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उत्तर प्रदेश

विशेष आर्टिकल :विकसित भारत @2047 की ओर: उत्तर प्रदेश का समर्थ और स्वावलंबी सफर

विशेष आर्टिकल : विकसित भारत @2047: समर्थ और विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान

लखनऊ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत @2047' के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 'समर्थ उत्तर प्रदेश – विकसित उत्तर प्रदेश @2047: समृद्धि का शताब्दी परिव' अभियान की शुरुआत की है। यह अभियान न केवल राज्य को 2047 तक विकसित बनाने का ब्लूप्रिंट है, बल्कि एक जन आंदोलन के रूप में उभर चुका है, जिसमें 57 लाख से अधिक नागरिकों ने सुझाव दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू यह अभियान तीन मुख्य थीम्स – आर्थिक शक्ति, सृजन शक्ति और जीवन शक्ति – पर आधारित है, जो 12 क्षेत्रों (कृषि, उद्योग, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि) को कवर करता है। आइए, जानें कैसे यह अभियान उत्तर प्रदेश को आर्थिक महाशक्ति बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा रहा है, लोगों की जिंदगियां बदल रहा है, और भाजपा सरकार का यह कदम लाखों को लाभ पहुंचा रहा है।

अभियान का ब्लूप्रिंट: एक नजर में

'विकसित भारत @2047' उत्तर प्रदेश के संदर्भ में 'विकसित यूपी @2047' के रूप में लागू हो रहा है, जिसका लक्ष्य है राज्य की जीडीपी को 9.3% से बढ़ाकर 16% करना, और 2047 तक 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना। अभियान की शुरुआत 3 सितंबर 2025 को लोक भवन में हुई, जहां 400 से अधिक विशेषज्ञों ने कार्यशाला में भाग लिया। मुख्य घटक:

थीम फोकस क्षेत्र लक्ष्य 2047 तक

आर्थिक शक्ति कृषि, उद्योग, निवेश, पर्यटन 16% वार्षिक विकास दर, 20% रोजगार वृद्धि

सृजन शक्ति आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, हरित विकास विश्व स्तरीय सड़कें, सोलर सिटी, AI-आधारित स्मार्ट गांव

जीवन शक्ति स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा जीरो पॉवर्टी, 100% साक्षरता, डिजिटल स्वास्थ्य कवरेज

अभियान के तहत 75 जिलों में नोडल अधिकारी, बुद्धिजीवी और जनप्रतिनिधियों ने सुझाव एकत्र किए, जो अब विजन डॉक्यूमेंट का आधार बनेंगे।

अभियान से प्रदेश में विकास: आंकड़ों की चमकती तस्वीर

2017 से पहले 'बीमारू' राज्य के रूप में जाना जाने वाला उत्तर प्रदेश आज विकास का इंजन बन चुका है। 'विकसित यूपी @2047' अभियान ने इस गति को और तेज किया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार:

• आर्थिक वृद्धि: 2017-25 में जीडीपी 2.5 गुना बढ़ी, 2025-47 के लिए 16% विकास दर का लक्ष्य। राज्य 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनेगा।

• रोजगार सृजन: 40 लाख+ नई नौकरियां, ग्रामीण युवाओं के लिए 49.86 लाख टैबलेट/स्मार्टफोन वितरित।

• इंफ्रास्ट्रक्चर: 95+ संस्थानों को NAAC मान्यता, 67 को राष्ट्रीय रैंकिंग। ग्रामीण सड़कें दोगुनी, 240 करोड़ पौधे लगाए गए।

• सामाजिक विकास: शून्य गरीबी का लक्ष्य, स्वास्थ्य और शिक्षा में 100% कवरेज। 24-घंटे विधानसभा बहस में सभी विभागों ने 2025-47 का रोडमैप पेश किया।

यह अभियान न केवल सरकारी प्रयास है, बल्कि जन भागीदारी का प्रतीक है – 57 लाख सुझावों से विजन डॉक्यूमेंट तैयार हो रहा है।

अभियान से बदली जिंदगियां: प्रेरक सफलता कहानियां

'विकसित यूपी @2047' ने साधारण लोगों को सशक्त बनाया है। यहां कुछ चुनिंदा कहानियां हैं:

