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फ़िल्म जगत

रणदीप हुड्डा बने ‘पृथ्वीराज योद्धास’ के सह-मालिक, आर्चरी प्रीमियर लीग में होगी नई पारी की शुरुआत

मुंबई,

 बॉलीवुड स्टार रणदीप हुड्डा अपनी पत्नी एवं पूर्व राष्ट्रीय स्तर की तीरंदाज़ लिन लैशराम के साथ अब खेल की दुनिया में कदम रखने जा रहे हैं। रणदीप और लिन ने दूरदर्शी लीडर डॉ. विकास गर्ग के साथ मिलकर दिल्ली की टीम 'पृथ्वीराज योद्धास' के को-ओनर्स बनने की घोषणा की है। यह टीम पहली बार आयोजित होने जा रही आर्चरी प्रीमियर लीग (एपीएल ) में हिस्सा लेगी, जो 02 अक्टूबर से 12 अक्टूबर 2025 तक यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित की जाएगी।

लिन के लिए यह कदम सिर्फ एक नया बिज़नस नहीं, बल्कि उस खेल में वापसी है जिसने उनके बचपन को दिशा दी। अपने पिता से प्रेरित होकर, जो मणिपुर आर्चरी एसोसिएशन के अध्यक्ष थे, लिन ने दस साल की उम्र में तीरंदाज़ी शुरू की और अपनी पहली सब-जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में हिस्सा लिया। इसके बाद उन्होंने टाटा आर्चरी अकादमी में ट्रेनिंग ली, कई मेडल जीते और 1998 में जूनियर नेशनल चैंपियन बनीं। चोट के कारण उन्होंने खेल से दूरी बना ली, लेकिन तीरंदाज़ी के प्रति उनका प्यार कभी खत्म नहीं हुआ।

रणदीप हुड्डा ने कहा, तीरंदाज़ी हमेशा से लिन के जीवन का हिस्सा रही है, और अब उन्हें इस खेल में फिर से जुड़ते देखना बेहद सुखद है। हमारा मकसद इन युवा खिलाड़ियों को सपोर्ट करना और भारत में आर्चरी को और करीब लाना है। इस तरह की लीग्स से नए टैलेंट को इंटरनेशनल खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिलता है, जिससे भारत का टैलेंट पूल और मज़बूत होता है और हम अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं जीत सकते हैं।"

लिन लैशराम ने अपने भाव साझा करते हुए कहा, "आर्चरी ने मुझे बहुत कुछ सिखाया अनुशासन, धैर्य और दृढ़ता। भले ही मुझे प्रतिस्पर्धात्मक तीरंदाज़ी छोड़नी पड़ी, लेकिन खेल के प्रति मेरा प्यार कभी खत्म नहीं हुआ। अब एक टीम ओनर के रूप में वापसी करना और युवा तीरंदाजों को प्रोत्साहित करना मेरे लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। मैं चाहती हूं कि और लोग, खासकर लड़कियां, धनुष और बाण उठाएं और इस खेल का आनंद लें।"

 

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