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देश

Quad को लेकर ट्रंप की बातों पर भारत का ऐक्शन! ऑस्ट्रेलिया संग हुई बड़ी डिफेंस डील

नई दिल्ली

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इन दिनों ऑस्‍ट्रेलिया के दौरे पर हैं, जहां तीन बड़े रक्षा समझौते किए गए हैं. भारत ने क्‍वाड (Quad) पर कैनबरा से अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप को करारा जवाब दिया है. ट्रंप ने क्‍वाड में अमेरिकी भागीदारी पर उदासीनता को कई बार स्‍पष्‍ट रूप से जताया है. वहीं, भारत क्‍वाड के अन्‍य सदस्‍य देशों (ऑस्‍ट्रेलिया और जापान) के साथ ही इस जोन के अन्‍य महत्‍वपूर्ण देशों (जैसे दक्षिण कोरिया) के साथ अपने रक्षा और रणनीतिक संबंधों को नई ऊंचाई दे रहा है. बता दें कि हिन्‍द-प्रशांत क्षेत्र में चीन की आक्रामक गत‍िविधियों पर लगाम लगाने के लिए Quad का गठन किया गया था. इसमें भारत के साथ ही अमेरिका, ऑस्‍ट्रेलिया और जापान शामिल हैं. ट्रंड की नीतियों के चलते इसपर ग्रहण सा लगता दिख रहा था, जिसे भारत अब कूटनीतिक ईंधन देकर उसे एक सशक्‍त फोरम बनाने में जुटा है.

अमेरिका के पूर्व राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप प्रशासन की Indo-Pacific नीति और Quad के प्रति घटती रुचि के बीच भारत और ऑस्‍ट्रेलिया ने गुरुवार को अपने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को नई मजबूती देने की दिशा में तीन महत्‍वपूर्ण समझौते किए. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके ऑस्‍ट्रेलियाई समकक्ष रिचर्ड मार्ल्‍स के बीच कैनबरा में हुई प्रतिनिधिमंडल-स्तरीय वार्ता के बाद दोनों देशों ने गोपनीय सूचनाओं के आदान-प्रदान, पनडुब्‍बी खोज एवं बचाव सहयोग, और ज्‍वाइंट स्‍टाफ डायलॉग मेकेनिज्‍म की स्‍थापना से जुड़े तीन समझौतों पर हस्ताक्षर किए. इसके अलावा दोनों देशों ने एक संयुक्त समुद्री सुरक्षा सहयोग रोडमैप तैयार करने और दीर्घकालिक रक्षा एवं सुरक्षा ढांचा समझौता पर भी जल्‍द हस्ताक्षर करने पर सहमति जताई. यह नया ढांचा वर्ष 2009 में हुए साझा सुरक्षा घोषणा पत्र की जगह लेगा.
भारत लगातार मजबूत कर रहा रिश्‍ते

राजनाथ सिंह की यह यात्रा 2014 में NDA सरकार के सत्ता में आने के बाद किसी भारतीय रक्षा मंत्री की पहली ऑस्‍ट्रेलिया यात्रा है. यह ऐसे समय में हुई है, जब भारत अमेरिका के साथ व्यापारिक तनाव और नीति असंतुलन के बीच जापान, ऑस्‍ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया और फिलीपींस जैसे क्षेत्रीय साझेदारों के साथ अपने रक्षा संबंधों को सशक्‍त कर रहा है. मार्ल्‍स ने पहले कहा था कि चीन भारत और ऑस्‍ट्रेलिया दोनों के लिए सबसे बड़ा सुरक्षा खतरा है. बैठक में दोनों मंत्रियों ने इस बात पर जोर दिया कि Indo-Pacific क्षेत्र में स्वतंत्र, खुले, स्थिर और समृद्ध माहौल को बनाए रखने के लिए क्षेत्रीय साझेदारों के साथ सहयोग बढ़ाना जरूरी है. दोनों देशों ने समुद्री मार्गों की स्वतंत्र आवाजाही, उड़ान और निर्बाध व्यापार के महत्व को भी दोहराया.
रणनीतिक तौर पर अहम

भारत-जापान के हालिया सुरक्षा सहयोग समझौते के बाद यह बैठक Quad देशों (भारत, ऑस्‍ट्रेलिया, अमेरिका और जापान) के बीच बढ़ते रक्षा तालमेल की दिशा में एक और अहम कदम मानी जा रही है. आने वाले महीने में होने वाले मालाबार नौसैनिक अभ्यास से पहले दोनों देशों ने समुद्री निगरानी और डोमेन अवेयरनेस पर सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी जताई. राजनाथ सिंह ने कहा, ‘हमने भारत-ऑस्‍ट्रेलिया के रक्षा उद्योग, साइबर सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय चुनौतियों पर व्यापक चर्चा की. हमने अपने व्यापक रणनीतिक साझेदारी की महत्ता को दोहराया.’ उन्‍होंने आतंकवाद पर भारत की सख्‍त नीति दोहराते हुए कहा, ‘आतंक और वार्ता साथ नहीं चल सकते, आतंक और व्‍यापार साथ नहीं चल सकते, पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते.’ राजनाथ सिंह ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सभी प्रकार के आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की अपील की.

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