनते हैं. BAE सिस्टम्स दुनिया की बड़ी रक्षा कंपनी है, जो कई देशों को ऐसे वाहन सप्लाई करती है. यह अनुबंध भारतीय सेना को और मजबूत बनाएगा. सीमा पर चुनौतियों से निपटने में मदद करेगा.

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