• अयोध्या की मेयर गिरीश पति त्रिपाठी: अभियान के तहत अयोध्या को सोलर सिटी बनाने पर फोकस। नॉन-टैक्स रेवेन्यू दोगुना, करोड़ों पर्यटकों के लिए स्वच्छ पर्यावरण। "अभियान ने हमें तकनीक-आधारित विकास का रोडमैप दिया," वे कहती हैं।

• मथुरा के महावन नगर पंचायत अध्यक्ष मंजू देवी: 10,000 की आबादी वाले क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति। ग्रामीण युवाओं को उच्च शिक्षा का अवसर, प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि। "अभियान ने हमारे छोटे गांव को वैश्विक सपनों से जोड़ा," मंजू बताती हैं।

• ग्रामीण युवा उद्यमी रामू (फर्जाबाद): अभियान के सुझावों से कृषि-आधारित स्टार्टअप शुरू, 20 युवाओं को रोजगार। पहले मजदूरी, अब मासिक ₹50,000 आय। "विकसित यूपी ने मेरी किस्मत पलट दी," रामू कहते हैं।

ये कहानियां दर्शाती हैं कि अभियान ने ग्रामीण से शहरी तक, हर स्तर पर बदलाव लाया – जीरो पॉवर्टी से लेकर डिजिटल इंडिया तक।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रेरक भाषण: अभियान को जन आंदोलन बनाने का संकल्प

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभियान को बार-बार 'समृद्धि का शताब्दी परिव' बताया है। उनके प्रमुख भाषण:

• 3 सितंबर 2025 (लॉन्च पर, लोक भवन): "यदि उत्तर प्रदेश 8 वर्षों में बीमारू से विकास इंजन बन सकता है, तो 2047 तक विकसित राज्य बनना संभव है। यह अभियान हर नागरिक को विकास का साझेदार बनाएगा।" उन्होंने IIT कानपुर की चर्चाओं का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य फिर से ज्ञान और उद्योग का केंद्र बनेगा।

• 14 अगस्त 2025 (24-घंटे विधानसभा बहस समापन): "विकसित भारत तभी संभव जब हर राज्य अपनी जिम्मेदारी निभाए। उत्तर प्रदेश इस मिशन का अग्रदूत बनेगा। विजन-2047 दस्तावेज 25 करोड़ लोगों की आकांक्षाओं का आईना है।" उन्होंने 1947-2017 की समीक्षा और 2017-2047 का रोडमैप पेश किया।

• 26 सितंबर 2025 (57,000 ग्राम प्रधानों को संबोधन): "ग्राम प्रधान अभियान के सच्चे वास्तुकार हैं। ग्रामोदय से राष्ट्रोदय तक की यात्रा में गांव-गांव सुझाव लाएं।"

ये उद्गार योगी जी की दृष्टि को दर्शाते हैं, जहां विकास समावेशी और जन-केंद्रित है।

भाजपा सरकार का सराहनीय कदम: लाखों लाभार्थी, राष्ट्रीय मॉडल

भाजपा सरकार का यह अभियान लाखों लोगों का सहारा बन चुका है। 53 लाख+ सुझाव, 57,000 ग्राम प्रधानों की भागीदारी, और 400+ विशेषज्ञों की कार्यशालाएं – ये आंकड़े साबित करते हैं कि बड़े पैमाने पर लाभ हो रहा है। 'वोकल फॉर लोकल' को बढ़ावा, सिंगल-यूज प्लास्टिक प्रतिबंध, और 36 करोड़ पौधरोपण जैसे कदम पर्यावरणीय विकास सुनिश्चित कर रहे हैं। यह योजना न केवल उत्तर प्रदेश को मजबूत कर रही, बल्कि विकसित भारत के लिए मॉडल भी बन रही है – पारदर्शी, डिजिटल और जन-भागीदारी आधारित।

निष्कर्ष: विकसित यूपी @2047 – सपनों का साकार रूप

'समर्थ उत्तर प्रदेश – विकसित उत्तर प्रदेश @2047' अभियान उत्तर प्रदेश को वैश्विक नेता बनाने की दिशा में मील का पत्थर है। 57 लाख सुझावों से तैयार विजन डॉक्यूमेंट न केवल विकास का रोडमैप है, बल्कि लाखों लोगों की बदली किस्मत का प्रमाण। योगी सरकार ने साबित किया कि जब जनता साझेदार बने, तो असंभव भी संभव हो जाता है। आइए, हम सब मिलकर इस शताब्दी संकल्प को साकार करें। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल पर जाएं।

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