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मध्यप्रदेश

अन्नकूट महोत्सव: रणजीत हनुमान मंदिर में 30 अक्टूबर को विशेष प्रसादी, 101 मंदिरों तक पहुंचेगी भोग सामग्री

इंदौर 

इंदौर के पश्चिम क्षेत्र में स्थिति प्राचीन रणजीत हनुमान मंदिर में 30 अक्टूबर को चलित अन्नकूट महोत्सव का आयोजन होगा। इसमें 50 हजार से ज्यादा भक्तों के लिए भोजन प्रसादी बनेगी।29 अक्टूबर को भट्टी पूजन के साथ प्रसादी बनाने की शुरुआत की जाएगी। अन्नकूट के लिए पूड़ी, सब्जी, नुक्ती और भजिए बनाए जाएंगे। पैकेट से लोग प्रसादी ले सकेंगे।

एक दिन पहले होगी भोजन प्रसादी की शुरुआत मंदिर में ही भक्त मिलकर सब्जी काटने का काम सहित अन्य काम करेंगे। रणजीत हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी पं.दीपेश व्यास ने बताया कि 29 अक्टूबर को सुबह भट्टी पूजन किया जाएगा। जिसके बाद भक्तों के लिए भोजन प्रसादी बनाने की शुरुआत होगी।

50 हजार भक्तों के लिए इतना सामान लगेगा
आटा 50 क्विंटल
बेसन 16 क्विंटल
शक्कर 10-11 क्विंटल
सब्जी

60 क्विंटल

मूंगफली का तेल

130 डिब्बे
शुद्ध घी 55 डिब्बे

 

101 मंदिरों में जाएगा मंदिर से भोग पं.व्यास ने बताया कि 30 अक्टूबर को बाबा का भव्य शृंगार किया जाएगा। छप्पन भोग बाबा को अर्पित किए जाएंगे। 6.30 बजे बाबा की आरती के साथ चलित अन्नकूट महोत्सव की शुरुआत होगी।

रणजीत हनुमान मंदिर से परंपरागत रूप से शहर के 101 मंदिरों में भोग भेजा जाएगा। वहीं, शाम से चलिए अन्नकूट महोत्सव की शुरुआत होगी जो देर रात तक जारी रहेगा। हालांकि, चलित भंडारा होने से यहां आने वाले भक्तों को भी परेशानी नहीं होगी।

10-15 मिनट में मिल जाएगी प्रसादी

पंडित दीपेश ने बताया कि मंदिर के ग्राउंड में पहले बैठाकर प्रसादी खिलाई जाती थी, जिसके कारण मंदिर के बाहर लोगों की काफी भीड़ जमा हो जाती थी। धक्का-मुक्की, भगदड़ जैसी स्थिति बन जाती थी। हालांकि पिछले समय हुई कुछ अप्रिय घटनाओं के बाद से यहां की व्यवस्थाओं में बदलाव किया है।

चलित व्यवस्था होने से लोगों को 4-4 घंटे लाइन में लगने की जरूरत नहीं पड़ेगी। 10 से 15 मिनट में भक्तों का नंबर आ जाएगा और वे आसानी से भोजन प्रसादी ले सकेंगे।

साथ ही महिला-पुरुषों की लाइन भी अलग-अलग रहेगी। बता दें, अन्नकूट में कोई सामग्री दान करना चाहे या राशि देने चाहे तो वह काउंटर पर दे सकता है।

अलग-अलग काउंटर पर रहेगी व्यवस्था मंदिर के मैदान में ही अलग-अलग काउंटर की व्यवस्था रहेगी। जिसमें भक्त मंडल के करीब 500 सदस्य भी व्यवस्था संभालेंगे। यहां आने वाले भक्तों को एक काउंटर से पैकेट मिलेगा।

जिसके बाद अगले काउंटर पर पूड़ी, उसके बाद सब्जी, उसके बाद नुक्ती और उसके बाद भजिए पैकेट में मिलेंगे। इसके बाद भक्त वहां से पैकेट को अपने घर भी ले सकते है या बाहर खड़े होकर खा भी सकते हैं। व्यवस्था संभालने के लिए भक्त मंडल के सदस्यों के साथ ही सिक्योरिटी गार्ड और पुलिस-प्रशासन की व्यवस्था रहेगी।

 

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