<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
देश

कृषि क्षेत्र में आएगा बड़ा बदलाव, किसानों को समृद्ध बनाएगा AI: नितिन गडकरी का बयान

नागपुर 
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) किसानों को समृद्ध बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है और इससे उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलती है। नागपुर में आयोजित हुए एग्रोविजन 2025 में बोलते हुए गडकरी ने कहा कि आज के समय पर खेती में तेजी से एआई का उपयोग हो रहा है। इससे पहले पता चल जाता है कि फसल में कौन-से कीड़े लगने वाले हैं, कौन-सी बीमारी लग सकती है, मिट्टी को कौन-सी खाद की आवश्यकता है, कितने पानी की जरूरत है और इससे उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलती है। उन्होंने आगे कहा कि हमने हाल ही संतरे का एक सेमिनार रखा था, जिसमें देश-विदेश की तकनीक बताई गई। उसमें 250 रुपए का प्रवेश शुल्क रखा गया था और इसमें 650 से ज्यादा किसान आए थे। इससे क्षेत्र में संतरा उत्पादकता में बड़ा लाभ हुआ है।
उन्होंने आगे कहा कि 16 वर्षों से यह कृषि प्रदर्शनी हो रही है। इससे हजारों किसानों को लाभ हो रहा है। पहले विदर्भ किसान आत्महत्याओं का क्षेत्र बन गया था। किसानों को इस संकट से बाहर निकालने के लिए प्रदर्शनी को शुरू किया गया था। उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए और उन्हें सक्षम बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक और कृषि विकास की दिशा में काम करना जरूरी था।
मीडिया से बातचीत करते हुए कि एआई से किसानों को बड़े स्तर पर फायदा होगा। इससे कौन-सी बीमारी लग सकती है। इसका पहले ही पता लग जाएगा। कौन-से एनपीके की जरूरत इसका भी अनुमान लगा जा सकती है और वहीं, कितना पानी देना है। इसकी भी जानकारी मिल सकती है।
उन्होंने आगे कहा कि कृषि से जुड़े उपकरणों में तेजी से बदलाव हो रहा है। अब सीएनजी और इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर का चलन तेजी से बढ़ रहा है।
भारत का खाद्यान्न उत्पादन बीते 10 वर्षों में 106 मिलियन टन बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 357.73 मिलियन टन हो गया है, जो कि वित्त वर्ष 2015-16 में 251.54 मिलियन टन था।
सरकार के मुताबिक, चावल उत्पादन बढ़कर 1,501.84 लाख टन हो गया है, जो कि पिछले साल के उत्पादन 1,378.25 लाख टन से 123.59 लाख टन अधिक है।
गेहूं का उत्पादन भी बढ़कर 1,179.45 लाख टन हो गया है, जो कि पिछले साल के उत्पादन 1,132.92 लाख टन से 46.53 लाख टन अधिक है।
मूंग का उत्पादन बढ़कर 42.44 लाख टन, सोयाबीन का 152.68 लाख टन और मूंगफली का 119.42 लाख टन हो गया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button