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खेल-जगत

भारत को मिली बड़ी जिम्मेदारी: अहमदाबाद बनेगा कॉमनवेल्थ गेम्स 2020 का मेजबान शहर

नई दिल्ली
एग्जीक्यूटिव बोर्ड ऑफ कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स ने भारत के अहमदाबाद को 2030 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी देने की सिफारिश की है। मेजबानी का यह प्रस्ताव अब फुल कॉमनवेल्थ गेम्स मेंबरशिप के सामने रखा जाएगा। अगर ग्लासगो में फैसला भारत के पक्ष में आता है, भारत दूसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा। दरअसल, 26 नवंबर 2025 को ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स महासभा आयोजित है। इसी महासभा में मेजबानी का अंतिम फैसला लिया जाएगा। अगर ऐसा होता है तो भारत दूसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा। भारत ने इससे पहले 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की थी। वहीं, गृहमंत्री अमित शाह ने एक्स हैंडल पर लिखकर देशवासियों को बधाई दी है।
 
    कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स की एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स के कार्यकारी बोर्ड ने आज पुष्टि की है कि वह 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भारत के अहमदाबाद को प्रस्तावित मेजबानी शहर के रूप में अनुशंसित करेगा।     इसमें आगे कहा गया है, अहमदाबाद (जिसे भारतीय राज्य गुजरात में अहमदाबाद के नाम से भी जाना जाता है) को अब पूर्ण राष्ट्रमंडल खेल सदस्यता के लिए प्रस्तावित किया जाएगा, जिसका अंतिम निर्णय 26 नवंबर को ग्लासगो में राष्ट्रमंडल खेल महासभा में लिया जाएगा।

नियमों का किया गया पालन
राष्ट्रमंडल खेल मूल्यांकन समिति ने एक विस्तृत प्रक्रिया का पालन करने के बाद अहमदाबाद की सिफारिश की है। इस समिति ने तकनीकी पहलूओं, एथलीट के अनुभव, बुनियादी ढांचे, शासन और राष्ट्रमंडल खेलों के मूल्यों के आधार पर यह फैसला लिया है। 

नाइजीरिया को छोड़ा पीछे
गौरतलब हो कि आयोजकों की रेस में भारत ने नाइजीरिया को पीछे छोड़ा है। बता दें कि साल 1930 में कनाडा के हैमिल्टन शहर में राष्ट्रमंडल खेलों की शुरुआत हुई थी। ऐसे में 2030 में होने वाला राष्ट्रमंडल खेल एक ऐतिहासिक पल होगा। भारत का राष्ट्रमंडल खेलों का इतिहास गौरवपूर्ण रहा है। बर्मिंघम 2022 में मेडल टैली में भारत चौथे स्थान पर रहा था।

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