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छत्तीसगड़

कैबिनेट की बैठक सम्पन्न, महत्वपूर्ण निर्णयों पर लगी मुहर

रायपुर

धान खरीदी की शुरुआत से पहले आज साय कैबिनेट की बैठक हुई. यह बैठक मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में की गई, जिसमें कई अहम फैसलों पर मुहर लगी है.

देखिए कैबिनेट बैठक के महत्वपूर्ण फैसले

    मंत्रिपरिषद द्वारा खरीफ एवं रबी विपणन मौसम में दलहन-तिलहन फसल के उपार्जन हेतु पूर्व वर्ष की भांति ‘‘प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान‘‘ प्राईस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) के तहत उपार्जन किए जाने का निर्णय लिया गया. यहां यह उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान अंतर्गत खरीफ विपणन मौसम में अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली एवं सोयाबीन तथा रबी मौसम में दलहन-तिलहन फसल जैसे चना, सरसों, मसूर का उपार्जन समर्थन मूल्य पर किया जाता है. दलहन-तिलहन का समर्थन मूल्य पर उपार्जन की व्यवस्था प्रदेश की मंडियों में होने से बाजार में प्रतिस्पर्धा बनी रहती है, जिसके कारण कृषकों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त होने की संभावना होती है.

    मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन करते हुए सार्वजनिक उपक्रम विभाग को वाणिज्य और उद्योग विभाग में और बीस सूत्रीय कार्यान्वयन विभाग का संविलियन योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया. यह निर्णय शासकीय कार्य में सुशासन को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है. इसका उद्देश्य ‘‘मिनिमम गवर्मेंट मैक्सिमम गवर्नेंस‘‘ का क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है.

    मंत्रिपरिषद ने राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु बैंकों तथा वित्तीय संस्थाओं हेतु स्वीकृत 15 हजार करोड़ रूपए की शासकीय प्रत्याभूति को खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए पुनर्वेधीकरण करने के साथ ही विपणन संघ को अतिरिक्त शासकीय प्रत्याभूति राशि रूपये 11,200 करोड़ प्रदाय किए जाने का निर्णय लिया.

    मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य प्रवर्तित दीनदयाल आवास योजना, अटल आवास योजना, अटल विहार योजना एवं नवा रायपुर मुख्यमंत्री आवास योजना हेतु पूर्व में जारी नियम एवं शर्तों में पात्रता हेतु निम्नलिखित अतिरिक्त प्रावधानों का समावेश कर विक्रय की अनुमति प्रदान की गई.

अ) ईडब्ल्यूएस एवं एलआईजी भवनों, फ्लैटों के विक्रय हेतु 03 बार विज्ञापन होने के पश्चात अविक्रित भवनों को, पात्र हितग्राही के अतिरिक्त किसी भी आय वर्ग के हितग्राही को विक्रय किया जा सकता है, परन्तु ऐसे हितग्राहियों को शासन द्वारा स्वीकृत अनुदान की पात्रता नही होगी. अनुदान की पात्रता केवल निर्धारित आय वर्ग के हितग्राही को ही होगी.

ब) ईडब्ल्यूएस एवं एलआईजी भवनों, फ्लैटों के विक्रय हेतु 03 बार विज्ञापन होने के पश्चात अविक्रित भवनों को एकल व्यक्ति या शासकीय/अर्धशासकीय अथवा निजी संस्थाओं द्वारा एक से अधिक संपत्ति क्रय करने का (Bulk Purchase) प्रस्ताव दिया जाता है, तो एकल व्यक्ति या शासकीय/अर्धशासकीय अथवा निजी संस्था के नाम पर एक से अधिक भवनों को मांग अनुसार विक्रय किया जा सकेगा, परन्तु इन्हें शासन द्वारा स्वीकृत अनुदान की पात्रता नही होगी. इस निर्णय का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक हितग्राहियों को इसका लाभ मिले.

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