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उत्तर प्रदेश

रियल एस्टेट क्षेत्र में योगी सरकार ने स्थापित किया नया कीर्तिमान

 ई-नीलामी में लखनऊ, कानपुर, आगरा समेत 7 से अधिक जिलों की संपत्तियां शामिल

पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन व पारदर्शी होने से बढ़ा निवेशकों का भरोसा, ई-नीलामी में जमकर लिया हिस्सा

विकास कार्यों और जनता के लिए किफायती आवास उपलब्ध कराने में किया जाएगा धन का उपयोग

लखनऊ,

विजयदशमी के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद ने योगी सरकार के कुशल नेतृत्व में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। परिषद द्वारा 30 सितंबर 2025 को आयोजित मेगा ई-नीलामी ने रियल एस्टेट क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस नीलामी के माध्यम से परिषद को लगभग ₹1168.43 करोड़ की आय प्राप्त होने की संभावना है, जो अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। यह सफलता योगी सरकार की पारदर्शी नीतियों और निवेशकों के बीच बढ़ते विश्वास का प्रमाण है।

इस मेगा ई-नीलामी में उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों जैसे लखनऊ, कानपुर, आगरा, अलीगढ़, मुरादाबाद, गाजियाबाद, और कासगंज आदि महत्वपूर्ण जिलों में स्थित कुल 992 संपत्तियों (391 आवासीय और 601 अनावासीय) को प्रस्तावित किया गया था। इनमें व्यावसायिक भूखंड, ग्रुप हाउसिंग प्लॉट्स, संस्थागत भूखंड, और आईटी सिटी प्लॉट्स के साथ-साथ आवासीय संपत्तियां शामिल थीं। नीलामी की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से संपन्न किया गया। पंजीकरण प्रक्रिया 18 सितंबर 2025 से शुरू होकर डिजिटल ऑक्शन पोर्टल के माध्यम से सुगम बनाई गई थी।

योगी सरकार के प्रभावी प्रचार-प्रसार और तकनीकी पारदर्शिता के कारण निवेशकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्रतिस्पर्धात्मक बोलियां लगाईं। इस नीलामी में निवेशकों का भारी उत्साह न केवल परिषद की विश्वसनीयता को मजबूत किया है, बल्कि प्रदेश में निवेश के अनुकूल माहौल को भी दर्शाता है। मेगा ई-नीलामी से प्राप्त होने वाली ₹1168.43 करोड़ की संभावित आय का उपयोग परिषद द्वारा नई आवासीय योजनाओं, आधारभूत संरचना विकास और जनता के लिए किफायती आवास उपलब्ध कराने में किया जाएगा। यह उपलब्धि योगी सरकार की उस नीति को बल देती है, जो प्रदेश को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्यरत है।

उत्तर प्रदेश में निवेशकों का बढ़ रहा विश्वास
नीलामी न केवल परिषद की आम जनमानस एवं निवेशकों के बीच लोकप्रियता एवं विश्वास का प्रतीक है, बल्कि प्रदेश में निवेश वातावरण को और अधिक प्रोत्साहन देने वाली है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि सरकारी आवासीय / अनावासीय योजनाएं अब निवेशकों के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प बन चुकी हैं। इस प्रकार उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद द्वारा विजयदशमी के अवसर पर संपन्न कराई गई यह मेगा ई-नीलामी आर्थिक दृष्टि से ऐतिहासिक सफलता है, जिससे संभावित ₹1168 करोड़ की आय परिषद और प्रदेश दोनों की आर्थिक सुदृढ़ता को नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होगी ।

प्रदेश में दिख रहा योगी सरकार की नीतियों का असर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने पारदर्शी प्रशासन और निवेश-अनुकूल नीतियों का असर साफ दिख रहा है। यह वजह है कि योगी सरकार ने रियल एस्टेट क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं। यह मेगा ई-नीलामी न केवल परिषद की लोकप्रियता का प्रतीक है, बल्कि प्रदेश में आर्थिक समृद्धि और विकास के नए द्वार खोलने वाली है। विजयदशमी के अवसर पर प्राप्त यह उपलब्धि योगी सरकार की प्रतिबद्धता और जनकल्याणकारी योजनाओं की सफलता का एक और उदाहरण है। यह नीलामी न केवल परिषद के लिए, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण है, जो राज्य की आर्थिक सुदृढ़ता को नई दिशा प्रदान करेगा।

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